Bhadohi में दलित अधिवक्ता को मिली जान से मारने की धमकी, केस दर्ज
भदोही जिले में दहेज उत्पीड़न के एक मामले की पैरवी कर रहे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक दलित अधिवक्ता को कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में महिला के पति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि औराई थाना क्षेत्र के सायर गांव निवासी अधिवक्ता जोवीन कुमार (50) की शिकायत और फोन कॉल की रिकॉर्डिंग की जांच के बाद मंगलवार देर शाम आरोपी कुंदन सिंह (25) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि रीतिका सिंह की शादी छह फरवरी 2026 को जौनपुर जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र निवासी कुंदन सिंह से हुई थी। उन्होंने बताया कि शिकायत के अनुसार शादी में करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें 10 लाख रुपये नकद और अन्य सामान शामिल थे। इसके बावजूद पति और ससुराल के अन्य सदस्य कथित तौर पर अतिरिक्त 10 लाख रुपये नकद की मांग कर रीतिका को प्रताड़ित कर रहे थे।
सिंह ने बताया कि आरोप है कि 12 जुलाई को तीन महीने की गर्भवती रीतिका के पेट पर उसके पति ने कथित तौर पर लात मारी और अगले दिन सास-ससुर ने भी उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद रीतिका ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर फोन किया और पुलिस की मदद से मायके पहुंच गई। सिंह ने बताया कि रीतिका ने 17 जुलाई को पति और सास-ससुर के खिलाफ औराई थाने में दहेज उत्पीड़न और मारपीट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया था। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इस मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता जोवीन कुमार को 20 अक्टूबर को एक अज्ञात नंबर से फोन कर मुकदमे की पैरवी नहीं करने की चेतावनी दी गई और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अधिवक्ता के साथी वकील अशोक कुमार पाल और वाहन चालक अजय कुमार यादव ने भी कॉल की रिकॉर्डिंग की थी। उन्होंने बताया कि रिकॉर्डिंग और आवाज के मिलान की जांच में 27 अक्टूबर को पुष्टि होने के बाद कुंदन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।
Jharkhand Assembly का विशेष सत्र 25 नवंबर से, संशोधित खनन कानून और SIR पर होगी चर्चा
झारखंड सरकार ने संशोधित खनन कानून और मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा के लिए 25 नवंबर से विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।’’ झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन अगस्त में संसद में पारित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर रहा है। मुख्यमंत्री सोरेन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर) और एसआईआर को लेकर जो मौजूदा स्थिति पैदा हुई है, हमारा मानना है कि इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा जरूरी है इसलिए विधानसभा का संक्षिप्त सत्र बुलाया गया है।’’ झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विशेष सत्र के दौरान खनन कानून में किए गए उन संशोधनों पर व्यापक चर्चा की जाएगी, जिनसे राज्य को वित्तीय नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों की ओर से व्यक्त की जाने वाली भावनाओं के अनुरूप राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।’’
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