तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन आज यानी की 01 मार्च को अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं। बता दें कि स्टालिन का जीवन न सिर्फ राजनीतिक विरासत की कहानी, बल्कि संघर्ष, प्रयोग और अंतत: सफलता का उदाहरण है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एम के स्टालिन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातो के बारे में...
जन्म और परिवार
चेन्नई में 01 मार्च 1953 को एम के स्टालिन का जन्म हुआ था। वह द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के बेटे हैं। उनको राजनीति विरासत में मिली थी। वह राजनीतिक माहौल में पले बढ़े थे। ऐसे में एम के स्टालिन के कम उम्र में सार्वजनिक जीवन की राह पकड़ ली।
अभिनय की दुनिया में रखा कदम
हालांकि यह बात बेहद कम लोग जानते हैं कि अपने करियर की शुरूआत में स्टालिन ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा था। साल 1980 में उन्होंने कुछ तमिल फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में काम किया। लेकिन फिल्मी करियर उनको वह पहचान नहीं दिला सकी, जिसकी उनको उम्मीद थी। एक्टिंग के क्षेत्र में वह खास पहचान नहीं बना सके और उनका यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला।
सियासी सफर
यह वही दौर था जब स्टालिन ने महसूस किया कि उनकी असली ताकत पर्दे पर नहीं बल्कि जनता के बीच है। सिनेमा में उनको सीमित सफलता मिली। वहीं राजनीति में उनका संघर्ष और समर्पण स्टालिन को नई ऊंचाइयों तक ले गया। आपातकाल के दौरान स्टालिन की गिरफ्तारी ने उनकी छवि को जुझारू नेता के रूप में स्थापित की। युवा विंग में सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्टालिन ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम किया। धीरे-धीरे एम के स्टालिन एक भरोसेमंद और मेहनती नेता के रूप में उभरे।
मेयर से मुख्यमंत्री
साल 1996 में चेन्नई के मेयर चुने जाने के बाद एम के स्टालिन ने प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। सफाई व्यवस्था, शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सेवाओं में सुधार के प्रयासों ने उनको एक प्रभावी प्रशासक के रूप में स्थापित किया। फिर वह राज्य सरकार में मंत्री और उपमुख्यमंत्री बनें।
फिर साल 2018 में करुणानिधि के निधन के बाद एम के स्टालिन ने डीएमके की कमान संभाली। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को बहुमत दिलाकर वह तमिलनाडु के सीएम बने। स्टालिन की यह जीत उनके लंबे राजनीतिक धैर्य और संगठनात्मक कौशल परिणाम थी।
एम के स्टालिन ने सीएम के रूप में शिक्षा, सामाजिक न्याय और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार जैसी पहलें और सरकारी स्कूलों के उन्नयन चर्चा में रहीं। उन्होंने डिजिटल सेवाओं और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने की दिशा में भी कई नई योजनाएं शुरू कीं।
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सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से नौ के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में पिछले सप्ताह सामूहिक रूप से 2,18,902.09 करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान में भारती एयरटेल रही।
बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,527.52 अंक या 1.84 प्रतिशत नीचे आया।
शीर्ष 10 कंपनियों में सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्यांकन में बढ़ोतरी हुई।
समीक्षाधीन सप्ताह में भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन 55,852.12 करोड़ रुपये घटकर 10,71,853.25 करोड़ रुपये रह गया।
एचडीएफसी बैंक के मूल्यांकन में 37,580.1 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह13,65,659.38 करोड़ रुपये पर आ गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की बाजार हैसियत34,846.12 करोड़ रुपये घटकर 18,86,832.66 करोड़ रुपये और बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 20,316.41 करोड़ रुपये घटकर 6,20,070.59 करोड़ रुपये पर आ गया।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मूल्यांकन 18,180.89 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 9,53,872.59 करोड़ रुपये रहा। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बाजार हैसियत 14,990.24 करोड़ घटकर 5,37,213.68 करोड़ रह गई। लार्सन एंड टुब्रो का बाजार पूंजीकरण13,714.85 करोड़ घटकर 5,88,837.39 करोड़ रहा।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की बाजार हैसियत 13,061.33 करोड़ घटकर11,09,520.23 करोड़ रुपये पर आ गई।
आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 10,360.03 करोड़ घटकर 9,86,986.64 करोड़ पर आ गया।
इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत 5,462.81 करोड़ रुपये बढ़कर 5,49,393.18 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।
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