उत्तर-पश्चिम Delhi में कारोबारी के आवास पर फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गिरोह की जांच
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के लोक विहार इलाके में बुधवार सुबह मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने दुबई के एक कारोबारी के घर के बाहर गोलीबारी की। पुलिस इस मामले में किसी गिरोह की संलिप्तता के पहलू से जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में रोहित गोदारा गिरोह की ओर से गोलीबारी की जिम्मेदारी ली गई है और इसे कारोबारी के लिए चेतावनी बताया गया है।
हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे लोक विहार के ए-ब्लॉक में साहिल जैन उर्फ गूगल के आवास को निशाना बनाकर छह गोलियां चलाई गईं जिनमें से कुछ गोलियां बाहर खड़ी एक कार और सामने स्थित मकान में लगीं। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में खुद को गिल्ली राणा और रोहित गोदारा गिरोह से जुड़ा राहुल फतेहपुर बताने वाला व्यक्ति को गोलीबारी की जिम्मेदारी लेते सुना जा सकता है। रिकॉर्डिंग में उसे यह कहते सुना जा सकता है कि जैन को इसलिए नहीं मारा गया, क्योंकि उनका मकसद केवल यह चेतावनी देना था कि वह गिरोह के प्रतिद्वंद्वियों का समर्थन न करें। रिकॉर्डिंग में सुना जा सकता है कि वह चेतावनी को नजरअंदाज करने पर जैन के सीने में गोली मारने की धमकी दे रहा और उनसे अपने परिवार की सुरक्षा करने को कह रहा है।
हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें बोल रहे व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने के दावे की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की कथित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
अधिकारी के अनुसार, जैन को 2021 में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से कथित तौर पर धमकी मिली थी। इस संबंध में 2023 में विशेष प्रकोष्ठ थाने में मामला दर्ज किया गया था। उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने कहा, ‘‘इसके बाद कोई नयी धमकी नहीं मिली थी।
किसी ने भी गोलीबारी की जिम्मेदारी नहीं ली है और हम खुफिया जानकारी के आधार पर जांच कर रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्ति लोक विहार इलाके में आए और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार, घटना के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दो लोग मोटरसाइकिल पर आते दिखाई दे रहे हैं। मोटरसाइकिल चला रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि पीछे बैठे व्यक्ति ने कपड़े से अपना चेहरा ढक रखा था।
उनमें से एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से उतरकर कई गोलियां चलाता और फिर मौके से भागता दिखाई दे रहा है। सूत्रों ने बताया कि कुल छह गोलियां चलाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि अपराध शाखा की टीम और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के दल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मौके से एक कारतूस और दो खोखे बरामद किए हैं। जांच के लिए वाहन और अन्य वस्तुओं को भी जब्त किया गया है। यादव ने कहा, ‘‘हमने कई दल गठित किए हैं और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं।
हम इलाके में आने और बाहर निकलने के रास्तों की भी जांच कर रहे हैं।’’ पुलिस संदिग्धों की पहचान करने और गोलीबारी का मकसद पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही खुफिया जानकारी भी जुटाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांचकर्ताओं को संदेह है कि गोलीबारी का संबंध रंगदारी वसूलने की कोशिश से हो सकता है।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या कारोबारी को डराने के इरादे से गोलीबारी की गई थी।
West Bengal Cabinet ने नयी Industrial Policy को दी मंजूरी, शिक्षकों के चुनाव लड़ने पर रोक
पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य की नयी औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य प्रोत्साहन, त्वरित स्वीकृति और भूमि आवंटन के नियमों में बदलाव के जरिए नया निवेश आकर्षित करना है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पांच नवंबर को राज्य सचिवालय नबान्न से औद्योगिक नीति के विवरण की औपचारिक घोषणा करेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘धनतेरस, दिवाली और काली पूजा नजदीक हैं।
यह हमारे लिए शुभ समय है। पांच नवंबर को सरकार के दो कार्यक्रम होंगे..राज्य की औद्योगिक नीति की घोषणा और किसानों के खातों में राशि भेजना।’’ मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह पांच नवंबर को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को वित्तीय सहायता हस्तांतरित करने के कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। शुभेंदु ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने वाले किसानों को अतिरिक्त तीन हजार रुपये भी देगी।
उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया है कि भविष्य में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से नियुक्त होने वाले शिक्षकों को सीधे राजनीति में हिस्सा लेने या चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतिबंध केवल भविष्य में नियुक्त होने वाले शिक्षकों पर लागू होगा, और पहले से सेवा में कार्यरत शिक्षक, जिनमें पंचायतों और नगरपालिकाओं में निर्वाचित पदों पर रहने वाले शिक्षक भी शामिल हैं, इसके दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘देश के किसी अन्य राज्य में शिक्षक सीधे राजनीति में शामिल नहीं होते हैं।
बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के उदाहरणों को देखते हुए हमने फैसला किया है कि पश्चिम बंगाल में भी शिक्षकों को अब सीधे राजनीति में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। आने वाले दिनों में एसएससी के माध्यम से नियुक्त होने वाले शिक्षक पंचायत, नगरपालिका, विधानसभा या लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे और न ही सीधे राजनीति में शामिल हो सकेंगे।’’
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