Responsive Scrollable Menu

UN आयोग प्रमुख Erik Mose का दावा, Ukraine के ऊर्जा ढांचे पर Russia के हमले युद्ध अपराध

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक जांच में पाया गया है कि रूस ने यूक्रेन में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर हमले किए, जिससे कड़ाके की ठंड में लाखों लोग बिजली और हीटिंग (गर्मी) के बिना रहने को मजबूर हो गए। यह कृत्य युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आता है। जांच में इस बात के भी सबूत मिले हैं कि रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए, भारत सहित 29 देशों के लोगों को धोखे या दबाव के जरिए अपनी सेना में भर्ती किया, ताकि वे यूक्रेन में लड़ सकें। फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किए जाने के कुछ ही समय बाद, जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने एक स्वतंत्र जांच आयोग को अधिकृत किया था। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की मानवाधिकार समिति को सौंपी गई इसकी पहली रिपोर्ट, यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर रूस के व्यापक हमलों के असर पर केंद्रित थी।

इसे भी पढ़ें: Ukraine में बहाल हुई Starlink सेवा, Elon Musk ने बताया क्यों घटाई गई थी इंटरनेट स्पीड


रिपोर्ट के अनुसार, बिजली कटौती के कारण लाखों आम नागरिकों को अंधेरे और कड़ाके की ठंड में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान, बुजुर्गों के पास आश्रयों तक पहुंचने के लिए लिफ्ट की सुविधा नहीं थी, जबकि अस्पतालों में मरीजों को जीवन रक्षक उपकरणों से वंचित रहना पड़ा। आयोग के अध्यक्ष एरिक मोसे ने संयुक्त राष्ट्र की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो के ज़रिए कहा कि यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए हमले 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आते हैं, क्योंकि इन्हें जानबूझकर आम नागरिकों की सुविधाओं को निशाना बनाकर किया गया था। उन्होंने कहा कि ये हमले 'मानवता के विरुद्ध अपराध' भी हैं, क्योंकि इनसे आम नागरिकों को भारी पीड़ा झेलनी पड़ी। नॉर्वे के पूर्व जज मोसे ने कहा कि सर्दियों से पहले हमलों का तेज होना आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरे की चिंता पैदा करता है।

इसे भी पढ़ें: Elon Musk के ड्रोन हमले वाले आरोपों को Ukraine ने नकारा, Starlink नियमों पर दी सफाई

आयोग ने बताया कि उसके निष्कर्ष 255 यूक्रेनियनों के बयानों पर आधारित हैं, जिन्होंने 2025-26 में कीव और आठ अन्य क्षेत्रों में सर्दियों की कठिन परिस्थितियों का सामना किया था। इसके अलावा, इसमें सरकारी अधिकारियों, डॉक्टरों और नागरिक संगठनों से मिली जानकारी को भी शामिल किया गया है। मोसे ने कहा कि रूस ने आयोग की किसी भी रिपोर्ट (जिसमें हालिया रिपोर्ट भी शामिल है) पर टिप्पणी करने के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के मिशन ने सोमवार को कहा कि वह आयोग के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता है और दावा किया कि इसके निष्कर्ष गलत आंकड़ों पर आधारित हैं। पूरे युद्ध के दौरान, रूस का यही कहना रहा है कि उसकी सेना यूक्रेन में केवल सैन्य या सैन्य-संबंधी ठिकानों, या यूक्रेनी सशस्त्र बलों के हितों से जुड़े स्थानों को ही निशाना बनाती है—भले ही कई रिपोर्टों और सबूतों से कुछ और ही पता चलता हो।

Continue reading on the app

तुर्की-सऊदी और पाकिस्तान अचानक पहुंच गए ईरान, हो गया बड़ा खेल!

