आज से लागू हुआ SIM-Binding नियम, अब सिम हटाते ही बंद हो जाएंगे WhatsApp सहित ये मैसेजिंग ऐप
आज यानी 1 मार्च से केंद्र सरकार का नया SIM-Binding नियम लागू हो गया है. इस नियम के तहत अब WhatsApp, Telegram, Signal, ShareChat, Snapchat, JioChat और Josh जैसे मैसेजिंग ऐप उसी मोबाइल नंबर से चलेंगे, जिसका सिम उसी फोन में एक्टिव होगा. यानी जिस नंबर से आपका अकाउंट बना है, वही सिम फोन में मौजूद और चालू रहना जरूरी है.
क्या है SIM बाइंडिंग?
SIM बाइंडिंग एक सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें आपका मैसेजिंग ऐप आपके फिजिकल सिम कार्ड से जुड़ जाता है. यानी ऐप तभी खुलेगा, जब वही सिम कार्ड उसी फोन में लगा होगा, जिससे नंबर रजिस्टर्ड है. अगर सिम निकाल दिया गया या किसी दूसरे फोन में लगाया गया, तो ऐप काम करना बंद कर सकता है. यहां तक कि कंप्यूटर पर लॉग इन किया गया WhatsApp भी 6 घंटे में अपने आप लॉग आउट हो जाएगा.
एक्टिव सिम के बिना नहीं चलेंगे मैसेजिंग ऐप
बता दें कि पहले यूजर एक बार ओटीपी से वेरिफाई करके सिम हटाने के बाद भी ऐप चला लेते थे. लेकिन अब सिस्टम समय-समय पर फोन में सिम की मौजूदगी चेक करेगा. अगर संबंधित सिम फोन में नहीं मिला या बंद पाया गया, तो अकाउंट अपने आप लॉगआउट हो सकता है. यह प्रक्रिया बैकग्राउंड में ऑटोमैटिक तरीके से होगी.
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इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो WhatsApp Web या लिंक्ड डिवाइस फीचर का इस्तेमाल करते हैं. अब वेब वर्जन लंबे समय तक चलाने के लिए प्राइमरी फोन में सिम एक्टिव रखना जरूरी होगा. बिना सिम वाले टैबलेट या सेकेंडरी डिवाइस पर सिर्फ वाई-फाई से ऐप चलाने वालों को बार-बार वेरिफिकेशन करना पड़ सकता है.
सरकार का दावा- साइबर फ्रॉड रोकने के लिए सख्ती
सरकार और मेटा का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड और डिजिटल ठगी रोकने के लिए उठाया गया है. हाल के समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए यह सख्ती जरूरी मानी गई. यूजर्स को सलाह दी गई है कि जिस नंबर से ऐप चला रहे हैं, वही सिम उसी फोन में रखें और ऐप को अपडेट रखें. बार-बार सिम बदलने से अकाउंट ब्लैकआउट या डेटा सिंक की समस्या आ सकती है.
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