एमडब्ल्यूसी 2026 में भारत दिखाएगा अपनी टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया स्पेन के बार्सिलोना में 2 से 5 मार्च तक होने वाले मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (एमडब्ल्यूसी) 2026 में भारत की भागीदारी का नेतृत्व करेंगे। एमडब्ल्यूसी विश्व के सबसे बड़े और सर्वाधिक प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और दूरसंचार सम्मेलनों में से एक है। यह जानकारी संचार मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई।
संचार मंत्री अपनी यात्रा के दौरान एमडब्ल्यूसी 2026 में भारत पैवेलियन का उद्घाटन भी करेंगे। यह पैवेलियन भारत की बढ़ती दूरसंचार निर्माण क्षमताओं और इनोवेशन इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने के लिए वैश्विक मंच मुहैया कराएगा।
मंत्रालय के मुताबिक, सिंधिया मुख्य मंच के सत्र ‘भविष्य के लिए निर्माण’ के दौरान जीएसएमए मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में वैश्विक नेता भविष्य के लिए तैयार डिजिटल अवसंरचना और उभरते प्रौद्योगिकी फ्रेमवर्क पर चर्चा करेंगे।
सिंधिया जीएसएमए मंत्रिस्तरीय मंच पर ‘ब्रेकिंग द कॉस्ट बैरियर’ विषय पर सत्र में मुख्य समापन भाषण देंगे। यह सत्र विश्व के लिए किफायती, समावेशी और मापनीय डिजिटल कनेक्टिविटी मॉडलों पर केंद्रित होगा।
मंत्रालय ने बताया कि सिंधिया भारत की मेजबानी में आयोजित सीईओ रात्रिभोज में वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे, जिनमें इनोवेशन और भरोसेमंद साझीदारियों के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जाएगा। वह प्रमुख वैश्विक और भारतीय कंपनियों के बूथों और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों में भी जाएंगे।
इसके अलावा, सिंधिया टी31600-डी3 हाइपर स्केलेबल डीसीआई प्लेटफॉर्म के उद्घाटन के लिए तेजस नेटवर्क के बूथ पर भी जाएंगे। यह भारत के उन्नत दूरसंचार उत्पाद विकास की राह में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगा।
मंत्रालय ने बताया कि संचार मंत्री की एमडब्ल्यूसी 2026 में भागीदारी डिजिटल और मोबाइल इकोसिस्टम में वैश्विक नेता के तौर पर भारत के बढ़ते दर्जे को रेखांकित करती है। उनके इस दौरे का उद्देश्य सरकारों, औद्योगिक नेताओं और प्रौद्योगिकी नवोन्मेषकों के साथ रणनीतिक संवाद के जरिए अंतरराष्ट्रीय साझीदारियों को मजबूती देना, निवेश आकर्षित करना तथा विश्व भर में सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल नेटवर्क को आकार देने में भारत की भूमिका को सुदृढ़ बनाना है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान के अंतरिम सर्वोच्च नेता बने अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी
तेहरान, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मौत के कुछ घंटों बाद ईरान ने अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को देश का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया है।
ईरान सरकार ने बताया कि तेहरान स्थित उनके आवासीय परिसर पर हुए हमले में खामेनेई की जान गई। वह साल 1989 से देश के सर्वोच्च नेता थे। इससे पहले 1979 की इस्लामी क्रांति के नेता रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्होंने यह पद संभाला था।
सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, संकट काल में देश का कामकाज एक तीन सदस्यीय परिषद देखेगी। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मविद शामिल होगा।
ईरान के संविधान के अनुसार, जब तक नया स्थायी सर्वोच्च नेता नहीं चुना जाता, तब तक यही परिषद नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाएगी।
नए सर्वोच्च नेता का अंतिम फैसला विशेषज्ञों की सभा करेगी। यह 88 सदस्यों का धार्मिक निकाय है, जिसके पास देश की राजनीतिक व्यवस्था, सेना और अहम संस्थानों पर अंतिम अधिकार होता है।
बता दें कि अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी का जन्म 1959 में ईरान के मेयबोद शहर में हुआ था। वह गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी हैं, जो कानूनों की जांच और चुनावों की निगरानी करता है।
साथ ही, 2008 से 2018 तक अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रमुख भी रहे। 2011 से सांस्कृतिक क्रांति की सर्वोच्च परिषद के स्थायी सदस्य हैं। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच उनकी नियुक्ति को ईरान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
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डीएससी
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