अगर आप होली पर खोवे वाली गुजिया बना रहे हैं, तो इसके साथ ही यह यूनिक दही गुजिया जरुर बनाएं। होली के त्योहार पर हम सभी कुछ नया और यूनिक रेसिपी जरुर ट्राई करते हैं। इस बार गुजिया को ट्विस्ट दें और बनाएं दही गुजिया। यदि आप मीठे के ज्यादा ही शौकीन नहीं है और कुछ चटपटा खाना पसंद करते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए एकदम सही है। बस इतने आसान तरीके से सीख लें इस दही गुजिया को बनाना, नोट कर लें रेसिपी।
दही गुजिया बनाने की सामग्री
-उड़द की दाल
- गाढ़ी दही
- पिसी चीनी
- किशमिश
- बादाम
-जीरा
-पॉलीथिन
-तलने के लिए तेल
दही गुजिया बनाने की रेसिपी
- सबसे पहले आप बिना छिलके वाली उड़द की दाल भिगो कर चार से पांच घंटे के लिए छोड़ दें।
- दाल अच्छे से भीग जाए तो इनका पानी निकालकर बारीक पीस कर पेस्ट बना लें। इस बात का ध्यान रखें कि इसके पेस्ट में पानी ना हो। अगर जरुरत है तो थोड़ी मात्रा में पानी जरुर डालें।
- अब किसी बड़े बर्तन में दाल के पेस्ट को हाथों से अच्छी तरह फेंट कर फ्लफी बना लें।
- फिर इस पेस्ट को पानी में डालकर चेक करें। यह पेस्ट इतना हल्का होना चाहिए कि पानी में थोड़ी मात्रा डालने पर ये पानी के ऊपर तैरे।
- इस पेस्ट में स्वाद बढ़ाने के लिए नमक, जीरा, फ्रेश कटी हरी धनिया डालें। यदि आपको रोस्टेड बादाम को भी दो भागों में काटकर डाल सकते हैं। इससे टेस्ट को बढ़ता ही दही गुजिया भी टेस्टी लगती है।
- इसके बाद किसी छोटी-सी पॉलीथिन पर थोड़े से बैटर को रखें और उंगलियों की मदद से फैलाएं। बीच में कटे हुए ड्राई फ्रूट्स जैसे किशमिश और काजू को डालें।
- पॉलीथिन की मदद से पेस्ट को फोल्ड करें और गुजिया का शेप दें। इसके साथ ही पॉलीथिन को ऐसे प्रेस करें कि बैटर फोल्ड होकर अच्छी तरह से चिपक जाए।
- अब तेल को कड़ाही में गर्म करें और धीरे से पॉलीथिन सहित उठाकर तेल में डालें। जिससे कि गुजिया के शेप में बैटर पॉलीथिन से छूटकर तेल में गिर जाए।
- मीडियम फ्लेम पर तलें और ठंडे पानी में डाल दें।
- एक घंटे ठंडे पानी में भीगे रहने के बाद धीरे से इसके पानी को निचोड़कर निकाल दें।
- अब इसमें गाढ़ी दही को फेंट कर इसमें पिसी चीनी मिलाएं और इसमें तैयार गुजिया डालें। इसके साथ ही ऊपर से हरी और मीठी चटनी डालकर सर्व करें।
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अक्सर रमजान के दौरान लोग दिन भर भूखा रहने के बाद इफ्तार में भारी, तला-भुना और बहुत ज्यादा मीठा खाना खा लेते हैं। यह आदत सेहत को नुकसान पहुंचाती है। मशहूर डॉक्टर मल्हार गणला ने सोशल मीडिया पर बताया है कि इफ्तार का असली मकसद सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर में पानी, नमक और प्रोटीन की कमी को पूरा करना होना चाहिए। गलत खान-पान से न केवल एसिडिटी और सिरदर्द होता है, बल्कि अगले दिन सुस्ती और बेचैनी भी बनी रहती है। डॉक्टर ने इफ्तार के लिए एक सही वैज्ञानिक क्रम बताया है जिसे अपनाकर आप पूरे महीने फिट रह सकते हैं।
गुनगुने पानी और नमक से शुरुआत करें
रोजा खोलते समय शरीर को सबसे पहले पानी और नमक की जरूरत होती है। डॉक्टर गणला के अनुसार, आप नींबू पानी या सूप ले सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि पानी हल्का गुनगुना हो। बहुत ठंडा पानी पीने से अचानक एसिडिटी हो सकती है, जिससे सिरदर्द शुरू हो जाता है। उपवास के दौरान हमारा मुख्य लक्ष्य शरीर में एसिडिटी को बढ़ने से रोकना होना चाहिए।
10 मिनट का ब्रेक लेना बहुत जरूरी है
पानी और नमक लेने के तुरंत बाद भारी खाना न खाएं। मुख्य भोजन से पहले 10-15 मिनट का गैप जरूर दें। अगर आप सीधे तला-भुना या नॉनवेज खाने लगेंगे, तो आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले लेंगे। यह छोटा सा ब्रेक शरीर को शांत करता है और आपको ओवरईटिंग यानी जरूरत से ज्यादा खाने से बचाता है।
कैसा हो आपका सही आहार?
ब्रेक के बाद अपने खाने में, क्लीन प्रोटीन जैसे 120-150 ग्राम ग्रिल्ड चिकन या अंडे शामिल करें। साथ ही चावल या रोटी जैसे अच्छे कार्बोहाइड्रेट लें। डॉक्टर गणला सलाह देते हैं कि समोसे और पकौड़ों जैसे ज्यादा तेल वाले खाने से बचें। इसकी जगह पकी हुई सब्जियां और सलाद खाएं। जो लोग इफ्तार के बाद वर्कआउट करते हैं, वे प्रोटीन शेक या ओट्स भी ले सकते हैं।
मीठे का सेवन सिर्फ स्वाद के लिए, भूख के लिए नहीं
ज्यादातर लोग इफ्तार में पेट भरने के लिए बहुत ज्यादा मीठा खा लेते हैं। डॉक्टर के अनुसार, मीठा सिर्फ स्वाद के लिए थोड़ा सा खाना चाहिए, भूख मिटाने के लिए नहीं। मीठे को हमेशा खाने के अंत में रखें। तले हुए स्नैक्स और फ्रूट जूस से बचें क्योंकि ये शरीर में शुगर लेवल को एकदम से बढ़ा देते हैं।
पानी की कमी को ऐसे करें पूरा
सेहतमंद रहने के लिए इफ्तार से सहरी के बीच करीब 2.5 से 3.5 लीटर पानी या तरल पदार्थ पिएं। एक साथ बहुत सारा पानी पीने के बजाय धीरे-धीरे पिएं। अगर ज्यादा पसीना आता है, तो इलेक्ट्रोलाइट का इस्तेमाल करें। याद रखें, सही तरीका यही है: पहले खजूर और पानी, फिर थोड़ा ब्रेक, उसके बाद प्रोटीन और कार्ब्स वाला खाना और आखिर में जरा सा मीठा खाएं।
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