सिर पर पगड़ी वाले वीर हनुमान मंदिर में क्यों है फसल चढ़ाने की परंपरा
राजस्थान की संस्कृति और इतिहास जग में विख्यात हैं. यहां की हवेलियों की कहानी पूरे भारत में सुनाई जाती है. लेकिन राजस्थान में कई अलौकिक मंदिर भी है. जयपुर के पास चौमूं क्षेत्र में स्थित वीर हनुमान जी का मंदिर ऐसा ही एक पावन और रहस्यमयी धाम है, जहां हनुमान जी का स्वरूप सामान्य मंदिरों से बिल्कुल भिन्न है. बुद्धि, शक्ति और विशिष्ट ज्ञान के प्रतीक माने जाने वाले इन वीर हनुमान के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. इस प्राचीन मंदिर का इतिहास लगभग 700 वर्ष पुराना है, जिसका संबंध उत्तराखंड से आए तपस्वी संत मगनदास जी महाराज से जुड़ा है. कहा जाता है कि संत की कठोर तपस्या और चमत्कारिक स्वप्न के बाद संवत 1554 में यह मूर्ति प्रकट हुई थी. आज यह स्थान न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी अनूठी परंपराओं और भव्य वास्तुकला के कारण भी विशेष पहचान रखता है.
Reshmi Paratha Recipe : आलू पराठा भूल जाएंगे, जब नाश्ते में खिलाएंगे पनीर और सब्जियों से भरपूर ये रेशमी पराठा, ये रही रेसिपी
Reshmi Paratha Recipe : आलू पराठा तो आपने खूब खाया होगा, लेकिन इस बार नाश्ते में ट्राई करें रेशमी पराठा. लौकी, गिलकी, कद्दू, आलू और पनीर से बनने वाली यह रेसिपी स्वाद में लाजवाब है. इसकी खासियत है इसका नरम और मुलायम टेक्सचर. इसे बनाना भी काफी आसान है. तो चलिए, जानते हैं घर पर रुमाल जैसे सॉफ्ट रेशमी पराठे बनाने की आसान रेसिपी.
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