IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की प्लेइंग-11 में नहीं खेलेगा ये खिलाड़ी, जानिए किस वजह से हुआ बाहर?
IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1 मार्च यानी रविवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 का अंतिम मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में खेला जाने वाला है. इस मैच से पहले टीम इंडिया के एक खिलाड़ी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या वो वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया प्लेइंग-11 में खेलेगा या फिर उसे प्लेइंग-11 से बाहर रखा जाएगा. वो खिलाड़ी कौन है, आइए उसके बारे में जानते हैं.
आपको बता दें कि ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के बाएं हाथ के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह हैं. रिंकू के पिता का 27 फरवरी की सुबह निधन हो गया था. वो काफी लंबे वक्त से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे. उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली.
रिंकू सिंह 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मैच से पहले टीम इंडिया का साथ छोड़कर अपने घर आए थे. इसके बाद वो इस मैच के लिए टीम के साथ जुड़ने के लिए चेन्नई पहुंचे लेकिन उन्हें प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला पर वो मैदान पर फील्डिंग करते हुए नजर आए.
RINKU SINGH THE WARRIOR ????????????
— Venky Mama (@venkymama100) February 28, 2026
- Went home when father was serious and on ventilator
- Came back before the Zimbabwe match and got dropped from the team
- Next day father passed away
- Went and Performed last rites of his father and came back to join team pic.twitter.com/Im1Mso8nwm
टीम इंडिया के साथ जुड़े रिंकू सिंह
इस मैच के खत्म होने के बाद रिंकू को जब पिता के निधन की सूचना मिली तो वो चेन्नई से दिल्ली आए. अब एक बार फिर रिंकू टीम इंडिया से जुड़ चुके हैं. वो आज यानी शनिवार को कोलकाता में टीम इंडिया से जुड़ गए हैं. रिंकू के पिता को मुखाग्नि दिए हुए 24 घंटों का भी समय नहीं हुआ उससे पहले वो नेशनल ड्यूटी के लिए टीम इंडिया के साथ जुड़ गए हैं.
देवजीत सैकिया ने रिंकू को लेकर दिया बड़ा बयान
रिंकू सिंह को लेकर बीसीसीआई के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने 27 फरवरी को आईएनएस को बताया था कि, वो पिता के निधन के चलते कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच से बाहर रहेंगे. लेकिन अब यानी 28 फरवरी को उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए शनिवार को रिंकू सिंह के टीम इंडिया से जुड़ने की बात कही है.
Deeply saddened to hear about demise of Khanchandra Singh, father of Rinku Singh. On behalf of the Board of Control for Cricket in India, I extend my heartfelt condolences to @rinkusingh235 & his family. May they find strength and peace in this difficult phase.@BCCI
— Devajit LON Saikia (@lonsaikia) February 27, 2026
क्या रिंकू सिंह को टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में जगह
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रिंकू सिंह वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले मैच की प्लेइंग-11 में शामिल होंगे. इस सवाल का जवाब तो आने वाले वक्त में ही मिलेगा, लेकिन रिंकू सिंह के लिए कोलकाता का ईडन गार्डन स्टेडियम होम ग्राउंड है. वो यहां पर कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से आईपीएल में खेलते हैं.
ये भी पढ़ें : 2 स्थान, टीमें 4... सेमीफाइनल की राह नहीं आसान, जानिए किसको मिलेगा टिकट और कौन होगा बाहर?
तन के साथ मन का स्वास्थ्य भी जरूरी, जानें कौन सी हैं मन की 5 मुख्य वृत्तियां
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। शारीरिक तरीके से खुद को फिट रखने के लिए लोग जिम का सहारा लेते हैं और खूब कसरत करते हैं।
तन का ख्याल रखने के लिए जिम है, लेकिन मन का ख्याल रखने के लिए क्या करें? तन की तरह मन को भी स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। मन को स्वस्थ रखने के लिए योग का सहारा लिया जा सकता है, जिसमें मन की मुख्य 5 वृत्तियों के बारे में बारीकी से समझाया गया है।
अक्सर हम अपने ही विचारों में उलझे रहते हैं और मन को तनाव घेर लेता है। मन की परेशानी तन को भी बीमार सकती है, इसलिए योग में मन की मुख्य 5 वृत्तियाँ के बारे में समझाया गया है, जिसकी सहायता से जिंदगी और तनाव दोनों को मैनेज किया जा सकता है। चित्त वृत्ति निरोध का सीधा अर्थ है मन का अध्ययन करना और मन को हर प्रकार के बोझ से मुक्त करता है। इसके लिए योग में 5 चित्त वृत्तियां का जिक्र किया गया है, जिसमें प्रमाणवृत्ति, विपर्ययवृत्ति, विकल्प वृत्ति, निद्रावृत्ति और स्मृतिवृत्ति शामिल है।
आयुष मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, प्रमाणवृत्ति ध्यान का पहला चरण है, जिसमें मन को सही ज्ञान और धारणा की स्थिति में लाया जाता है, जिसमें आंखों और कानों से ज्ञान का सीधा अनुभव किया जाता है। दूसरा चरण है विपर्ययवृत्ति। विपर्ययवृत्ति में भ्रम की स्थिति को दूर करने का काम होता है। मन के भीतर बने पल रहे विपरीत ज्ञान में परिवर्तन ही विपर्ययवृत्ति है। तीसरा चरण है, विकल्प वृत्ति। विकल्प वृत्ति का तात्पर्य शब्द ज्ञान से हैं, जो वस्तु से रहित है। इसे कल्पना से अर्जित ज्ञान भी कहा जाता है लेकिन किसी वस्तु का कोई लेना-देना नहीं होता।
चौथा चरण है, निद्रावृत्ति। इसका अर्थ है, ज्ञानबोझ का अभाव होना। इस स्थिति में मन ज्ञान की अवस्था से दूर होता है और उसके भीतर तमस का अनुभव होता है। पांचवा चरण है स्मृतिवृत्ति। इसका अर्थ है जब मन पुरानी यादों को बार-बार याद करने लगता है। मन अतीत की घटनाओं या पलों में जीता है और उसे वही पल सुख का अनुभव देते हैं।
ये पांच वृत्तियां मन के सभी विकारों को हटाने की क्षमता रखती हैं और तनाव और बोझ से मुक्त करने में मदद करती हैं।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation






















