Pakistan vs Sri Lanka: बारिश की भेंट चढ़ा पाकिस्तान-श्रीलंका मैच, तो किसे मिलेगी सेमीफाइनल में जगह, जानें पूरा गणित
Pakistan vs Sri Lanka: आज पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 50वां मैच खेला जाने वाला है. ये दोनों टीमें आज सुपर-8 के अपने अंतिम मैच में एक दूसरे से शाम 7:00 बजे श्रीलंका के पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. ये मैच पाकिस्तान के लिए बहुत मायने रखता है, जबकि श्रीलंका के लिए इस मैच के नतीजे का कोई मतलब नहीं है. इस मैच को अगर पाकिस्तान बड़े अंतर से जीत जाता है तो, वो सेमीफाइनल में जगह बना सकता है.
वहीं श्रीलंका क्रिकेट टीम पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गई है. इस मैच में पाकिस्तान के लिए बहुत जरूरी है. अगर पाकिस्तान इस मैच में हार जाता है या बड़े अंतर से जीतकर अपनी नेट रन रेट नहीं सुधार पाता है तो वो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल से बाहर हो जाएगा और न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी.
बारिश के चलते रद्द हुआ पाकिस्तान-श्रीलंका मैच तो किसे मिलेगा फायदा
पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला जाने वाला ये मैच अगर बारिश के चलते रद्द होता है तो, कौन सी टीम सेमीफाइनल में जगह बनाएगी. बारिश पाकिस्तान के लिए फायदेमंद होगी या फिर नुकसानदायाक आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
वे
It all boils down to this in Group 2 ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) February 27, 2026
What are your predictions for tomorrow? ????
ICC Men’s #T20WorldCup 2026 ???? SUPER 8 | #SLvPAK | SAT, 28th FEB, 6 PM pic.twitter.com/Gbn4NrcqUr
वेदर रिपोर्ट
आज पल्लेकेले के मौसम की बात करें तो, एक्यूवेदर के अनुसार, इस मैच के दिन पल्लेकेले में बारिश की बहुत कम उम्मीद है. शाम 7 बजे तक बारिश होने की कोई भी आशंका नहीं है. आज यहां का टेम्परेचर 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. वहीं ह्यूमिडिटी 48% के आसपास रहेगा. इस मैदान पर हवा 6 KM/H से चलने की उम्मीद है. ऐसे में पाकिस्तान श्रीलंका का पूरा मैच फैंस को देखने के लिए मिलने की उम्मीद है.
पाकिस्तान-श्रीलंका की संभावित प्लेइंग इलेवन
पाकिस्तान: साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, सलमान आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमान, उस्मान खान (विकेट कीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, शाहीन अफरीदी, सलमान मिर्जा, उस्मान तारिक.
श्रीलंका: पथुम निस्सांका, कुसल मेंडिस (विकेट कीपर), चरिथ असलांका, पवन रथनायके, कामिंडू मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), दुनिथ वेल्लालगे, दुशान हेमंथा, दुष्मंथा चमीरा, महीश थीकशाना, दिलशान मदुशंका.
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सरकार ने गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को रोका
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। यह निर्णय तब तक लागू रहेगा, जब तक अधिक मजबूत और प्रभावी पोषक तत्व वितरण तंत्र विकसित और कार्यान्वित नहीं हो जाता।
सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और भारत सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। इस समीक्षा के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया है कि लाभार्थियों तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए अधिक प्रभावी व्यवस्था मिलने तक पीएमजीकेएवाई और संबद्ध योजनाओं के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाए।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, देश के अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में वास्तविक भंडारण स्थितियों के तहत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) और फोर्टिफाइड राइस (एफआर) की शेल्फ लाइफ का आकलन करने के लिए सरकार की ओर से आईआईटी खड़गपुर को काम सौंपा गया था। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि नमी की मात्रा, भंडारण की स्थिति, तापमान, सापेक्ष आर्द्रता और पैकेजिंग सामग्री जैसे कारक एफआरके और एफआर की स्थिरता और शेल्फ लाइफ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि लंबे समय तक भंडारण और नियमित रखरखाव के दौरान इनमें सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और शेल्फ लाइफ में गिरावट आने की संभावना रहती है। इस कमी के कारण प्रभावी शेल्फ लाइफ अपेक्षा से कम हो जाती है, जिससे अपेक्षित पोषण संबंधी लाभ सीमित हो जाते हैं।
खरीद की मात्रा और वार्षिक खपत को ध्यान में रखते हुए चावल दो से तीन साल तक भंडारण में रहता है। पीएमजीकेएवाई और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत 372 लाख मीट्रिक टन के वार्षिक आवंटन के मुकाबले, केंद्रीय भंडार में कुल उपलब्धता 674 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जिसमें केएमएस 2025-26 से प्राप्त होने वाली रसीदें भी शामिल है।
इन निष्कर्षों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जब तक अधिक मजबूत और प्रभावी पोषक तत्व वितरण तंत्र विकसित और कार्यान्वित नहीं हो जाता, तब तक चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाए।
सरकार ने कहा है कि प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद करने के इस फैसले से खाद्यान्न की पात्रता में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी और न ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) या मिड-डे मील योजना के संचालन पर कोई प्रभाव पड़ेगा।
केएमएस 2025-26 (खरीफ फसल) के साथ-साथ केएमएस 2024-25 से लंबित प्राप्तियों के लिए, राज्यों को एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में परिचालन और रसद संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फोर्टिफाइड चावल या गैर-फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति करने की छूट दी गई है।
--आईएएनएस
डीसीएच/
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