ईरान पर बड़ी सैन्य कार्रवाई, ट्रंप बोले- नौ ईरानी जहाज डुबोए
वॉशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले से मध्य पूर्व के कई हिस्सों में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान में भारी तबाही हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी फोर्स ने ईरान के नौ नेवी जहाजों को तबाह करके डुबो दिया है और जरूरी मिलिट्री ठिकानों पर हमला किया है, जिससे तेहरान के साथ टकराव और बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, मुझे अभी पता चला है कि हमने नौ ईरानी नेवल शिप को तबाह कर दिया है और डुबो दिया है, उनमें से कुछ काफी बड़े और जरूरी हैं। हम बाकियों के पीछे जा रहे हैं, वे भी जल्द ही समुद्र की तलहटी में तैर रहे होंगे। एक अलग हमले में हमने उनके नेवल हेडक्वार्टर को काफी हद तक तबाह कर दिया। इसके अलावा, उनकी नेवी बहुत अच्छा कर रही है।
वहीं, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, ईरान के आतंक के धुरी समूह के सभी बड़े आतंकवादी नेताओं का खात्मा कर दिया गया है।
यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने रातभर बड़े हवाई अभियानों की पुष्टि की। उसने कहा, “कल रात अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बमवर्षकों ने दो हजार पाउंड के बमों से लैस होकर ईरान की मजबूत बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाओं पर हमला किया। किसी भी देश को अमेरिका के संकल्प पर कभी संदेह नहीं करना चाहिए।”
सेंटकॉम ने यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की शुरुआत में ईरान की जमरान-श्रेणी की एक कॉर्वेट पर हमला किया गया। कमान ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत के दौरान अमेरिकी बलों ने ईरान की जमरान-श्रेणी की एक कॉर्वेट को निशाना बनाया। यह जहाज फिलहाल ओमान की खाड़ी में चाबहार पियर के पास डूब रहा है।
सेंटकॉम ने ट्रंप की पहले दी गई चेतावनी का हवाला देते हुए कहा कि ईरानी सशस्त्र बलों, आईआरजीसी और पुलिस के सदस्यों को अपने हथियार डाल देने चाहिए। सैन्य कमान ने तेहरान के उस दावे को खारिज कर दिया कि उसकी प्रतिक्रिया केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित थी।
सेंटकॉम ने आरोप लगाया कि ईरान “सक्रिय रूप से नागरिकों को निशाना बना रहा है” और उसने एक दर्जन से अधिक स्थानों पर हमला किया है। इनमें दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दुबई), इराक में एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दुबई का फेयरमोंट पाम होटल, दुबई का बुर्ज अल अरब होटल, बहरीन का क्राउन प्लाजा होटल, दुबई बंदरगाह, हाइफ़ा तेल रिफाइनरी, इज़राइल के बेइत शेमेश और तेल अवीव के आवासीय क्षेत्र, बहरीन के एरा व्यूज़ टावर्स का रिहायशी इलाका और कतर के आवासीय क्षेत्र शामिल हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से की बात, हमलों की निंदा की; भारत ने जताई एकजुटता
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की और खाड़ी देश पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस कठिन समय में यूएई के साथ भारत की एकजुटता भी व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, मैंने यूएई के राष्ट्रपति और मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। मैंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। इन कठिन समय में भारत यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।”
उन्होंने यूएई में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए वहां के नेतृत्व का आभार भी जताया। पीएम मोदी ने कहा, “यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए उनका धन्यवाद किया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।”
भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर घनिष्ठ साझेदारी है। यूएई दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का घर है, जो दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्तों को मजबूत करता है।
इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार देर शाम राष्ट्रीय राजधानी में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते भू-राजनीतिक हालात के मद्देनजर बुलाई गई।
यह बैठक अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों और उसके बाद बढ़े क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में हुई। रिपोर्टों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने का भी उल्लेख है, जिससे व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद रात करीब 9:30 बजे दिल्ली पहुंचे और इसके तुरंत बाद सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की।
सीसीएस देश में सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली समिति है, जिसमें प्रधानमंत्री और रक्षा, गृह, विदेश व वित्त मंत्री शामिल होते हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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