इजरायल-ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट, सोमवार को कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल
मुंबई, 1 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के चलते पूरा खाड़ी क्षेत्र तनावग्रस्त हो गया है, इससे इस क्षेत्र से आने वाले कच्चे तेल के प्रवाह पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, गैर-खाड़ी की आपूर्ति खाड़ी देशों के कच्चे तेल की भरपाई नहीं कर पाएगी। यह जानकारी विश्लेषकों ने रविवार को दी गई।
ट्रेडर्स ने कहा कि अगर संघर्ष जारी रहता है तो सोमवार को बाजार खुलने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिलेगी। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जहाजों के परिवहन में किसी प्रकार की बाधा की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन टैंकरों के फंसने या टारगेट बनने के जोखिम ने प्रमुख तेल व्यापारियों को जलडमरूमध्य से होकर माल की ढुलाई निलंबित करने के लिए मजबूर किया है।
ईरान और ओमान के बीच मौजूद इस जलडमरूमध्य के करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और उससे बने उत्पादन निकलते हैं।
टैंकर माल ढुलाई दरें पहले ही बढ़ चुकी हैं, मध्य पूर्व से चीन तक जाने वाले बहुत बड़े कच्चे तेल वाहकों के लिए दरें 2026 में अब तक तीन गुना हो गई हैं, जो यह दर्शाता है कि जहाज जोखिम लेने से कतरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खाड़ी देश विश्व के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति करता है, और आपूर्ति में कमी का पैमाना इस बात पर निर्भर करेगा कि एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सीधे तौर पर निशाना बनाया जाएगा या नहीं और समुद्री मार्गों पर सामान्य सेवा कितनी जल्दी बहाल होती है।
अब तक, ईरान और इजरायल-अमेरिकी संयुक्त बलों के बीच युद्ध में किसी भी प्रमुख तेल और गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर को हमले की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर और कुवैत में विस्फोटों की सूचना मिली है और कई रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के खारग द्वीप के पास धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जो तेहरान के अधिकांश कच्चे तेल निर्यात को संभालने वाला टर्मिनल है।
विश्लेषकों ने 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र में हुई पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अल्पकालिक संघर्षों का भी कीमतों और आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर्प्स (आईआरजीसी) ने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमलों की एक नई लहर की घोषणा की है। ये हमले ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों का बदला लेने के लिए किए जा रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे।
ईरान सरकार के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, इस जघन्य अपराध का जवाब जरूर दिया जाएगा और यह इस्लामी दुनिया के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।
--आईएएनएस
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कौन हैं Alakh Pandey? जिनकी नेटवर्थ है शाहरुख से भी ज्यादा, जानें किंग खान से कितना निकले आगे?
Alakh Pandey Networth: सोशल मीडिया पर इस समय अलख पांडे नाम की काफी चर्चा हो रही है. इसकी वजह है उनकी नेटवर्थ, जो शाहरुख खान (Shahrukh Khan) से भी ज्यादा बताई जा रही है. ऐसे में अब हर कोई जानना चाह रहे हैं कि आखिर ये अलख पांडे हैं कौन जिन्होंने अमिरी में किंग खान को पछाड़ दिया है. चलिए जानते हैं इनके बारे में-
कौन हैं अलख पांडे?
बता दें, अलख पांडे और कोई नहीं सैंकड़ों स्टूडेंट्स का भविष्य बना चुके फिजिक्स वाला (Physics Wallah) के फाउंडर हैं. हाल ही में अलख पांडे, खान सर और नितिन विजय, जो एनवी सर के नाम से मशहूर हैं तीनों 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' पहुंचे थे. इस दौरान तीनों ने अपनी-अपनी स्ट्रगल के किस्से सुनाए. इस बीच कपिल शर्मा (Kapil Sharma) ने अलख पांडे की नेट वर्थ (Alakh Pandey Networth) की पोल खोल दी. जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए.
शाहरुख से ज्यादा है अलख की नेटवर्थ
कपिल शर्मा ने शो में बताया कि अलख पांडे की नेट वर्थ 14,510 करोड़ रुपये के आसपास है. यह सुनकर अलख पांडे के होश उड़ जाते हैं. वह हंसते हुए कपिल को रोकते हैं और बोलते हैं, 'आपकी भी बताऊं क्या? बता दें, नवंबर 2025 में अलख पांडे की कंपनी एडटेक फिजिक्स वाला ने शेयर मार्केट में बंपर एंट्री मारी थी. उनका आईपीओ 33% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था. वहीं, अलथ की नेटवर्स को शाहरुख खान से कंपेयर किया जा रहा है. किंग खान की बात करे तो उनके पास करीब 12,490 करोड़ की नेटवर्थ है.
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