SA vs ZIM: जिम्बाब्वे के पास इज्जत बचाने का मौका, साउथ अफ्रीका को हराकर जीत के साथ लेना चाहेगी टूर्नामेंट से विदाई
SA vs ZIM: आज यानी 1 मार्च (रविवार) को जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 51वां मुकाबला खेला जाने वाला है. ये मुकाबला आज दोपहर 3 बजे से दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला है. साउथ अफ्रीका की टीम पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गई है. अब वो सुपर-8 का अपना अंतिम मैच खेलने वाली है.
आज जिम्बाब्वे के पास मौका होगा कि वो अपने अंतिम मैच में साउथ अफ्रीका को हराकर जीत के साथ विदाई लेना चाहेगी. उससे पहले हम आपको इस मैच की पिच रिपोर्ट और दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड्स और संभावित प्लेइंग-11 के बारे में बताने वाले हैं.
Next match! ????????
— Proteas Men (@ProteasMenCSA) February 27, 2026
Having secured a Semi-Final spot in the #T20WorldCup, #TheProteas turn their focus to Zimbabwe as the Super 8 journey wraps up in Delhi. ????????????
With the standards rising in every game and eyes firmly fixed on the ultimate prize, our title charge continues on. ????… pic.twitter.com/ZXhS33qfSK
पिच रिपोर्ट
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच रनों से भरपूर है. इस मैदान की तेज आउटफील्ड और छोटी बाउंड्री का फायदा बल्लेबाज उठाते हैं. यहां पर गेंदबाजों के लिए बहुत कम मदद है, बल्लेबाज अक्सर बड़ी और तेज-तर्रार पारी खेलते हुए नजर आते हैं.
अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए पांच मैचों में से चार में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने जीत हासिल की है, जिसमें पहली पारी का औसत स्कोर 160 रहा है. दक्षिण अफ्रीका ने इस स्थान पर अपने पिछले मैच में संयुक्त अरब अमीरात को हराया था.
भारत के खिलाफ शतक लगाने से चुक गए ब्रायन बेनेट साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी तबाही मचाने के लिए तैयार होंगे. वो टूर्नामेंट में पांच इनिंग में सिर्फ एक बार आउट हुए हैं. उन्हें अभी भी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना जा सकता है. अफ्रीका के लिए ब्लेसिंग मुजराबानी भी खतरा हो सकते हैं, जो विकेट लेने वालों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं?
As South Africa aim to finish top of the group, Zimbabwe hope to end their #T20WorldCup campaign with a win over their neighbours ????
— ICC (@ICC) March 1, 2026
Tournament broadcast details ???? https://t.co/NPykWM7qqY pic.twitter.com/2oVSe3wNq7
जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका की संभावित प्लेइंग-11
जिम्बाब्वे - तदिवानाशे मारुमानी (विकेट कीपर), ब्रायन बेनेट, डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकीवा, ब्रैड इवांस, टिनोटेंडा मापोसा, ब्लेसिंग मुजराबानी, रिचर्ड नगारवा.
साउथ अफ्रीका - एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेट कीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, जेसन स्मिथ, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, कागिसो रबाडा, एनरिक नोर्त्जे, क्वेना मफाका.
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खामेनेई अब इतिहास के पन्नों से मिट चुके हैं : रजा पहलवी
वाशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के आखिरी शाह के बेटे और निर्वासन में रह रहे रज़ा पहलवी ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई अब “इतिहास के पन्नों से मिट चुके हैं।” उनका कहना है कि इस्लामिक गणराज्य व्यवस्था अब अपने अंत के दौर में पहुंच चुकी है।
ईरान के लोगों के नाम जारी बयान में पहलवी ने खामेनेई को “हमारे समय का खून का प्यासा तानाशाह” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खामेनेई ने ईरान के हजारों बहादुर बेटों और बेटियों की जान ली है।
पहलवी ने कहा, “उनकी मौत के साथ ही इस्लामिक गणराज्य का प्रभावी तौर पर अंत हो चुका है और बहुत जल्द यह इतिहास की धूल में मिल जाएगा।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर मौजूदा शासन से जुड़े लोग खामेनेई की जगह किसी नए नेता को बैठाने की कोशिश करेंगे, तो वह कोशिश नाकाम रहेगी। पहलवी के अनुसार, “शुरुआत से ही यह साफ है कि ऐसी हर कोशिश असफल होगी।”
पहलवी ने चेतावनी दी कि सरकार के वफादारों द्वारा उत्तराधिकारी बनाने की कोई भी कोशिश नाकाम होगी। उन्होंने कहा, सरकार के बचे हुए लोगों द्वारा खामेनेई का उत्तराधिकारी बनाने की कोई भी कोशिश शुरू से ही नाकाम होगी। वे उनकी जगह जिसे भी रखेंगे, उसकी न तो कोई वैधता होगी और बेशक वह भी इस सरकार के अपराधों में शामिल होगा।
ईरान की सेना, पुलिस और सुरक्षाबलों को संबोधित करते हुए पहलवी ने साफ शब्दों में कहा कि गिरते हुए शासन को बचाने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने सुरक्षा बलों से अपील की कि यह उनके पास आखिरी मौका है कि वे जनता का साथ दें और ईरान को एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने में मदद करें।
पहलवी ने कहा कि खामेनेई की मौत भले ही न्याय नहीं है और इससे बहा हुआ खून वापस नहीं आएगा, लेकिन इससे शोक मना रहे परिवारों के दुख को कुछ राहत मिल सकती है। उन्होंने उन माता-पिता, पति-पत्नी और बच्चों का जिक्र किया जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।
ईरान की जनता को “सम्मानित और बहादुर” बताते हुए पहलवी ने लोगों से सतर्क रहने और आगे की तैयारी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यह एक बड़े राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत हो सकती है, लेकिन अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, “यह हमारे बड़े नेशनल सेलिब्रेशन की शुरुआत हो सकती है, लेकिन यह सफ़र का अंत नहीं है। सावधान और तैयार रहें। सड़कों पर बड़े पैमाने पर और निर्णायक मौजूदगी का समय बहुत करीब है। साथ मिलकर, एकजुट और मज़बूती से, हम आखिरी जीत हासिल करेंगे, और हम अपने होमलैंड में ईरान की आजादी का जश्न मनाएंगे।”
रज़ा पहलवी ईरान के आखिरी शाह के बेटे हैं और कई दशकों से अमेरिका में निर्वासन का जीवन जी रहे हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने विदेश से ही ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अगर मौका मिला तो वे तेहरान लौटकर एक अंतरिम नेता के रूप में देश को लोकतंत्र की ओर ले जाने में भूमिका निभा सकते हैं।
--आईएएनएस
एएस/
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