राज्यसभा के लिए सामने टीएमसी कैंडिडेट्स के नाम, बाबुल सुप्रियो समेत ये हैं चार उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पांच में से चार सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने इस बार राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों क्षेत्रों से चेहरे उतारकर संतुलित संदेश देने की कोशिश की है.
बाबुल सुप्रियो और कोयल मल्लिक को मौका
टीएमसी की सूची में सबसे चर्चित नाम बाबुल सुप्रियो का है. पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके बाबुल अब राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला पार्टी की रणनीतिक चाल माना जा रहा है.
इसके साथ ही बंगाली सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को भी उम्मीदवार बनाया गया है. माना जा रहा है कि यह कदम सांस्कृतिक जगत से जुड़ी हस्तियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व देने की दिशा में उठाया गया है.
प्रशासनिक और कानूनी अनुभव पर भी दांव
पार्टी ने पूर्व डीजीपी राजीव कुमार और वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी को भी उम्मीदवार बनाया है. राजीव कुमार का प्रशासनिक अनुभव और कानून-व्यवस्था की समझ संसद में पार्टी के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. वहीं मेनका गुरुस्वामी का नाम संवैधानिक और कानूनी मुद्दों पर मजबूत पकड़ को दर्शाता है.
इन चार नामों के जरिए टीएमसी ने राजनीति, सिनेमा, प्रशासन और कानून चारों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की है.
पांच सीटों का गणित क्या कहता है?
राज्य में कुल पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है. देश के 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान प्रस्तावित है, जिसमें पश्चिम बंगाल की भी पांच सीटें शामिल हैं.
विधानसभा में टीएमसी के 223 से 225 विधायक हैं, जो उसे चार सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या देते हैं. दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पास 64-65 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 49 वोटों की जरूरत होती है, ऐसे में बीजेपी का एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है.
रणनीतिक संतुलन की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी ने उम्मीदवारों का चयन सोच-समझकर किया है. एक ओर पार्टी अपने पुराने सहयोगियों को साधने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर नए चेहरों को आगे लाकर भविष्य की राजनीति की जमीन भी तैयार कर रही है.
अब निगाहें 16 मार्च की वोटिंग पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की पांचों सीटों पर किसकी मुहर लगती है.
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चीन के नागरिक परिवहन हवाई अड्डे 2025 में तीन संकेतकों में नई ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे
बीजिंग, 27 फरवरी (आईएएनएस)। चीन के नागरिक उड्डयन प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार 2025 में चीन के नागरिक परिवहन हवाई अड्डे तीन संकेतकों में नई ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे, जिन्होंने पूरे साल 15,290.46 लाख यात्रियों, 218.64 लाख टन कार्गो और मेल और 124.48 लाख एयरक्राफ्ट टेक ऑफ और लैंडिंग को हैंडल किया, जो साल-दर-साल क्रमशः 4.8, 9.0, और 0.4 की बढ़ोतरी दिखाता है।
नागरिक उड्डयन प्रशासन ने 2025 राष्ट्रीय नागरिक परिवहन हवाई अड्डा उत्पादन सांख्यिकी बुलेटिन जारी किया। बुलेटिन से पता चलता है कि 2025 के आखिर तक, चीन में 270 प्रमाणित परिवहन हवाई अड्डे थे, जिनमें से 266 में नियमित उड़ानें थीं, जो 261 शहरों (या इलाकों) को सर्विस दे रही थीं।
यात्री थ्रूपुट के संदर्भ में, 2025 में 41 परिवहन हवाई अड्डों ने 1 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को हैंडल किया, जो सभी घरेलू परिवहन हवाई अड्डों के कुल यात्री थ्रूपुट का 83.7 था।
कार्गो और मेल थ्रूपुट के बारे में, 2025 तक, 35 परिवहन हवाई अड्डों का कार्गो और मेल थ्रूपुट 1 लाख टन से ज्यादा था, जो सभी घरेलू परिवहन हवाई अड्डों के कुल कार्गो और मेल थ्रूपुट का 93.6 था।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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