डायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह:राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी
साल 1992 में सैफ अली खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले थे। उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम करने का मौका पाया था। उस समय यह प्रोजेक्ट बॉलीवुत में काफी चर्चित था और सैफ के करियर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था। हालांकि, बाद में वह ‘बेखुदी’ का हिस्सा नहीं बने और उन्होंने अभिनेता के रूप में फिल्म ‘परंपरा’ (1993) से शुरुआत की। जिसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था। सैफ खुद पहले कई इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें बेखुदी से इसलिए हटाया गया था क्योंकि डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी प्रेमिका से ब्रेक-अप कर देना चाहिए, वरना फिल्म छोड़नी पड़ेगी। इस शर्त के कारण उन्होंने शूटिंग छोड़ दी थी, ऐसा सैफ का मानना रहा है। यह बात सैफ ने साल 2020 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया था लेकिन अब 34 साल बाद ‘बेखुदी’ के डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बारे में अपनी सच्ची बात बताई है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सैफ को फिल्म से इसलिए नहीं हटाया गया था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने से इनकार किया। यह जो भी तब सुना और बताया गया, वह गलत है। राहुल के मुताबिक, असल वजह सैफ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार थी। वह समय पर शूटिंग पर नहीं आते थे, और तरह-तरह की लापरवाही करते थे। इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, और शूट में विलंब होने लगा। निर्देशक ने बताया कि वह इतने सालों से इस बात को स्पष्ट करना चाहते थे, और अब उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि उस समय सैफ की व्यवहार शैली ऐसी थी कि सेट पर समय पर न पहुंचना और काम के प्रति गंभीर नहीं दिखना आम बात थी। रवैल ने बताया कि इस लापरवाही और अनियमितता के कारण वह सैफ को फिल्म से अलग करना बेहतर समझे। राहुल रवैल ने यह भी कहा कि आज के मुकाबले उस समय फिल्मों में काम करने का तरीका बहुत अलग था, और एक कलाकार के लिए पेशेवर रवैया रखना बेहद आवश्यक था। एक निर्देशित काम में समय का पालन, सेट पर उपलब्धता और गंभीरता का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है, और सैफ के व्यवहार से यह गुणवत्ता नहीं दिखी थी। राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि आज सैफ अली खान का करियर बहुत सफल रहा है और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं। रवैल ने कहा कि आज सैफ अपने काम काम के प्रति गंभीर हैं, यह उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों से यह साफ झलकता है। राहुल रवैल ने ‘बेखुदी’ के अलावा अपने फिल्मी करियर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से फिल्मों का निर्देशन नहीं कर रहे हैं, और उन्हें लगता है कि फिलहाल कोई उन्हें नई फिल्म देने को तैयार नहीं है। कुछ लोग उनकी सेहत या क्षमता को लेकर गलतफहमियां रखते हैं, जिससे उन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं। वे सीधे तौर पर यह जताते हैं कि वह अब भी फिल्में डायरेक्ट करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धारणा कि वह सक्रिय नहीं हैं, बिल्कुल गलत है।
ट्रम्प बोले- अमेरिका-इजराइल के हमले में खामेनेई की मौत:ईरानी जनता के साथ न्याय हुआ, दावा- मलबे से शव मिला; ईरान बोला- सुप्रीम लीडर जिंदा
इजराइल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान में राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया। उन्होंने इसे ईरान के जनता के साथ-साथ अमेरिका और दुनियाभर के देशों के लिए न्याय बताया। इससे पहले CNN से बात करते हुए इजराइली अधिकारियों ने दावा किया कि उनके पास खामेनेई के शव की तस्वीर है, जिसे मलबे से बरामद किया गया है। इजराइल और अमेरिका ने जॉइंट अटैक में खामेनेई के घर को पूरी तरह तबाह कर दिया है। दूसरी तरफ ईरान ने कहा कि खामेनेई की मौत की खबरों को गलत बताया। विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि सुप्रीम लीडर जिंदा है। उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया है। खामेनेई के दामाद और बहू की मौत की खबर अमेरिका-इजराइल के हमलों में खामेनेई के दामाद और बहू की मौत की खबर है। तेहरान सिटी काउंसिल के एक सदस्य ने दावा किया है कि खामेनेई के दामाद और बहू की मौत हो गई। यह जानकारी रॉयटर्स ने यंग जर्नलिस्ट्स क्लब के हवाले से दी है। शनिवार रात तेहरान और उसके आसपास कई स्थानों पर हमले हुए थे। ईरानी सरकारी मीडिया ने राजधानी में कई धमाकों की पुष्टि की थी। हालांकि खामेनेई के परिजनों की मौत की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। अमेरिका या इजराइल की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दी है। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं। इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर किए हमले में 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया। ईरान का पलटवार- इजराइल समेत 9 देशों पर हमला अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग से जुड़ी 5 तस्वीरें… 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग की टाइमलाइन भारतीय समयानुसार सुबह 11:45 बजे- सुबह 11:57 बजे दोपहर 1 बजे दोपहर 3 बजे- दोपहर 4 से शाम 6 बजे शाम 6:30 बजे रात 9:30 बजे रात 1 बजे रात 3:07 बजे ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद जहाजों को हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो संदेश भेजे। इनमें जहाजों को इस णनीतिक समुद्री मार्ग से न गुजरने की चेतावनी दी गई। होर्मुज स्ट्रेट ग्लोबल तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है। यह एक संकरा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से और आगे अरब सागर से जोड़ता है। इसके उत्तर में ईरान सटा है। दक्षिण में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE है। इसके आसपास सभी तेल उत्पादक देश हैं। इसलिए इस जलीय रास्ते से दुनियाभर में तेल की सप्लाई होती है। होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा है। इसके दोनों मुहाने करीब 50 किमी चौड़े हैं, जबकि सबसे संकरा हिस्सा करीब 33 किमी चौड़ा है। इसमें आने-जाने वाले समुद्री ट्रैफिक के लिए 3 किमी चौड़ी शिपिंग लेन तय है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 



















