14 साल में 67% की वृद्धि गलत नहीं; केंद्र सरकार के किस फैसले को HC ने ठहराया सही, खारिज की जनहित याचिका
पीठ ने कहा कि केवल इस बढ़ोतरी के आधार पर नई फीस को अनुचित नहीं माना जा सकता। अदालत ने सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
सिर पर पगड़ी वाले वीर हनुमान मंदिर में क्यों है फसल चढ़ाने की परंपरा
राजस्थान की संस्कृति और इतिहास जग में विख्यात हैं. यहां की हवेलियों की कहानी पूरे भारत में सुनाई जाती है. लेकिन राजस्थान में कई अलौकिक मंदिर भी है. जयपुर के पास चौमूं क्षेत्र में स्थित वीर हनुमान जी का मंदिर ऐसा ही एक पावन और रहस्यमयी धाम है, जहां हनुमान जी का स्वरूप सामान्य मंदिरों से बिल्कुल भिन्न है. बुद्धि, शक्ति और विशिष्ट ज्ञान के प्रतीक माने जाने वाले इन वीर हनुमान के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. इस प्राचीन मंदिर का इतिहास लगभग 700 वर्ष पुराना है, जिसका संबंध उत्तराखंड से आए तपस्वी संत मगनदास जी महाराज से जुड़ा है. कहा जाता है कि संत की कठोर तपस्या और चमत्कारिक स्वप्न के बाद संवत 1554 में यह मूर्ति प्रकट हुई थी. आज यह स्थान न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी अनूठी परंपराओं और भव्य वास्तुकला के कारण भी विशेष पहचान रखता है.
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