MLC Elections में Congress को मिली शून्य सीटें, BJP नेताओं ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बुधवार को कहा कि विधान परिषद की 28 सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला। भाजपा की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस तंज के तुरंत बाद आई, जिसमें उन्होंने मतपत्रों से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस के बेहद खराब प्रदर्शन पर निशाना साधा था। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की इन 28 उच्च सदन सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था, जिनके नतीजे बुधवार को सामने आए।
तंज कसने की शुरुआत खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर एक तीखे पोस्ट के साथ की। उन्होंने लिखा, ‘‘28 में से कितनी सीट जीतीं कांग्रेस ने? ‘0’।
बैलेट बॉक्स, इस्तीफा दो।’’ शाह ने इसके साथ एक चुटीला कार्टून-ग्राफिक साझा किया जिसमें सफेद कुर्ता-पाजामा पहने एक व्यक्ति पीछे की तरफ से बैठा नजर आ रहा है, जिसके हाथ में एक तख्ती है जिस पर लिखा है-‘बैलेट बॉक्स, इस्तीफा दो’। उसके सामने एक बोर्ड पर छपा है-‘एमएलसी चुनाव परिणाम: कांग्रेस - 0’, और ठीक बगल में रोता हुआ एक उदास बैलेट बॉक्स खड़ा है। ईवीएम पर लगातार सवाल उठाने वाली विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुटकी ली, ‘‘आर्यभट्ट ने कांग्रेस द्वारा जीती गई सीट की संख्या गिनने के लिए ही 0 का आविष्कार किया था।’’ उन्होंने ‘‘राहुल, ज़ूम इन’’ और ‘‘आप बैलेट पेपर पर भी हार गए’’ संदेश वाला एक ग्राफिक साझा किया, जिसमें दो उंगलियों के बीच एक बेहद सूक्ष्म चमकती हुई चीज को देखने की कोशिश की जा रही है।
इधर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को एक पेट्रोल पंप पर खड़े दिखाते हुए मीम पोस्ट किया, जिसका शीर्षक था-‘‘जीरो चेक कर लो भाई!’’। इस तस्वीर में ‘डिस्पेंसर’ के स्क्रीन पर चुनाव वाले चारों राज्यों के आगे ‘0.00’ की डिजिटल रीडिंग चमक रही थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने सियासी हमला बोलते हुए कहा, ‘‘एमएलसी की 28 सीट पर मतपत्र से हुए चुनाव में कांग्रेस को ‘0’ सीट मिलीं!
समस्या न तो ईवीएम है, न निर्वाचन आयोग और न ही मतत्रप में... समस्या कांग्रेस की अराजक नीति, भ्रष्टाचार की नीयत और असफल व दिशाहीन नेतृत्व है!’’ दरअसल, मजाक की बाढ़ प्रधानमंत्री मोदी के उस सोशल मीडिया पोस्ट के ठीक बाद आई जिसमें उन्होंने मतपत्र के बावजूद कांग्रेस के पिछड़ने पर चुटकी ली थी। मोदी ने लिखा, ‘‘4 बड़े राज्यों - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीट पर एमएलसी चुनाव हुए। चुनाव मतपत्र का इस्तेमाल करके कराए गए थे।
Siang Dam विवाद: AITF ने शांति बहाली के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई
अरुणाचल प्रदेश की जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सामुदायिक संगठनों के शीर्ष निकाय ‘अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम’ (एआईटीएफ) ने प्रस्तावित विशाल बांध परियोजना को लेकर तनाव के बीच सियांग क्षेत्र में बातचीत को बढ़ावा देने और शांति बहाल करने के लिए बुधवार को एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की। ईटानगर स्थित अरुणाचल प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एआईटीएफ के महासचिव तापी ताई ने कहा कि पासीघाट और गेकू में हाल में हुई हिंसक घटनाओं के बाद जमीनी स्थिति का आकलन करने और सौहार्दपूर्ण समाधान की संभावनाएं तलाशने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि एआईटीएफ की शांति समिति विभिन्न मूल निवासी समुदायों के प्रतिनिधियों से बनी है जो उच्चस्तरीय समिति के तहत काम करेगी।
यह समिति संबंधित पक्षों से बातचीत करेगी और उनके बीच संवाद की कमी दूर करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘समिति तटस्थ और स्वतंत्र दृष्टिकोण अपनाएगी। उसका एकमात्र उद्देश्य सियांग क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखना होगा।’’ पासीघाट और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती का कड़ा विरोध करते हुए एआईटीएफ ने राज्य सरकार के स्थिति से निपटने के तरीके की आलोचना की और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के बजाय बातचीत की अपनी मांग दोहराई।
मंच ने कहा कि उसने पहले भी सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के बजाय प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत करने का आग्रह किया था। उसने कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए सार्थक विचार-विमर्श, आपसी समझ और विश्वास बहाली के उपाय आवश्यक हैं। सामूहिक प्रयासों की अपील करते हुए एआईटीएफ ने सरकारी अधिकारियों, बुद्धिजीवियों, जमीनी स्तर पर काम करने वाले संस्थानों, युवा संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान तलाशने के लिए रचनात्मक संवाद में भाग लेने का आग्रह किया।
इस बीच, अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम (एसीएफ) ने भी प्रस्तावित परियोजना को लेकर राज्य सरकार और सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम (एसआईएफएफ) के बीच बातचीत कराने की पेशकश की है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू को हाल में सौंपे गए एक ज्ञापन में एसीएफ ने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और आशंकाओं को दूर करने, संवाद की कमी को पाटने तथा तनाव बढ़ने से रोकने के लिए समय पर हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। मंच ने कहा कि विवादित परियोजना में विकास, मूल निवासी समुदायों के अधिकारों, कृषि आजीविका और सियांग क्षेत्र के समुदायों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।
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