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3 दिन बाद 7 राशियों पर बरसेगा पैसा ही पैसा, करवा चौथ पर शुक्र देंगे खुशखबरी; धन लाभ के बनेंगे योग

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आज तय होगा JDU में किसका दबदबा, संजय या ललन?:MLC रिजल्ट से निशांत कुमार और प्रशांत किशोर का क्या होगा, 5 बड़े सियासी असर

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के चुनाव का रिजल्ट आज यानी 27 अक्टूबर को आएगा। यह रिजल्ट JDU और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के आगे की राजनीति को पूरी तरह बदल देगी। आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में समझेंगे; JDU और प्रशांत किशोर जीते तब क्या होगा, हारे तो क्या होगा...। 1 सीट से ज्यादा जीती JDU तब 3 बड़े इंपैक्ट 1. निशांत कुमार की स्वीकार्यता पर मुहर MLC की 8 सीटों में से JDU 4 सीटों पटना, तिरहुत स्नातक और सारण, दरभंगा शिक्षक सीट पर चुनाव लड़ी। फिलहाल इन 8 सीटों में से JDU का सिर्फ पटना स्नातक सीट पर कब्जा है। निशांत कुमार के 8 मार्च को पार्टी में शामिल होने के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है। इस चुनाव की कमान नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने संभाल रखी थी। निशांत ने पटना, कोशी, दरभंगा से लेकर सारण तक जमकर चुनाव प्रचार किया। उन्होंने एक तरह से चुनाव को लीड किया। 2. पार्टी में हावी होंगे संजय झा पूरे MLC चुनाव में JDU अंदरखाने दो गुटों में बंटती दिखी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी में अंदर ही अंदर जबर्दस्त पावर वार चल रहा है। पार्टी को इन दिनों राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ही चला रहे हैं। पूरे चुनाव प्रचार और रणनीति की कमान संजय झा ने संभाल रखी थी। 3. पार्टी में कमजोर होंगे ललन सिंह MLC चुनाव से पार्टी के सीनियर नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने दूरी बनाए रखी। उन्होंने ना किसी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया और ना ही विरोध किया। लेकिन अगर JDU का प्रदर्शन बिगड़ा तब 3 चीजें होनी तय 1. पार्टी में असंतोष बढ़ेगा पार्टी में इन दिनों सब ठीक नहीं है। अंदरखाने असंतोष पनप रहा है। 18 सितंंबर को विधायकों और विधान परिषदों के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में जब ललन सिंह को इनवाइट नहीं किया गया तो 24 विधायकों ने खुलकर इसका विरोध जताया। सूत्रों के मुताबिक, अभी पार्टी में सब कंट्रोल में दिख रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है। मोकामा विधायक अनंत सिंह को निकालने के मामले पर भी पार्टी में दो राय है। सूत्रों के मुताबिक, अगर MLC चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा तो यह असंतोष तेजी से बढ़ेगा। अनंत सिंह की तरह बाकी नेता भी खुलकर विरोध करना शुरू कर देंगे। चूंकि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद JDU भोजपुर स्थानीय प्राधिकार का उपचुनाव हार चुकी है। 2. संजय झा और निशांत पर सवाल उठेंगे पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि अगर MLC चुनाव में हार होती है तो यह सीधे तौर पर निशांत कुमार और संजय झा की रणनीति की हार होगी। 3. ललन सिंह को ताकत मिलेगी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की गतिविधियों से दूर चल रहे ललन सिंह को MLC चुनाव में JDU की हार ताकत दे सकती है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि ललन सिंह ही असली क्राइसिस मैनेजमेंट के माहिर हैं। उनको दरकिनार करना पार्टी की सबसे बड़ी भूल होगी। वह समता पार्टी के समय से नीतीश कुमार के साथ हैं। उनको पार्टी और बिहार की जमीन की अच्छी समझ है। जनसुराज पार्टी जीती तब 3 बड़े इंपैक्ट 1. JDU-भाजपा की परेशानी बढ़ेगी प्रशांत किशोर काफी मुखर नेता हैं। वह बिना लाग-लपेट के सरकार की आलोचना करते हैं। बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला और तेज किया है। अगर MLC चुनाव में जीत गए तो JDU-BJP की परेशानी बढ़ा सकते हैं। 2. राज्य में पार्टी को मोमेंटम मिलेगा प्रशांत किशोर की जनसुराज पहली बार विधान परिषद का चुनाव लड़ रही है। पॉलिटिकल एनालिस्ट डॉ. आनंद कुमार शुक्ल कहते हैं, ‘स्नातक और शिक्षक वोटर किसी भी राज्य के बौद्धिक, प्रशासनिक और सामाजिक विमर्श को आकार देते हैं। अगर इस चुनाव में प्रशांत किशोर जीत जाते हैं तो उनके बहुचर्चित 'बिहार बदलाव पदयात्रा' और उनके वैकल्पिक विजन को राजनीतिक रूप से ताकत मिल जाएगी।’ डॉ. शुक्ल कहते हैं, ‘यह जीत जनसुराज को राज्यभर के शिक्षित और जागरूक वोटरों के बीच एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में स्थापित करेगी, जिससे अगले विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर कैडर का तेजी से ध्रुवीकरण और विस्तार होगा। पार्टी को मोमेंटम मिलेगा।’ 3. इग्नोर करना मुश्किल होगा अब तक स्थापित राजनीतिक दल (NDA और महागठबंधन) जनसुराज को केवल ‘वोट कटवा’, ‘NGO स्टाइल की राजनीति’ या ‘इवेंट मैनेजमेंट कंपनी’ कहकर खारिज करते आए हैं। विधान परिषद में एक भी औपचारिक चुनावी जीत जनसुराज को बिहार की द्विदलीय/दो-गठबंधन की राजनीति के बीच ‘तीसरी प्रासंगिक शक्ति’ के रूप में खड़ा कर देगी। इसके बाद मुख्यधारा के दलों को अपनी रणनीतियों और टिकट बंटवारे में जनसुराज के फैक्टर को सीधे शामिल करने पर मजबूर होना पड़ेगा। अगर प्रशांत किशोर की पार्टी हार गई तब... 1. बांकीपुर की जीत से मिले मोमेंटम पर ब्रेक लगेगा 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। लेकिन उसके 7 महीने बाद हुए पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने धमाकेदार जीत दर्ज की। 2. आगे की राह कठिन होगी, असंतोष फैलेगा JDU, BJP और RJD जैसी कैडर-आधारित पुरानी पार्टियां प्रशांत किशोर की इस हार का इस्तेमाल जनसुराज के खिलाफ नैरेटिव वॉर में करेंगी। वे जनता के बीच संदेश देने में सफल हो जाएंगी कि चुनावी रणनीतिकार होना और जमीनी राजनीति में वोट ट्रांसफर कराना दो बिल्कुल अलग बातें हैं।

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  Sports

IND vs NZ: वैभव सूर्यवंशी को आज फिर मिलेगा मौका, क्या प्लेइंग इलेवन में होगा कोई बदलाव, भारत-न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टी-20

Vaibhav Sooryavanshi 3rd T20I IND vs NZ: भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन दाहिने जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ मंगलवार को होने वाले तीसरे टी-20 में भी नहीं खेल पाएंगे यानी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास एक मौका और होगा, जो दूसरे मैच में सस्ते में निपट गए थे. क्राइस्टचर्च से वेलिंग्टन में मौसम काफी बदल चुका है. मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा. Tue, 27 Oct 2026 05:21:02 +0530

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