हीली आखिरी वनडे में शतक लगाने वाली दूसरी महिला क्रिकेटर:भारत के खिलाफ 158 रन बनाए, ऑस्ट्रेलिया ने 410 रन का टारगेट दिया
ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने आज भारत के खिलाफ अपने करियर का आखिरी वनडे खेला। उन्होंने इस मुकाबले में 98 बॉल पर 158 रन बनाए। हीली दूसरी ही महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने आखिरी ODI मुकाबले में शतक बनाया है। उनसे पहले ऐसा साउथ अफ्रीका का जोहमारी लॉटेगबर्ग ने 2007 में किया था। उन्होंने नीदरलैंड्स के सामने शतक लगाया था। होबार्ट में खेले जा रहे तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 409 रन बनाए। ऐसे में भारत के जीत के लिए 410 रन का टारगेट मिला है। जनवरी में किया था संन्यास का ऐलान हीली जनवरी में ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर चुकी है। उन्होंने कहा था कि वह भारत के खिलाफ सीरीज के बाद संन्यास ले लेंगी। उन्होंने भारत के खिलाफ तीसरे मुकाबले में ओपनिंग की और वनडे में आठवीं बार शतक लगाया। तीसरे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी हीली ने 98 गेंद में 27 चौके और दो छक्के की मदद से 158 रन बनाए। उन्होंने जॉर्जिया वॉल (62) के साथ दूसरे विकेट के लिए 104 और बेथ मूनी (106) के साथ तीसरे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी की। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सात विकेट पर 409 रन का बड़ा स्कोर बनाया। मूनी ने नाबाद शतक लगाया ऑस्ट्रेलिया के लिए हीली क अलावा बेथ मूनी ने 84 बॉल पर नाबाद 106 रन बनाए। जॉर्जिया वॉल ने 62, निकोला कैरी ने नाबाद 34 और ऐनाबेल सदरलैंड ने 23 रन बनाए। भारत के लिए श्री चरणी और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट लिए। रेणुका सिंह, काशवी गौतम और दीप्ति शर्मा को 1-1 विकेट मिला। भारतीय टीम ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया भारतीय विमेंस क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया पर हीली के गार्ड ऑफ ऑनर की फोटो पोस्ट की है। BCCI विमेंस ने लिखा, टीम इंडिया ने खेल शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली को उनके अंतिम वनडे मैच पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
मध्य पूर्व में हालिया तनाव पर यूएन प्रमुख ने जताई व्यापक संघर्ष की संभावना
न्यूयॉर्क, 1 मार्च (आईएएनएस)। सुरक्षा परिषद में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर परिणामों के साथ संभावित व्यापक संघर्ष की चेतावनी दी है। इसमें अमेरिका और इजरायल एक तरफ और ईरान व रूस दूसरी तरफ, मध्य पूर्व में नवीनतम तनाव को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और खाड़ी क्षेत्र में ईरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई के बाद शनिवार को परिषद की आपातकालीन बैठक में गुटेरेस ने कहा, सैन्य कार्रवाई से दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की शृंखला शुरू होने का खतरा है जिसे कोई नियंत्रित नहीं कर सकता।
पिछले सप्ताह जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता में हुई बातचीत और अगले सप्ताह विएना में परमाणु मुद्दों पर होने वाली तकनीकी बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मुझे इस कूटनीति के अवसर के व्यर्थ जाने का गहरा अफसोस है।
दोनों पक्षों द्वारा किए गए हमलों की निंदा करते हुए उन्होंने तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया।
अमेरिकी स्थायी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज़ ने कहा कि यह एक ऐसा क्षण था जिसमें ऐतिहासिक स्पष्टता की आवश्यकता थी और अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करेगा कि ईरानी शासन कभी भी परमाणु हथियार से दुनिया को धमकी न दे सके।
उन्होंने कहा, यह वैश्विक सुरक्षा का मामला है। अमेरिका का अपने पड़ोसियों को धमकी देने वाली ईरान की मिसाइल प्रणाली को समाप्त करने का एक केंद्रित रणनीतिक उद्देश्य था।
उन्होंने कहा कि ईरान ने लगातार आक्रामकता और हिंसा की है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने अमेरिका और इजरायल पर नागरिक क्षेत्रों पर हमले कर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, पूर्वव्यापी हमले का आह्वान, आसन्न खतरे के दावे या अन्य निराधार राजनीतिक दावे कानूनी, नैतिक और राजनीतिक रूप से निराधार हैं। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह शांतिपूर्ण है।
रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने अमेरिका-इजरायल के हमले की निंदा करते हुए इसे एक संप्रभु और स्वतंत्र संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश के खिलाफ एक और अकारण सशस्त्र आक्रामकता बताया।
इससे पूरे क्षेत्र को खतरा है और उन्होंने इराक युद्ध के बारे में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के बयानों का जिक्र किया। नेबेंजिया ने कहा कि 2023 में वैंस ने कहा था कि “इराक अभियान ‘अनिवार्य’ था, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष इराकी और अमेरिकी मारे गए, और वाशिंगटन को इससे सबक सीखने की जरूरत थी।”
उन्होंने कहा, “हालांकि, जैसा कि बाद में पता चला, यह सबक कभी नहीं सीखा गया।” इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि डैनी डैनन ने ईरान में बार-बार लगाए जा रहे उन नारों का जिक्र किया जिनमें अमेरिका और इजरायल की मौत की मांग की जा रही थी और कहा, “हम चरमपंथ को बेकाबू होने से पहले ही रोक रहे हैं।”
--आईएएनएस
पीयूष/एएस
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