गुजरात ने एसटीआई पॉलिसी 2026-31 लॉन्च की, सेमीकनेक्ट सम्मेलन में सेमीकंडक्टर एक्सपेंशन प्लान पेश
गांधीनगर, 1 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने रविवार को अपनी साइंस, टेक्नोलॉजी, और इनोवेशन (एसटीआई) पॉलिसी 2026-31 पेश की। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 का उद्घाटन किया और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और रिसर्च को बढ़ाने के लिए राज्य की योजनाओं के बारे में बताया।
गुजरात के साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने गुजरात: इंडियाज सिलिकॉन गेटवे थीम के तहत यह कॉन्फ्रेंस ऑर्गनाइज की थी। इसमें यूनियन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव, डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष संघवी, स्टेट साइंस और टेक्नोलॉजी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, सीनियर अधिकारी और घरेलू और इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव शामिल हुए।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस राज्य की इकॉनमिक ट्रेजेक्टरी में एक बदलाव को दिखाता है। उन्होंने आगे कहा कि यह कॉन्फ्रेंस गुजरात के देश के ग्रोथ इंजन से टेक इंजन में बदलने का सिग्नल है। पॉलिसी स्टेबिलिटी, ट्रांसपेरेंसी, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और डेवलपमेंट के लिए पॉलिटिकल विल के साथ, गुजरात सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग में एक फास्ट मूवर के तौर पर उभर रहा है।
विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर भारत के नेशनल गोल्स का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात चिप से चैंपियन तक के सफर के जरिए प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए कमिटेड है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हार्डवेयर सेक्टर में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और इस भरोसे को मजबूत कर रहा है कि भारत तैयार है, भारत भरोसेमंद है और भारत डिलीवर करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (डीएसआईआर) अब सिर्फ एक ब्लूप्रिंट नहीं है, बल्कि देश का सेमीकंडक्टर सिटी बनने की ओर बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर सेक्टर की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए धोलेरा और साणंद में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और मॉडर्न लॉजिस्टिक्स सिस्टम डेवलप किए गए हैं। हम युवा स्किल्ड वर्कफोर्स के साथ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स तैयार कर रहे हैं। एडवांस्ड रिसर्च और ट्रेनिंग में मदद के लिए आईआईटी गांधीनगर में एक नैनो-फैब्रिकेशन लैब बनाई जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे ग्लोबल इंडस्ट्रीज कार्बन फुटप्रिंट और कार्बन टैक्स को लेकर चिंताओं का सामना कर रही हैं, गुजरात एक पावर-सरप्लस राज्य होने के नाते, जिसका रिन्यूएबल एनर्जी बेस मजबूत है, ग्रीन ग्रोथ को प्राथमिकता दे रहा है।
--आईएएनएस
पीएसके
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
एमडब्ल्यूसी 2026 में भारत दिखाएगा अपनी टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया स्पेन के बार्सिलोना में 2 से 5 मार्च तक होने वाले मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (एमडब्ल्यूसी) 2026 में भारत की भागीदारी का नेतृत्व करेंगे। एमडब्ल्यूसी विश्व के सबसे बड़े और सर्वाधिक प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और दूरसंचार सम्मेलनों में से एक है। यह जानकारी संचार मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई।
संचार मंत्री अपनी यात्रा के दौरान एमडब्ल्यूसी 2026 में भारत पैवेलियन का उद्घाटन भी करेंगे। यह पैवेलियन भारत की बढ़ती दूरसंचार निर्माण क्षमताओं और इनोवेशन इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने के लिए वैश्विक मंच मुहैया कराएगा।
मंत्रालय के मुताबिक, सिंधिया मुख्य मंच के सत्र ‘भविष्य के लिए निर्माण’ के दौरान जीएसएमए मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में वैश्विक नेता भविष्य के लिए तैयार डिजिटल अवसंरचना और उभरते प्रौद्योगिकी फ्रेमवर्क पर चर्चा करेंगे।
सिंधिया जीएसएमए मंत्रिस्तरीय मंच पर ‘ब्रेकिंग द कॉस्ट बैरियर’ विषय पर सत्र में मुख्य समापन भाषण देंगे। यह सत्र विश्व के लिए किफायती, समावेशी और मापनीय डिजिटल कनेक्टिविटी मॉडलों पर केंद्रित होगा।
मंत्रालय ने बताया कि सिंधिया भारत की मेजबानी में आयोजित सीईओ रात्रिभोज में वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे, जिनमें इनोवेशन और भरोसेमंद साझीदारियों के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जाएगा। वह प्रमुख वैश्विक और भारतीय कंपनियों के बूथों और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों में भी जाएंगे।
इसके अलावा, सिंधिया टी31600-डी3 हाइपर स्केलेबल डीसीआई प्लेटफॉर्म के उद्घाटन के लिए तेजस नेटवर्क के बूथ पर भी जाएंगे। यह भारत के उन्नत दूरसंचार उत्पाद विकास की राह में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगा।
मंत्रालय ने बताया कि संचार मंत्री की एमडब्ल्यूसी 2026 में भागीदारी डिजिटल और मोबाइल इकोसिस्टम में वैश्विक नेता के तौर पर भारत के बढ़ते दर्जे को रेखांकित करती है। उनके इस दौरे का उद्देश्य सरकारों, औद्योगिक नेताओं और प्रौद्योगिकी नवोन्मेषकों के साथ रणनीतिक संवाद के जरिए अंतरराष्ट्रीय साझीदारियों को मजबूती देना, निवेश आकर्षित करना तथा विश्व भर में सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल नेटवर्क को आकार देने में भारत की भूमिका को सुदृढ़ बनाना है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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