जीतू पटवारी की पीएम मोदी से अपील, युद्ध के बीच फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी कराएं
भोपाल, 1 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि वे मध्य प्रदेश के 100 से अधिक नागरिकों सहित सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, जो ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और जवाबी कार्रवाई के कारण दुबई और शारजाह हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने और फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी शीघ्र घर वापसी की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद, ईरान खाड़ी क्षेत्र को निशाना बना रहा है। ईरान लगातार कतर, जॉर्डन और दुबई पर हमले कर रहा है।
इसी बीच, दुबई की प्रतिष्ठित बुर्ज खलीफा, जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है, उसके पास भी एक ड्रोन हमला हुआ।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सभी यात्रियों को उनके वतन वापस भेजने की व्यवस्था करने की अपील की है।
जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, इजराइल-ईरान युद्ध के कारण मध्य प्रदेश के 100 से अधिक नागरिक दुबई और शारजाह हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। महिलाएं, बच्चे और परिवार के सदस्य कई घंटों से असुविधा का सामना कर रहे हैं, और उनकी उड़ानें रद्द होने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है।
हमले के बाद दुबई के सभी हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया है और हवाई अड्डे से आने-जाने वाली सभी उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी गई हैं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-दुबई से इंदौर जाने वाली फ्लाइट आईएक्स-256 रद्द कर दी गई है। शनिवार की फ्लाइट आईएक्स-255 (इंदौर से इंदौर) और आईएक्स-256 (इंदौर से इंदौर) भी रद्द कर दी गई हैं। इसके चलते मध्य प्रदेश के 100 से अधिक यात्री दुबई और शारजाह हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।
फंसे हुए यात्रियों में इंदौर, भोपाल और ग्वालियर सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों के निवासी शामिल हैं।
इन यात्रियों में बड़ी संख्या में परिवार, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, शारजाह से इंदौर जाने वाली उड़ान यूएई समयानुसार दोपहर 12:20 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन अंतिम समय में रद्द कर दी गई।
यात्रियों को हवाई अड्डे पर पहुंचने पर इस बात की जानकारी मिली। कई यात्री पहले ही दुबई पहुंच चुके थे और शारजाह से इंदौर के लिए उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट बुक थी। वे भी वहीं फंस गए हैं।
--आईएएनएस
एसएके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इजरायल-ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट, सोमवार को कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल
मुंबई, 1 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के चलते पूरा खाड़ी क्षेत्र तनावग्रस्त हो गया है, इससे इस क्षेत्र से आने वाले कच्चे तेल के प्रवाह पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, गैर-खाड़ी की आपूर्ति खाड़ी देशों के कच्चे तेल की भरपाई नहीं कर पाएगी। यह जानकारी विश्लेषकों ने रविवार को दी गई।
ट्रेडर्स ने कहा कि अगर संघर्ष जारी रहता है तो सोमवार को बाजार खुलने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिलेगी। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जहाजों के परिवहन में किसी प्रकार की बाधा की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन टैंकरों के फंसने या टारगेट बनने के जोखिम ने प्रमुख तेल व्यापारियों को जलडमरूमध्य से होकर माल की ढुलाई निलंबित करने के लिए मजबूर किया है।
ईरान और ओमान के बीच मौजूद इस जलडमरूमध्य के करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और उससे बने उत्पादन निकलते हैं।
टैंकर माल ढुलाई दरें पहले ही बढ़ चुकी हैं, मध्य पूर्व से चीन तक जाने वाले बहुत बड़े कच्चे तेल वाहकों के लिए दरें 2026 में अब तक तीन गुना हो गई हैं, जो यह दर्शाता है कि जहाज जोखिम लेने से कतरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खाड़ी देश विश्व के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति करता है, और आपूर्ति में कमी का पैमाना इस बात पर निर्भर करेगा कि एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सीधे तौर पर निशाना बनाया जाएगा या नहीं और समुद्री मार्गों पर सामान्य सेवा कितनी जल्दी बहाल होती है।
अब तक, ईरान और इजरायल-अमेरिकी संयुक्त बलों के बीच युद्ध में किसी भी प्रमुख तेल और गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर को हमले की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर और कुवैत में विस्फोटों की सूचना मिली है और कई रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के खारग द्वीप के पास धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जो तेहरान के अधिकांश कच्चे तेल निर्यात को संभालने वाला टर्मिनल है।
विश्लेषकों ने 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र में हुई पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अल्पकालिक संघर्षों का भी कीमतों और आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर्प्स (आईआरजीसी) ने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमलों की एक नई लहर की घोषणा की है। ये हमले ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों का बदला लेने के लिए किए जा रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे।
ईरान सरकार के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, इस जघन्य अपराध का जवाब जरूर दिया जाएगा और यह इस्लामी दुनिया के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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