विश्व के चार शीर्ष हाई-टेक उद्योग गुजरात में आ रहे हैं: मंत्री अर्जुन मोढवाडिया
गांधीनगर, 27 फरवरी (आईएएनएस) । गुजरात के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने शुक्रवार को कहा कि रणनीतिक निवेश और निर्णायक राजकोषीय प्रबंधन के कारण राज्य ने आर्थिक विकास, विनिर्माण और तकनीकी उन्नति में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अग्रणी स्थिति को मजबूत किया है।
2026-27 के राज्य बजट पर आम चर्चा के दौरान, मोढवाडिया ने इस बात पर प्रकाश डाला कि गुजरात का आर्थिक अनुशासन, अवसंरचना विकास और उद्योग-केंद्रित नीतियां प्रतिभा और निवेश को वापस राज्य की ओर आकर्षित कर रही हैं।
मोढवाडिया ने कहा कि विश्व के शीर्ष पांच से छह हाई-टेक उद्योगों में से चार गुजरात में आ रहे हैं। कल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, सानंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन भारत के तकनीकी इतिहास में एक ऐतिहासिक घटना होगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस विकास से प्रतिभा पलायन की समस्या कम हो रही है, क्योंकि भारतीय पेशेवर और सीईओ विदेशों से लौटकर गुजरात के औद्योगिक विकास में योगदान दे रहे हैं।
मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान गुजरात की सक्रिय प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने रिकॉर्ड समय में तीन टीके विकसित किए और 14 लाख नागरिकों को मुफ्त में उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा कि भारत ने अन्य देशों को भी टीकाकरण सहायता प्रदान की, जिससे एक चुनौती को अवसर में बदल दिया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों और कृषि उत्पादन को समर्थन देने के लिए उपाय लागू किए हैं।
मूंगफली की खरीद पर 15,000 करोड़ रुपए खर्च किए गए, और मानसून की आपदाओं के दौरान 16,000 गांवों के किसानों के खातों में सीधे 11,000 करोड़ रुपए जमा किए गए, जिससे सर्वेक्षण प्रक्रियाओं में होने वाली देरी से बचा जा सका।
मोढवाडिया ने आगे कहा कि आधुनिक डिजिटल प्रणालियों के कारण अब किसान सरकारी कार्यालयों में जाए बिना ही भूमि अभिलेखों, जिनमें 7/12 और 8-ए शामिल हैं, को ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
गुजरात के वित्तीय प्रबंधन और बजटीय अनुशासन पर भी जोर दिया गया।
--आईएएनएस
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राज्यसभा के लिए सामने टीएमसी कैंडिडेट्स के नाम, बाबुल सुप्रियो समेत ये हैं चार उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पांच में से चार सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने इस बार राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों क्षेत्रों से चेहरे उतारकर संतुलित संदेश देने की कोशिश की है.
बाबुल सुप्रियो और कोयल मल्लिक को मौका
टीएमसी की सूची में सबसे चर्चित नाम बाबुल सुप्रियो का है. पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके बाबुल अब राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला पार्टी की रणनीतिक चाल माना जा रहा है.
इसके साथ ही बंगाली सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को भी उम्मीदवार बनाया गया है. माना जा रहा है कि यह कदम सांस्कृतिक जगत से जुड़ी हस्तियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व देने की दिशा में उठाया गया है.
प्रशासनिक और कानूनी अनुभव पर भी दांव
पार्टी ने पूर्व डीजीपी राजीव कुमार और वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी को भी उम्मीदवार बनाया है. राजीव कुमार का प्रशासनिक अनुभव और कानून-व्यवस्था की समझ संसद में पार्टी के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. वहीं मेनका गुरुस्वामी का नाम संवैधानिक और कानूनी मुद्दों पर मजबूत पकड़ को दर्शाता है.
इन चार नामों के जरिए टीएमसी ने राजनीति, सिनेमा, प्रशासन और कानून चारों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की है.
पांच सीटों का गणित क्या कहता है?
राज्य में कुल पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है. देश के 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान प्रस्तावित है, जिसमें पश्चिम बंगाल की भी पांच सीटें शामिल हैं.
विधानसभा में टीएमसी के 223 से 225 विधायक हैं, जो उसे चार सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या देते हैं. दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पास 64-65 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 49 वोटों की जरूरत होती है, ऐसे में बीजेपी का एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है.
रणनीतिक संतुलन की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी ने उम्मीदवारों का चयन सोच-समझकर किया है. एक ओर पार्टी अपने पुराने सहयोगियों को साधने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर नए चेहरों को आगे लाकर भविष्य की राजनीति की जमीन भी तैयार कर रही है.
अब निगाहें 16 मार्च की वोटिंग पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की पांचों सीटों पर किसकी मुहर लगती है.
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