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'रद्द कर देने चाहिए पाकिस्तानियों के सभी वीजा', अमेरिकी दूतावास परिसर में हुए प्रदर्शन के बाद उठी मांग

वॉशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुए। इसके बाद एक अमेरिकी रूढ़िवादी (कंजरवेटिव) कार्यकर्ता ने अमेरिका के विदेश विभाग से मांग की है कि पाकिस्तानियों के सभी वीजा, यहां तक कि ग्रीन कार्ड भी रद्द कर दिए जाएं।

लॉरा लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री मार्को रुबियो को टैग करते हुए लिखा, अमेरिकी विदेश विभाग को पाकिस्तानियों के सभी वीजा और ग्रीन कार्ड भी जब तक संभव हो, निलंबित कर देने चाहिए।

उनकी यह मांग कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास परिसर के बाहर हिंसक प्रदर्शन और झड़पों की खबरों के बाद आई है। लूमर ने दावा किया कि पाकिस्तान में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत से नाराज छह प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए, ये लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के कड़ी सुरक्षा वाले परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आज दोपहर दोबारा घुसने की कोशिश करने के दौरान कई अन्य लोगों को गोली लगी और उनकी मौत हो गई।”

लूमर ने लिखा, “ईरान पर अमेरिकी हमलों के बदले के रूप में दूतावास पर कब्जा करने की कोशिश करने के बाद पाकिस्तान में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर तैनात अमेरिकी मरीन द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादियों को मौके पर ही गोली मार दी जा रही है।”

हालांकि, जानकारी में हताहतों की संख्या या गोलीबारी की परिस्थितियों की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई अमेरिकी मरीन की तरफ से की गई है या स्थानीय पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इसे अंजाम दिया है।

लूमर ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए लिखा कि पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन को शरण दी थी और वहां कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह देश अमेरिका और भारत के लोगों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देता है।

हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने उनकी इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और आर्थिक केंद्र कराची में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को लेकर विरोध प्रदर्शन पहले भी होते रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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ट्रंप ने ईरान के खिलाफ स्ट्राइक को बताया ऐतिहासिक

वाशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए बड़े अमेरिकी सैन्य हमले को दुनिया के सबसे बड़े, सबसे जटिल और सबसे ताकतवर सैन्य अभियानों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं और जब तक अमेरिका अपने सभी लक्ष्य पूरे नहीं कर लेता, तब तक यह सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर देश को संबोधित करते हुए बताया कि यह अभियान 36 घंटे तक चला। उन्होंने इस अभियान का नाम “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” बताया और कहा कि इस पैमाने का ऑपरेशन पहले कभी नहीं देखा गया।

उन्होंने कहा, “किसी ने ऐसा कुछ नहीं देखा। हमने ईरान में सैकड़ों टारगेट पर हमला किया है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड की फैसिलिटी, ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। हमने कुछ ही मिनटों में नौ जहाजों और उनकी नेवल बिल्डिंग को तबाह कर दिया। ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला खामेनेई मर चुके हैं।” उन्होंने खामेनेई पर आरोप लगाया कि उनके हाथ सैकड़ों और हजारों अमेरिकियों के खून से रंगे थे और वे कई देशों में निर्दोष लोगों की मौत के जिम्मेदार थे।

ट्रंप का दावा है कि खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरान में लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखाई दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की पूरी सैन्य कमान खत्म हो चुकी है और कई अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। उनके अनुसार, हजारों लोग संपर्क कर रहे हैं और छूट की मांग कर रहे हैं।

ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस कार्रवाई में अमेरिका को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सेंटकॉम ने जानकारी दी है कि तीन अमेरिकी सैनिक कार्रवाई के दौरान मारे गए हैं।

ट्रंप ने आगे कहा, “एक देश के तौर पर, हम उन सच्चे अमेरिकी देशभक्तों के लिए दुख मनाते हैं जिन्होंने हमारे देश के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया है, भले ही हम उस नेक मिशन को जारी रखें जिसके लिए उन्होंने अपनी जान दी। और दुख की बात है कि शायद और भी नुकसान होंगे। इससे पहले कि यह खत्म हो, यही होता है। हर मुमकिन कोशिश करेंगे ताकि ऐसा न हो।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी ऐसे देश को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकता, जो आतंकवादी समूहों का समर्थन करता हो और दुनिया को अपनी शर्तों पर झुकाने की कोशिश करता हो।

उन्होंने ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड से हथियार डालने की अपील की। ट्रंप ने कहा कि अगर वे आत्मसमर्पण करते हैं तो उन्हें पूरी छूट दी जाएगी, अन्यथा उन्हें निश्चित मौत का सामना करना पड़ेगा। ईरान की जनता को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि जो लोग आजादी चाहते हैं, वे इस मौके का फायदा उठाएं, हिम्मत दिखाएं और अपने देश को वापस लें। उन्होंने कहा कि अमेरिका उनके साथ है।

--आईएएनएस

एएस/

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