5जी स्पेक्ट्रम नीलामी से पहले पाकिस्तान में ‘फायरवॉल’ विवाद और इंटरनेट संकट गहराया
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान की इंटरनेट समस्याएं एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले 5जी स्पेक्ट्रम ऑक्शन से पहले सरकार के तथाकथित फायरवॉल सिस्टम के विरोध में अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं।
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, हालिया खबरों में दावा किया गया था कि अधिकारियों ने अगले महीने प्रस्तावित 5जी नीलामी से पहले इस विवादास्पद फायरवॉल सिस्टम को बंद करने का निर्णय लिया है।
हालांकि, बाद में नेशनल असेंबली की सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति को बताया गया कि ये रिपोर्टें गलत हैं और यह प्रणाली अभी भी लागू है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिसे आमतौर पर फायरवॉल कहा जाता है, उसका आधिकारिक नाम वेब मैनेजमेंट सिस्टम (डब्ल्यूएमएस) है। उन्होंने फायरवॉल को आम बोलचाल का शब्द बताया।
स्पष्टता की कमी ने देश में भ्रम और बढ़ा दिया है, जहां इंटरनेट सेवाएं पहले से ही गंभीर समस्याओं का सामना कर रही हैं।
उपयोगकर्ता और व्यवसाय धीमी गति और अचानक होने वाले आउटेज से जूझ रहे हैं, जबकि यह स्पष्ट नहीं है कि समस्या डब्ल्यूएमएस में है या मोबाइल सेवाओं के लिए उपलब्ध सीमित स्पेक्ट्रम में।
पाकिस्तान में वर्तमान में मोबाइल सेवाओं के लिए लगभग 270 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम आवंटित है, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे कम में से एक है, जहां निम्न और मध्यम बैंड में औसतन 700 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम उपलब्ध है। प्रति दस लाख लोगों पर आवंटित स्पेक्ट्रम के मामले में भी पाकिस्तान क्षेत्रीय देशों से पीछे है।
श्रीलंका में प्रति दस लाख आबादी पर 15.2 मेगाहर्ट्ज, वियतनाम में 7.4 मेगाहर्ट्ज, भारत में 3.9 मेगाहर्ट्ज, बांग्लादेश में 3.6 मेगाहर्ट्ज, इंडोनेशिया में 2.1 मेगाहर्ट्ज, जबकि पाकिस्तान में केवल 1.1 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम उपलब्ध है।
5जी स्पेक्ट्रम ऑक्शन, जो अगले महीने होने वाला है, असल में 2025 की शुरुआत में प्लान किया गया था, लेकिन प्राइसिंग मॉडल जैसे इशू की वजह से इसमें देरी हुई। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि सर्विस क्वालिटी को बेहतर बनाने और नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजी के लिए तैयार होने के लिए स्पेक्ट्रम की उपलब्धता बढ़ाना बहुत जरूरी है।
हाल के वर्षों में, पाकिस्तान में इंटरनेट में अचानक कई रुकावटें आई हैं, जिससे ऐप-बेस्ड बिजनेस और ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर्स को फाइनेंशियल नुकसान हुआ है।
कुछ रुकावटों की वजह समुद्र के नीचे केबल को हुआ नुकसान बताया गया। कुछ रुकावटें सरकारी टेस्ट ट्रायल की अफवाहों से जुड़ी थीं, जिनका मकसद कंटेंट पर रोक लगाना था। हालांकि, इनमें से कई रुकावटों के पीछे के सही कारणों के बारे में ऑफिशियल तौर पर बहुत कम जानकारी है।
इस अनिश्चितता ने टेक उद्यमियों और डिजिटल निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की तकनीकी हब बनने की महत्वाकांक्षा के लिए एक स्थिर और मजबूत इंटरनेट कनेक्शन को अनिवार्य माना जा रहा है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन, अमेरिका ने नागरिकों को सतर्क रहने की दी सलाह
इस्लामाबाद, 1 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के विरोध में भड़के प्रदर्शनों के बीच इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह दी है।
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि वह कराची और लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर जारी प्रदर्शनों और इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास तथा पेशावर स्थित वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रस्तावित प्रदर्शन की अपीलों पर नजर रख रहा है।
दूतावास ने कहा, “हम पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय समाचारों पर नजर रखने और व्यक्तिगत सुरक्षा के अच्छे उपाय अपनाने की सलाह देते हैं। अपने आसपास की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें, भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें और सुनिश्चित करें कि आपका एसटीईपी पंजीकरण अपडेट हो।”
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, कराची के माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास प्रदर्शनकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच झड़प में रविवार को नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 अन्य घायल हो गए।
सिविल अस्पताल कराची के एसएमबीबी इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉमा के कार्यकारी निदेशक मोहम्मद साबिर मेमन ने बताया कि दूतावास के पास हुए प्रदर्शनों के दौरान नौ लोगों की मौत हुई और 34 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने भी नौ लोगों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सात घायलों को आगा खान यूनिवर्सिटी अस्पताल और फातिमिद फाउंडेशन में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। दो घायल पुलिसकर्मियों को जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (जेपीएमसी) में भर्ती कराया गया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनई की अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में मौत के बाद पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू जिले में भी प्रदर्शन तेज हो गए। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने स्कर्दू में कर्फ्यू लागू कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्कर्दू और गिलगित में प्रदर्शनकारियों ने भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) के कार्यालयों में आग लगा दी। इसके अलावा, एक स्कूल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम (एकेआरएसपी) के दफ्तर को भी आग के हवाले कर दिया गया।
पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान पुलिस ने कर्फ्यू की घोषणा की है। पाकिस्तान सेना को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 245 के तहत बुलाया गया है। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि इन प्रदर्शनों के दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















