विमेंस प्रीमियर लीग ऑक्शन के बारे में सबकुछ:146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली, 27 स्लॉट खाली; यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा ₹3.75 करोड़
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2027 का ऑक्शन 28 अक्टूबर को कोच्चि के ग्रैंड हयात में होगा। शाम 5:30 बजे शुरू होने वाली नीलामी में 5 फ्रेंचाइजी बोली लगाएंगी। UP वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा ₹3.75 करोड़ का पर्स बचा है। ऑक्शन के लिए 146 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन टीमों के पास कुल 27 खाली स्लॉट हैं। इनमें 20 भारतीय और 7 विदेशी खिलाड़ियों की जगह है। खिलाड़ियों की सूची में 119 भारतीय और 27 विदेशी शामिल हैं। WPL का पांचवां सीजन 14 जनवरी से 7 फरवरी 2027 तक खेला जाएगा। मुकाबले किन शहरों में होंगे, इसकी घोषणा अभी नहीं हुई है। स्टोरी में ऑक्शन से जुड़ी सभी जानकारी… ऑक्शन कैसे होता है? बेस प्राइस और पर्स का मतलब समझिए ऑक्शन में टीमें उन खिलाड़ियों के लिए बोली लगाती हैं, जिन्हें वे अपनी टीम में शामिल करना चाहती हैं। हर खिलाड़ी की एक शुरुआती कीमत तय होती है, जिसे बेस प्राइस कहते हैं। इसके बाद टीमें बोली बढ़ाती हैं और सबसे ऊंची बोली लगाने वाली फ्रेंचाइजी खिलाड़ी को खरीदती है। अगर कोई टीम बोली नहीं लगाती, तो खिलाड़ी अनसोल्ड भी रह सकती है। हर टीम के पास खर्च करने के लिए सीमित रकम होती है, जिसे पर्स कहते हैं। किस खिलाड़ी ने कितनी बेस प्राइस रखी? इंग्लैंड की सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू ने ₹50-50 लाख की बेस प्राइस रखी है। बेस प्राइस खिलाड़ी को मिलने वाली तय रकम नहीं होती, बल्कि बोली शुरू होने की कीमत होती है। बोली नहीं लगने पर खिलाड़ी अनसोल्ड भी रह सकती है। मोलिन्यू पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए खेल चुकी हैं। वह 2024 में खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने उस सीजन के 10 मैचों में 12 विकेट लिए थे। घुटने की चोट के कारण वह 2025 सीजन में नहीं खेलीं और 2026 सीजन से भी बाहर रहीं। डंकली 2023 में गुजरात जायंट्स के लिए खेली थीं। उन्होंने 2024 सीजन के लिए अपना नाम नहीं दिया था और 2025 के ऑक्शन में अनसोल्ड रही थीं। कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ी कौन होती हैं? ऑक्शन में कैप्ड और अनकैप्ड शब्द खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर इस्तेमाल किए जाते हैं। इस ऑक्शन में 119 भारतीय खिलाड़ियों में 22 कैप्ड और 97 अनकैप्ड हैं। विदेशी खिलाड़ियों में 14 कैप्ड और 13 अनकैप्ड खिलाड़ी हैं। विदेशी सूची में एसोसिएट देशों की 6 खिलाड़ी भी शामिल हैं। एसोसिएट देश वे हैं, जिनके क्रिकेट बोर्ड ICC के पूर्ण सदस्य नहीं हैं। हर फ्रेंचाइजी की स्क्वॉड में अधिकतम 18 खिलाड़ी हो सकते हैं। इनमें विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 6 से ज्यादा नहीं हो सकती। टीमों के लिए रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ियों की संख्या पर कोई तय सीमा नहीं थी। 28 सितंबर तक फ्रेंचाइजी ने अपने रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों के नाम दे दिए थे। बेंगलुरु में एलिस पेरी की वापसी इस नीलामी में सबसे बड़ा सवाल यह है कि टीमें अपने किन फैसलों की भरपाई करना चाहेंगी। UP वॉरियर्स ने पिछले सीजन में आखिरी स्थान पर रहने के बाद डिएंड्रा डॉटिन, क्लो ट्रायन और किरण नवगिरे जैसे खिलाड़ियों को रिलीज किया है। RCB ने ग्रेस हैरिस को रिलीज किया, जबकि एलीस पेरी की वापसी से टीम के विदेशी खिलाड़ियों के चयन में नया समीकरण बनेगा। मुंबई इंडियंस ने जी कमलिनी को रिलीज किया है, जो टीम के विकेटकीपिंग विकल्पों को लेकर सवाल खड़ा करता है। दिल्ली कैपिटल्स ने लिजेल ली और स्नेह राणा को जाने दिया, जबकि गुजरात जायंट्स ने डैनी वायट-हॉज को रिलीज किया है। इंग्लैंड की कई खिलाड़ी ऑक्शन में क्यों नहीं आईं? इंग्लैंड की ओर से सिर्फ सोफिया डंकली और किरा चैथली ने नीलामी के लिए नाम दर्ज कराया है। चैथली की बेस प्राइस ₹10 लाख है। एलिस कैप्सी, डैनी गिब्सन, लॉरेन फिलर, लिंसी स्मिथ और डैनी वायट-हॉज जैसे नाम इस बार सूची में नहीं हैं। इसके पीछे दो संभावित वजहें हैं- 15 साल की इरा जाधव को मौका मिल सकता है अनकैप्ड खिलाड़ियों की बड़ी संख्या इस नीलामी को दिलचस्प बनाती है। अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम की सदस्य वृंदा दिनेश और गोंगाडी त्रिशा पर नजर रहेगी। त्रिशा ने 2025 के अंडर-19 विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाया था। मुंबई की 15 साल इरा जाधव भी इस नीलामी की चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। जनवरी 2025 में BCCI की अंडर-19 महिला वनडे ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ उन्होंने 157 गेंदों पर नाबाद 346 रन की पारी खेली थी। मई 2026 में आयोजित पहली टी-20 मुंबई महिला लीग के ऑक्शन में इरा ₹10 लाख में बिकी थीं। उन्हें आकाश टाइगर्स ने खरीदा था और वह लीग की सबसे महंगी खिलाड़ी बनी थीं। इससे पहले 14 साल की उम्र में उन्होंने WPL ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन अनसोल्ड रही थीं। मल्लिका होंगी ऑक्शनर मल्लिका सागर मुंबई की आर्ट कलेक्टर और प्रोफेशनल ऑक्शनर हैं। उन्होंने अमेरिका के ब्रायन मॉर कॉलेज से आर्ट हिस्ट्री की पढ़ाई की और 2001 में न्यूयॉर्क के मशहूर ऑक्शन हाउस क्रिस्टीज से अपना करियर शुरू किया। मल्लिका 2021 में प्रो कबड्डी लीग की नीलामी कराने वाली पहली महिला बनीं। 2023 में महिला प्रीमियर लीग (WPL) की पहली नीलामी कराई और उसी साल IPL 2024 में IPL इतिहास की पहली महिला ऑक्शनर बनीं। पिछले मेगा ