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Shahdara Police Station में SHO और ACP से बदसलूकी, 20 वकीलों पर FIR दर्ज
राष्ट्रीय राजधानी में शाहदरा थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने, उन्हें गाली देने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 15 से 20 वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक वकील ने कथित तौर पर थाना प्रभारी (एसएचओ) का हाथ खींचने की कोशिश की थी।
यह घटना 24 अक्टूबर को हुई थी और थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई थी। यह मामला 26 अक्टूबर को गांधी नगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना), 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 224 (लोक सेवक को चोट पहुंचाने की धमकी देना) और 3(5) (समान मंशा) के तहत दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 24 अक्टूबर को एसीपी को सूचना मिली थी कि हेड कांस्टेबल अमित मलिक को कड़कड़डूमा अदालत परिसर में वकीलों के एक समूह ने रोक लिया है।
इसके अनुसार वकीलों ने 21 अक्टूबर को दर्ज एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार न करने के आरोप को लेकर उनसे पूछताछ की और इस बहस के दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। बाद में हेड कांस्टेबल को जाने दिया गया और वह थाने लौट आये। शिकायत के अनुसार उसी दिन दोपहर करीब 2:30 बजे, अधिवक्ता अमूल्य, शाहदरा बार एसोसिएशन के सदस्यों सहित लगभग 15-20 वकीलों के साथ थाने पहुंचे और एसएचओ के कमरे में प्रवेश कर गए, जहां उन्होंने एसीपी और एसएचओ के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया।
शिकायत के मुताबिक, वकीलों ने पुलिस पर 21 अक्टूबर के मामले के आरोपी को रिहा करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया। एसीपी ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया और कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वकीलों ने कथित तौर पर हंगामा जारी रखा। शिकायत में कड़कड़डूमा बार एसोसिएशन के सचिव पर भी आक्रामक व्यवहार करने और एसएचओ को भ्रष्ट कहने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार झड़प के दौरान, एक वकील ने एसएचओ को थाने के भीतर कथित तौर पर पीटने की धमकी दी और जब उन्होंने विरोध किया तो उनका हाथ खींचने का प्रयास किया। शिकायत में कहा गया है कि स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया। इसके अनुसार एक अन्य वकील ने पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर गाली दी और धमकी दी।
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