Rising Bharat Summit 2026: 'होली पर मुफ्त में मिलेगा LPG सिलेंडर...आएगी नई EV पॉलिसी', CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान
Rising Bharat Summit 2026: सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि, दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार खास तौर पर वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि राजधानी में बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा तैयार किया गया है, जो प्रदूषण कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
झारखंड में अपराध पीड़ितों को बड़ी राहत! सोरेन सरकार से मिलेगा 3 लाख तक मिलेगा मुआवजा, जानिए पूरी योजना
Jharkhand News: झारखंड में हेमंत सोरने की सरकार ने अपराधा के पीड़ितों और उनके आश्रितों को राहत देने के लिए बड़ा उठाया है. राज्य सरकार ने झारखंड पीड़ित प्रतिकर योजना 2016 के तहत अलग-अलग अपराधों में न्यूनतम मुआवजा राशि तय कर दी है. इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी किया है.
किसे कितना मुआवजा
आदेश के अनुसार तेजाब हमला या बलात्कार से घायल पीड़ित को कम से कम 3 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. नाबालिग के शारीरिक शोषण के मामलों में 2 लाख रुपये की राशि तय की गई है. मानव तस्करी के शिकार लोगों के पुनर्वास के लिए 1 लाख रुपये और बलात्कार से अलग यौन प्रताड़ना के मामलों में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे.
आश्रितों को मिलेंगे 2 लाख
किसी भी अपराध में मौत होने पर आश्रितों को 2 लाख रुपये मिलेंगे. 80 प्रतिशत या उससे अधिक स्थायी विकलांगता होने पर भी 2 लाख रुपये का प्रावधान है. 40 से 80 प्रतिशत आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये दिए जाएंगे. तेजाब हमले को छोड़कर अगर शरीर का 25 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा जल जाता है, तो 2 लाख रुपये मिलेंगे. भ्रूण हानि पर 50 हजार रुपये और प्रजनन क्षमता खत्म होने पर 1.5 लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया है.
विकलांगों को कितनी राशि
सीमा पर दो तरफा फायरिंग में अगर किसी महिला की 80 प्रतिशत या उससे अधिक स्थायी विकलांगता हो जाती है या मृत्यु हो जाती है, तो 2 लाख रुपये दिए जाएंगे. 40 प्रतिशत से अधिक आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये मिलेंगे. इसके अलावा, यदि किसी अपराध में शरीर के किसी अंग की हानि से 40 प्रतिशत से कम विकलांगता होती है, तो 50 हजार रुपये दिए जाएंगे. बाल पीड़ित को साधारण चोट पर 10 हजार रुपये और अन्य पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 50 हजार रुपये का प्रावधान है.
14 से कम उम्र के बच्चों के लिए क्या
मुआवजा राशि का निर्धारण पीड़ित को हुई हानि, इलाज पर खर्च, अंतिम संस्कार के खर्च और पुनर्वास की जरूरत के आधार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करेगा. इसके लिए पीड़ित या उसके आश्रित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर सकते हैं. यदि पीड़ित की उम्र 14 साल से कम है, तो तय राशि में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा सकती है.
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