इजरायल डिफेंस फोर्स ने की आम लोगों पर हमलों की निंदा, ईरान को बताया 'टेरर स्टेट'
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका-इजरायल के हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व के कई हिस्सों में तनाव बढ़ गया है। सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद जारी ईरान के हमलों के बीच इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने ईरानी सरकार को एक टेरर स्टेट बताया और कहा कि ईरानी सरकार आम लोगों को निशाना बना रही है।
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ऑपरेशन ‘रोअरिंग लायन’ की शुरुआत से ही ईरानी सरकार आम लोगों को निशाना बना रही है। हम जानते हैं कि यह उनकी रणनीति है। अपने हालिया हमले में उन्होंने बेत शेमेश कम्युनिटी के कई आम लोगों को मार दिया। ईरानी सरकार एक टेरर स्टेट है। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भेजता हूं।
इंटरनेशनल स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा कि हम इस खून के प्यासे टेरर स्टेट से इन क्षमताओं को हटाने के लिए हर संभव कोशिश करते रहेंगे।
इजरायल रक्षा बल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरानी सरकार ने सीधे बेत शेमेश के आम लोगों के इलाके की तरफ मिसाइलें दागीं, जिससे बेगुनाह लोग मारे गए। ईरानी सरकार जानबूझकर आम लोगों को टारगेट करती है, जबकि हम ठीक आतंकी ठिकानों को टारगेट करते हैं। यह एक ऐसी सरकार है जो आम लोगों की मौत को अपनी जंग की तरकीब के तौर पर इस्तेमाल करती है। हम इसी के खिलाफ हैं।
वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी नागरिकों से सड़कों पर निकलने की अपील की। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा, आने वाले दिनों में, हम आतंकवादी शासन के हजारों ठिकानों पर हमला करेंगे। हम ईरान के बहादुर लोगों के जुल्म की जंजीरों से आजाद होने के लिए हालात बनाएंगे और इसी वजह से, मैं एक बार फिर आपसे कहता हूं, ईरान के नागरिकों, इस मौके को हाथ से जाने मत दीजिए। यह एक ऐसा मौका है, जो हर पीढ़ी में सिर्फ एक बार आता है। खाली मत बैठिए, क्योंकि आपका पल जल्द ही आएगा।
दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का कहना है कि इजरायल और अमेरिका के हमलों का बदला लेना हमारा कानूनी हक भी है और जिम्मेदारी भी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर खामेनेई को दुनिया के सबसे बुरे दुश्मन के हाथों मारा गया।
पेजेशकियन ने कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इस ऐतिहासिक जुर्म के गुनहगारों और कमांडरों के खिलाफ बदला लेने को अपनी जिम्मेदारी और कानूनी हक मानता है और इस बड़ी जिम्मेदारी और फर्ज को पूरी ताकत से पूरा करेगा।”
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
रेजा पहलवी ने खामेनेई की मौत के बाद ईरानी शासन से आत्मसमर्पण की अपील की
वॉशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के अंतिम शाह के निर्वासित पुत्र रेजा पहलवी ने रविवार को दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई “खत्म कर दिए गए हैं” और इसे “हमारे समय का जहाक” बताते हुए ईरानी शासन के अधिकारियों से सत्ता छोड़ने की अपील की।
पहलवी ने अपने बयान में खामेनेई को “राक्षसी चेहरा” करार देते हुए कहा कि उन्होंने कुछ ही सप्ताह पहले “ईरान के हजारों बेहतरीन बेटों और बेटियों के नरसंहार का आदेश दिया था।” उन्होंने कहा कि खामेनेई और उनके कई करीबी सहयोगियों की मौत के साथ इस्लामिक गणराज्य अब “अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।
पहलवी ने कहा, “ईरान का महान राष्ट्र इस्लामिक रिपब्लिक के पूर्ण पतन की मांग करता है और हम इस दानवी शासन को गिराकर रहेंगे।”
उन्होंने “आतंक के इस गणराज्य” के शेष अधिकारियों से सीधे कहा कि वे जनता के सामने आत्मसमर्पण करें, उनके प्रस्तावित ट्रांजिशन सिस्टम के प्रति निष्ठा घोषित करें और बिना और खून-खराबे के सत्ता सौंप दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि खामेनेई के उत्तराधिकारी की नियुक्ति का कोई भी प्रयास विफल रहेगा। उन्होंने कहा, “जो भी उनकी जगह बैठाया जाएगा, उसके पास वैधता नहीं होगी और वह इस शासन के अपराधों में सहभागी माना जाएगा।”
पहलवी ने ईरान की सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य बलों से भी अपील की कि वे अपनी निष्ठा बदलें। उन्होंने कहा, “आपके हथियार ईरान की महान जनता की रक्षा के लिए होने चाहिए, न कि आपराधिक गणराज्य के लिए।”
उन्होंने समर्थकों से “लायन-एंड-सन रिवोल्यूशन” के नाम पर एकजुट होने और सड़कों पर उतरने की तैयारी करने को कहा। साथ ही, देश और विदेश में रह रहे ईरानियों से इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म करने के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की।
पहलवी, जो ‘पीकॉक थ्रोन’ के उत्तराधिकारी माने जाते हैं, 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से अमेरिका में निर्वासन का जीवन जी रहे हैं। उस क्रांति में राजशाही का अंत हुआ और इस्लामिक गणराज्य की स्थापना हुई।
हाल के वर्षों में पहलवी ने खुद को संभावित संक्रमणकालीन नेतृत्वकर्ता के रूप में पेश किया है और कहा है कि शासन परिवर्तन की स्थिति में वे ईरान को लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर ले जा सकते हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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