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Kamadeva Story: आखिर क्यों महादेव ने प्रेम के देवता कामदेव को कर दिया था भस्म? होली से जुड़ी है पौराणिक कथा

Kamadeva and Rati Story: होली का त्योहार केवल रंगों और उल्लास तक सीमित नहीं है. यह प्रेम, त्याग और पुनर्जन्म का भी प्रतीक माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा के दिन ही प्रेम के देवता कामदेव को नया जीवन मिला था. लेकिन सवाल यह है कि उन्हें भस्म क्यों किया गया और फिर होली के दिन ही क्यों पुनर्जीवन मिला? आइए इस कथा को आसान शब्दों में जानते हैं.

तारकासुर के वरदान से जुड़ा संकट

पुराणों के अनुसार, असुर तारकासुर ने कठोर तपस्या से ऐसा वरदान पाया था कि उसका वध केवल भगवान शिव के पुत्र द्वारा ही संभव था. उस समय भगवान शिव गहन तपस्या में लीन थे. माता सती के देह त्याग के बाद वे संसार से विरक्त हो चुके थे. ऐसे में देवताओं के लिए समस्या खड़ी हो गई. देवताओं ने सोचा कि यदि शिव और पार्वती का विवाह हो जाए, तो उनके पुत्र से तारकासुर का अंत संभव होगा. लेकिन शिव की समाधि भंग करना आसान नहीं था.

रति और कामदेव से जुड़ी है कथा 

देवताओं के अनुरोध पर कामदेव ने हस्तक्षेप किया. उन्होंने अपने प्रेम-बाण से शिव की तपस्या भंग करने का प्रयास किया. जैसे ही पुष्प बाण चला, शिव की समाधि टूटी. यह देखकर शिव अत्यंत क्रोधित हो गए. उन्होंने अपना तीसरा नेत्र खोला और उसकी ज्वाला से कामदेव भस्म हो गए. पल भर में प्रेम का देवता राख बन गया. कामदेव की पत्नी रति अपने पति की मृत्यु से टूट गईं. 

उन्होंने शिव से क्षमा मांगी और पति को वापस जीवन देने की प्रार्थना की. माता पार्वती ने भी रति के दुःख को समझा और शिव से करुणा दिखाने का अनुरोध किया. मान्यता है कि जिस दिन कामदेव भस्म हुए, उसी दिन से होलाष्टक की शुरुआत मानी जाती है. रति ने कई सालों तक तपस्या की और शिव को प्रसन्न किया.

फाल्गुन पूर्णिमा पर मिला नया जीवन

रति की तपस्या और पार्वती के आग्रह से प्रसन्न होकर शिव ने फाल्गुन पूर्णिमा के दिन कामदेव को पुनर्जीवन का वरदान दिया. हालांकि उन्हें भौतिक शरीर नहीं मिला. वे अनंग, यानी बिना शरीर के, केवल भावना और प्रेम के रूप में जीवित हुए. इसी कारण होली को प्रेम और नई शुरुआत का पर्व माना जाता है। होली की अग्नि अहंकार और नकारात्मकता को जलाने का प्रतीक है. वहीं रंग जीवन में प्रेम और सौहार्द भरते हैं.

होली और प्रेम का गहरा अर्थ

यह कथा बताती है कि प्रेम कभी नष्ट नहीं होता. उसका स्वरूप बदल सकता है, लेकिन उसका अस्तित्व बना रहता है. इसलिए होली केवल सामाजिक पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक संदेश भी देती है. फाल्गुन पूर्णिमा की होली प्रेम, त्याग और पुनर्जन्म का प्रतीक मानी जाती है.

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मध्य पूर्व में युद्ध के बीच गृह मंत्रालय का राज्यों को अलर्ट, विरोध प्रदर्शनों पर सतर्क रहने के निर्देश

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध जैसे हालात के मद्देनजर केंद्र सरकार ने देशभर में कानून-व्यवस्था को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर ईरान के समर्थन या विरोध में संभावित प्रदर्शनों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

गृह मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर देश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल सकता है। ऐसे में यदि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ईरान के पक्ष या विपक्ष में प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं, तो स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

पत्र में यह भी आगाह किया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व या संगठित समूह प्रदर्शनों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी किसी भी संभावित सुनियोजित साजिश को विफल करने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक संदेशों पर भी नजर रखी जाए, ताकि अफवाहों के जरिए तनाव फैलाने की कोशिशों को समय रहते रोका जा सके। साथ ही, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यकतानुसार एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है।

केंद्र सरकार ने दोहराया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को सख्ती से निपटा जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से समन्वय बनाए रखते हुए शांति और सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

बता दें कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार सख्त प्रतिबंध लगाए लगा रही है। लोग अयातुल्ला खामेनेई के पक्ष में एकजुट होकर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका असर राज्यों की कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है।

वहीं जम्मू-कश्मीर में घाटी के कई इलाकों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। श्रीनगर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Arjun Tendulkar Saaniya Chandhok Wedding: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के घर में शहनाइयां गूंजी हैं। उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर शादी के बंधन में बंध चुके हैं। मुंबई में आयोजित समारोह में अर्जुन ने सानिया चंडोक के साथ सात फेरे लिए। Thu, 05 Mar 2026 14:59:38 +0530

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