एक तरफ सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव चरम पर है तो दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच भी टकराव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अमेरिका की ओर से ईरान पर दोबारा हमले की चर्चाओं के बीच मिडिल ईस्ट में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। लेकिन इसी बीच 26 अक्टूबर को ईरान की राजधानी तेहरान में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबका ध्यान खींचा है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बड़े अधिकारी ईरान पहुंच गए और चारों देशों के प्रतिनिधियों ने एक साथ बैठकर क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा की। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन देशों के हित अलग-अलग हैं, वे अचानक एक साथ क्यों आए हैं? क्या यह देश मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं? या फिर अमेरिका की रणनीति से अलग क्षेत्रीय सुरक्षा का कोई नया रास्ता तलाशा जा रहा है। 

इसे भी पढ़ें: नेतन्याहू हारे तो ये होंगे नए इजरायली प्रधानमंत्री, क्या करेगा भारत?


दरअसल बैठक की मेजबानी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मेजर जनरल मोहसेन रिजाई ने की। इसमें सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और तुर्की की खुफिया एजेंसी के प्रमुख इब्राहिम कलीन शामिल हुए। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागच्ची भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि चारों देश क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए बातचीत जारी रखेंगे। हालांकि किसी नए सैन्य समझौते या संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई। इस बैठक का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है। ईरान को आशंका है कि अमेरिका इजराइल उस पर फिर से हमला कर सकते हैं। वहीं सऊदी अरब को यमन के होती विद्रोहियों के हमलों की चिंता है। ऐसे माहौल में इन देशों का एक साथ बैठना क्षेत्रीय राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशियान ने भी पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने इस्लामी देशों से आपसी मतभेद दूर कर एकजुट होने की अपील की। पेजेशकियान का कहना था कि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बाहरी ताकतों पर निर्भर रहने के बजाय पड़ोसी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: नेतन्याहू के हारते ही ईरान में तबाही, इजरायल का क्या है सीक्रेट प्लान?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी बैठक को क्षेत्रीय सुरक्षा की दिशा में एक व्यावहारिक कदम बताया। उनके मुताबिक पिछले दो वर्षों की घटनाओं ने साबित किया है कि आपसी भरोसे के बिना क्षेत्र में स्थाई शांति कायम करना मुश्किल है। इस बैठक को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह देश अमेरिका की रणनीति से अलग अपना रास्ता तैयार कर रहे हैं? पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की एक रक्षा समझौते के सदस्य हैं, जिसे मक्का रक्षा समझौते के नाम से जाना जाता है। इस समझौते के बाद तीनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की ईरान की यह पहली संयुक्त यात्रा है। ईरान चाहता है कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले पश्चिमी देशों के बजाय इसी क्षेत्र के देश मिलकर करें। ईरानी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि पड़ोसी देशों के बीच सहयोग बढ़ाकर सुरक्षा का ऐसा ढांचा तैयार किया जा सकता है जिसमें बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत कम हो। वहीं इस बैठक का एक दूसरा पहलू सऊदी अरब और ईरान के रिश्ते हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव रहा है। 

Continue reading on the app

  Sports

कौन हैं प्र‍ियांशु मोल‍िया... ज‍िन्‍होंने रणजी ट्रॉफी में खेली 321 रन की पारी, 79 साल पुराना र‍िकॉर्ड स्‍वाहा

Priyanshu Moliya Triple Hundred: बड़ौदा के 21 वर्षीय बल्लेबाज प्रियांशु मोलिया ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ नाबाद 321 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर इतिहास रच दिया. नंबर 3 पर उतरकर उन्होंने 79 साल पुराना गुल मोहम्मद का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मोलिया अब प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बड़ौदा के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले और इस मुकाम को हासिल करने वाले सातवें सबसे युवा भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. Tue, 27 Oct 2026 21:47:21 +0530

  Videos
See all

Kareena Kapoor: पैपराजी के कैमरे में कैद हुईं करीना कपूर #kareenakapoorkhan #shorts #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-27T16:06:49+00:00

AAJTAK 2 | ASARAM को फिर जाना पड़ा JAIL, SC ने PAROLE बढ़ाने से किया इनकार! | AT2 #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-27T16:05:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers