पीएम आवास योजना (शहरी) को लेकर धामी सरकार सख्त, 30 सितंबर तक पूरे होंगे सभी लंबित आवास
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को तेजी से पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर योजना के तहत चल रहे आवास निर्माण कार्यों की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई. बैठक में अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को साफ निर्देश दिए गए कि सभी लंबित आवासीय परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए.
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने की. इस दौरान योजना से जुड़े सभी पहलुओं, निर्माण की स्थिति और लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई.
30 सितंबर तक पूरा करना होगा लंबित निर्माण कार्य
बैठक में सचिव आवास ने सभी कार्यदायी संस्थाओं और विकासकों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत लंबित सभी आवासों का निर्माण 30 सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए.
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल मकान बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने का माध्यम है. ऐसे में निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी.
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए.
राज्य में 6,464 आवासों का निर्माण पूरा
समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत उत्तराखंड में अब तक 6,464 आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है.
इन तैयार आवासों को पात्र लाभार्थियों को सौंपने की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है. सरकार का उद्देश्य है कि जिन परिवारों के लिए ये घर बनाए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके.
विभाग की ओर से पूर्ण हो चुके आवासों के आवंटन और कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है.
परियोजनाओं की होगी नियमित निगरानी
बैठक में लंबित परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी चर्चा हुई. सचिव आवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है, वहां विशेष निगरानी बढ़ाई जाए.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाएगी और निर्माण से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा.
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी योजनाएं तय मानकों के अनुसार आगे बढ़ें.
गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आवासों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण घर उपलब्ध कराना है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को पूरी गंभीरता से लागू कर रही है. सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करें.
उन्होंने कहा कि विभाग लगातार परियोजनाओं की निगरानी करेगा और किसी भी स्तर पर देरी या गुणवत्ता में कमी को स्वीकार नहीं किया जाएगा.
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह, उप सचिव आवास रजनीश जैन, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार चौहान, सहायक अभियंता आकाश चौहान, आवास विशेषज्ञ रोहित रंजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
बैठक में सभी अधिकारियों ने योजना को सफल बनाने और तय समय में सभी निर्माण कार्य पूरे करने के लिए समन्वय के साथ काम करने का भरोसा दिलाया.
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को अपना सुरक्षित और पक्का घर मिल सके. उत्तराखंड में इस दिशा में चल रहे प्रयासों को अब समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
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उत्तराखंड में खुलेंगे EPFO के क्षेत्रीय और जिला कार्यालय! धामी सरकार के प्रस्ताव पर विचार करेगा केंद्र
Uttarakhand News: उत्तराखंड में भी आने वाले दिनों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय और जिला कार्यालय खुल सकते हैं. इसके लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं. ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार राज्य को ईपीएफओ के क्षेत्रीय और जिला कार्यालय की सौगात दे रही है.
- दरअसल, धामी सरकार ने केंद्र को उत्तराखंड में भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय और जिला कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भेजा है. जिस पर केंद्र सरकार विचार कर रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि राज्य में ईपीएफओं के कार्यालय खुल सकते हैं. जो धामी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता होगी.
धामी सरकार ने भेजा केंद्र को प्रस्ताव
बता दें कि उत्तराखंड में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अलग क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालयों की स्थापना के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. इस प्रस्ताव पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.
केंद्रीय मंत्री सीएम को भेजा पत्र
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में बताया है कि ईपीएफओ कार्यालयों की स्थापना अथवा उन्नयन का निर्णय कार्यभार, कार्यक्षेत्र, कर्मचारियों की संख्या, प्रशासनिक आवश्यकता तथा सेवा वितरण की जरूरतों के आधार पर किया जाता है.
- उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच कार्यभार के संतुलित वितरण और सेवा प्रदायगी की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से ईपीएफओ कार्यालयों का युक्तिकरण भी किया गया है.
धामी सरकार के सुझावों को गंभीरता से ले रहा केंद्र
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री मांडविया ने सीएम को लिखे अपने पत्र में यह भी साफ किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है तथा ईपीएफओ के प्रचलित मानकों एवं नीतियों के अनुरूप उन पर निश्चित रूप से विचार किया जाएगा.
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उत्तराखंड में ईपीएफओ की सुविधाओं का विस्तार- सीएम पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों को बेहतर और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में ईपीएफओ की सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है. इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी.
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