इजराइल और ईरान के बीच भीषण युद्ध भड़क गया है। इजराइल अमेरिका ने मिलकर ईरान की राजधानी तैरान समेत कई बड़े शहरों को निशाना बनाते हुए भयंकर तबाही मचा दी है। अब तक ईरान के सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ इतना खतरनाक ऑपरेशन चलाया है कि एक बेटे को छोड़कर सुप्रीम लीडर अली खामनई समेत उनका पूरा परिवार मारा गया है। हमले में उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए। हमले के समय खामेनई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे।
इजराइल की वायु सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के साथ संयुक्त हमले में पिछले एक दिन में ईरान पर 1200 से ज्यादा बम बरसाए हैं। तो वहीं खामिनी की मौत के बाद पाकिस्तान में भयंकर बवाल शुरू हो गया है। पाकिस्तान के कराची में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे हैं। भीड़ ने अमेरिकी दूतावास को घेरते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की है। इस दौरान लोगों ने अमेरिका मुर्दाबाद से लेकर इजराइल मुर्दाबाद और ईरान जिंदाबाद के नारे लगाए। हालात बिगड़ते देखकर यूएस कंसुलेट में तैनात अमेरिकी जवानों ने भीड़ पर गोलियां चला दी। जिसमें 10 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है और कई लोग घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भी पहले बाहरी आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर सीधी फायरिंग शुरू कर दी।
ईरान पर हमले की आग अब पाकिस्तान में पहुंच गई है। गुस्से में आई भीड़ सड़कों पर उतर आई है। भीड़ ने इजराइली नहीं बल्कि अमेरिका के खिलाफ भी हल्ला बोल दिया है और इसकी शुरुआत कराची से शुरू हुई है जो धीरे-धीरे पाकिस्तान के कई शहरों तक पहुंच गई है। दरअसल पाकिस्तान ने अमेरिका इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों को अनुचित और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ईशाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री से बात कर हमलों की निंदा की और तुरंत डीएक्सिलेशन की मांग की। पाकिस्तान ने ईरानियों से गैर जरूरी यात्रा टालने की सलाह भी जारी की है। हालांकि पाकिस्तान ने सीधे युद्ध में कूदने या सैन्य हस्तक्षेप की कोई घोषणा नहीं की है बल्कि कूटनीतिक भूमिका पर जोर दिया है।
उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की और ईरान पर हुए हमलों की निंदा की है। तो व ईरानी सेना ने कहा है कि वो सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। हमला कुछ देर में शुरू होगा और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
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