खामेनेई की मौत के बाद ईरान का बड़ा पलटवार, इजराइल के रिहायशी इलाके पर गिरी मिसाइल,
इजराइल के बेत शेमेश शहर में ईरान ने बड़ा हमला किया है. यहां एक रिहायशी इमारत पर ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइल सीधे गिरी. यह शहर यरूशलेम से करीब 35 किलोमीटर दूर है. बचाव दल के मुताबिक, इस हमले में कम से कम आठ लोगों की जान चली गई है. यह हमला इतना जोरदार था कि जिस इमारत पर मिसाइल गिरी, वह पूरी तरह तबाह हो गई है. रिहायशी इलाके में इस तरह के हमले से पूरे देश में डर का माहौल बना हुआ है.
मरने वालों की तादाद में लगातार बढ़ोत्तरी
शनिवार से शुरू हुई इस जंग में अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. ताजा जानकारी के मुताबिक, शनिवार से अब तक ईरान के हमलों में इजराइल के कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है. बेत शेमेश में हुए इस ताजा हमले ने इस दुखद गिनती को और बढ़ा दिया है. बचाव दल का कहना है कि वे अभी भी मलबे को हटाने और नुकसान का अंदाजा लगाने में जुटे हुए हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, हालात और भी गंभीर होते दिख रहे हैं.
पड़ोसी घरों को पहुंचा बड़ा नुकसान
मिसाइल सिर्फ एक इमारत पर नहीं गिरी, बल्कि इसके धमाके की गूंज दूर तक सुनाई दी. शहर में बने एक सार्वजनिक बम शेल्टर को भी इस हमले में बहुत नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा, आस-पास के दर्जनों घरों की दीवारें गिर गई हैं और खिड़कियां टूट गई हैं. जिस जगह मिसाइल गिरी, वहां हर तरफ मलबा और कांच के टुकड़े बिखरे पड़े हैं. लोग अब अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि सुरक्षित माने जाने वाले शेल्टर भी इस बार नहीं बच पाए.
आम लोगों पर गिरी गाज
इस हमले में सिर्फ जान का नुकसान नहीं हुआ, बल्कि कई लोग बुरी तरह घायल भी हुए हैं. घायलों में एक छोटी बच्ची और एक और व्यक्ति की हालत बहुत नाजुक बताई जा रही है. इसके अलावा, करीब 20 लोगों को हल्की और गंभीर चोटें आई हैं. घायलों में एक चार साल का मासूम बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत चिंताजनक है. इजराइल की इमरजेंसी सेवा 'मैगन डेविड एडोम' की टीमें मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने में लगी हुई हैं.
मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी
धमाके के तुरंत बाद दमकल विभाग और बचाव दल की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं. लोहे के कटर और भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है. डर है कि कुछ लोग अभी भी ढह चुकी इमारतों के नीचे दबे हो सकते हैं. राहत और बचाव का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. आस-पास के घरों को खाली करा लिया गया है ताकि अगर कोई और हमला हो या इमारत का कोई हिस्सा गिरे, तो और नुकसान न हो.
आखिर क्यों शुरू हुआ हमलों का यह सिलसिला?
इस पूरी लड़ाई की शुरुआत शनिवार की सुबह हुई थी. अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे. इजराइल की सेना (IDF) ने यह दावा किया कि उन्होंने तेहरान में किए गए एक हमले में ईरान के सबसे बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार गिराया है. खामेनेई की मौत की खबर के बाद से ही ईरान और उसके साथियों ने इजराइल पर मिसाइलों की बारिश शुरू कर दी है. यह जवाबी कार्रवाई अब एक बड़ी जंग की शक्ल ले चुकी है.
खामेनेई की मौत के बाद भड़का ईरान का गुस्सा
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत ने पूरे क्षेत्र में आग लगा दी है. ईरान इसे अपने देश के सम्मान पर चोट मान रहा है और लगातार इस्राइल को निशाना बना रहा है. शनिवार से अब तक सैकड़ों मिसाइलें इस्राइल की तरफ दागी जा चुकी हैं. ईरान का कहना है कि वह अपने नेता की मौत का बदला लेकर रहेगा. यही वजह है कि अब मिसाइलें सेना के ठिकानों के बजाय आम लोगों के घरों और रिहायशी इलाकों में आकर गिर रही हैं, जिससे आम जनता पिस रही है.
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ईरान बैलिस्टिक हमलों में नागरिकों को निशाना बना रहा, यह 'युद्ध अपराध' है : इजरायली प्रवक्ता
तेल अवीव, 1 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओरेन मर्मोरस्टीन ने रविवार को ईरानी शासन पर जानबूझकर बैलिस्टिक मिसाइलों से नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इन हमलों को युद्ध अपराध बताया और कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए की जाती है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए, तेल अवीव के एक रिहायशी इलाके से इजरायल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मर्मोरस्टीन ने कहा कि यह स्थान उस चीज का साफ सबूत है। यह ईरान का बैलिस्टिक आतंक है।
उन्होंने कहा, “आप मेरे पीछे जो देख रहे हैं, वह ईरानी शासन के बैलिस्टिक आतंक का नतीजा है। जैसा कि आप देख सकते हैं, बैलिस्टिक मिसाइल को एक नागरिक इलाके पर दागा गया था। यहां बच्चे थे, बुजुर्ग लोग थे। वे नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।”
इजरायल की सैन्य कार्रवाई और ईरान के कथित कदमों की तुलना करते हुए मर्मोरस्टीन ने कहा, “यह पूरी तरह इसके उलट है, जो इजरायल कर रहा है। हम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं, लेकिन ईरानी शासन हमारे नागरिकों, हमारे बच्चों, हमारी महिलाओं, हमारे बुजुर्गों को निशाना बना रहा है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरानी शासन के मिसाइल हमले केवल इजरायल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र तक फैले हुए हैं।
उन्होंने दावा किया, “यह केवल यहां इजरायल में ही नहीं हो रहा है। ईरानी शासन पूरे क्षेत्र पर हमले कर रहा है। क्षेत्र के आठ देशों पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया है, केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि अरब देशों को भी ईरानी मिसाइलों से निशाना बनाया जा रहा है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल का संघर्ष ईरान की जनता से नहीं, बल्कि तेहरान के सत्तारूढ़ शासन से है।
उन्होंने हमले को युद्ध अपराध बताते हुए कहा कि हमारे और विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। इस तरह नागरिकों को निशाना बनाना, बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाना, फिलीपींस की एक देखभाल करने वाली महिला की हत्या करना, ईरानी शासन केवल इजरायल में ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को निशाना बना रहा है। इसे रोका जाना चाहिए और हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “एक फिलीपीनी महिला की हत्या कर दी गई और दर्जनों लोग घायल हुए। यह अकेला मामला नहीं है। आप सभी को शरणस्थल में भेजा गया था। आपने इसे अपने वीडियो कैमरों में नहीं देखा, लेकिन आप जानते हैं कि आपको ईरानी शासन के हमले का निशाना बनाया गया था। इसलिए यह रुकना चाहिए।”
--आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
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