छोशी पत्रिका ने सीपीसी महासचिव शी चिनफिंग का एक महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित किया
बीजिंग, 28 फरवरी (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति द्वारा प्रायोजित पत्रिका छोशी का पांचवां अंक, जो 1 मार्च को प्रकाशित होगा, उसमें सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव, चीन के राष्ट्रपति और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग का एक महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित होगा, जिसका शीर्षक है जिम्मेदारी लेने की इच्छा, साहस और सक्षमता को एक प्रचलित प्रवृत्ति बनने दें।
यह महासचिव शी द्वारा दिसंबर 2012 से दिसंबर 2025 के बीच दिए गए महत्वपूर्ण कथनों का एक अंश है।
लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि कड़ी मेहनत से राष्ट्र का निर्माण होता है, जबकि खोखली बातें उसे नुकसान पहुंचाती हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में उल्लिखित भव्य योजना को एक सुंदर वास्तविकता में बदलने के लिए सभी स्तरों के नेताओं की प्रतिबद्धता और सक्रियता आवश्यक है। इस नई यात्रा में राह हमेशा सुगम नहीं होगी। हमें कई बड़ी चुनौतियों, जोखिमों, बाधाओं और विरोधाभासों का सामना करना पड़ेगा, और अधिकारियों में जिम्मेदारी की प्रबल भावना होनी चाहिए।
लेख में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी लेने और कार्रवाई करने की तत्परता एक राजनीतिक गुण होने के साथ-साथ शासन का एक मूलभूत कर्तव्य भी है। अधिकारी बिना कोई काम किए केवल अधिकारी बने रहना नहीं चाह सकते, बिना जिम्मेदारी लिए केवल सत्ता हथियाना नहीं चाह सकते, और बिना योगदान दिए केवल प्रसिद्धि पाना नहीं चाह सकते।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मध्य-पूर्व में बढ़ा तनावः अमेरिका एवं इजरायल ने संयुक्त हमले किए, ईरान ने दी 'विनाशकारी' जवाबी कार्रवाई की धमकी
बीजिंग, 28 फरवरी (आईएएनएस)। इजरायल और अमेरिका ने स्थानीय समयानुसार 28 फरवरी को ईरानी राष्ट्रपति भवन सहित कई ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद, ईरान ने तेल अवीव और इज़राइल के अन्य स्थानों पर मिसाइल हमले किए। मध्य पूर्व में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले हुए।
इजरायल ने कहा कि इस ऑपरेशन की तारीख हफ़्तों पहले तय की गई थी, जिसका मकसद ईरानी शासन को उखाड़ फेंकना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन लक्ष्य बताए: ईरानी नौसेना को खत्म करना, ईरान के मिसाइल उद्योग को नष्ट करना और यह सुनिश्चित करना कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ट्रंप ने संभावित अमेरिकी हताहतों की चेतावनी भी दी। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जवाबी कार्रवाई विनाशकारी होगी।
ईरान के गृह मंत्रालय ने अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों के संबंध में एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि शत्रु ने सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अवहेलना की है और वार्ता के दौरान हमले किए हैं। गृह मंत्रालय सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करेगा। गृह मंत्री ने सभी प्रांतों के गर्वनरों को भी आदेश जारी कर जनता की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी संसाधनों को जुटाने का निर्देश दिया है।
अब तक, ईरान के भीतर लगभग 30 ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं, जिनमें मंत्रियों और सैन्य नेताओं के आवास शामिल हैं, जैसे कि ईरानी राष्ट्रपति भवन, ईरानी खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय, ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन और ईरान में स्थित परचिन सैन्य अड्डा।
ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रवक्ता ने कहा कि इजरायल और अमेरिका की सहायता करने वाला हर कोई सैन्य अड्डा ईरानी सेना का निशाना बनेगा। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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