ईरान ने इजरायल में मचा दी तबाही, मौके पर मौजूद News Nation के Reporter ने बताई आंखों देखी
मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक और तनावपूर्ण बने हुए हैं. ईरान लगातार इजराइल पर मिसाइल हमले कर रहा है. तेल अवीव, हाइफा और यरुशलम जैसे शहर हमलों की जद में हैं. कई मिसाइलें सुरक्षा सिस्टम को चकमा देकर रिहायशी इलाकों में गिरी हैं, जिससे जनहानि हुई है. यरुशलम के आसपास हुए हमलों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है. लोग डर के कारण बंकरों में शरण लेने को मजबूर हैं. हमारे सहयोगी मदुरेंद्र कुमार ने ग्राउंड जीरो से वहां के मौजूदा हालात के बारे में बताया है.
इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम जैसे आयरन डोम और पैट्रियट सक्रिय हैं, लेकिन सभी मिसाइलों को रोका नहीं जा सका. दूसरी ओर, अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर शुरुआती 30 घंटों में 1000 से ज्यादा ठिकानों पर करीब 2000 बम गिराए हैं. इसके बावजूद ईरान की सत्ता व्यवस्था पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है और नए नेतृत्व की तैयारी शुरू हो गई है.
अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले
इराक के इरबिल में अमेरिकी बेस पर ड्रोन हमला किया गया है. लेबनान में हिजबुल्ला भी सक्रिय हो गया है और उत्तरी इजराइल में तनाव बढ़ गया है. बहरीन, कुवैत और यूएई में भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इस बढ़ते संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है.
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन, छात्रों ने जताया विरोध
अलीगढ़, 2 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल-अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर भारत में विरोध लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने अपना दुख और गुस्सा जाहिर किया।
विश्वविद्यालय परिसर के अंदर स्थानीय लोग भी छात्रों के विरोध में शामिल हुए। एक प्रदर्शनकारी ने आईएएनएस से कहा, मैं नौ साल तक ईरान में रहा। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद हमने दोपहर में और फिर रात में प्रदर्शन किया। हम आगे भी विरोध करते रहेंगे और अपनी आवाज उठाएंगे।
प्रदर्शनकारी ने कहा, मैं इजरायल और अमेरिका को बताना चाहता हूं कि ईरान पर उनके हमले का मतलब यह नहीं है कि देश खत्म हो जाएगा। ईरान मजबूती से खड़ा रहेगा और मजबूती से जवाब देगा। खामेनेई ने दिखा दिया है कि वह कभी नहीं झुकेंगे।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम यहां खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे इंसानियत के नेता थे।
इससे पहले, राजधानी लखनऊ में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर आए और खामेनेई की मौत पर दुख व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने पुराना लखनऊ के बाजार तीन दिनों तक बंद रखने का भी फैसला लिया। ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा को भी इस अवधि के दौरान बंद रखने का निर्णय लिया गया।
शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हम सभी इंसानियत पसंद लोगों से अपील करते हैं कि वे इस गम के मौके पर अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करें।
शिया समुदाय के सदस्यों ने बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा पर खामेनेई के पोस्टर लगाए। शोक के प्रतीक के रूप में काले झंडे फहराए गए और कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। विरोध के प्रतीक के तौर पर छोटा इमामबाड़ा के मुख्य द्वार पर इजरायल और अमेरिकी झंडे जमीन पर रखे गए।
--आईएएनएस
डीसीएच/
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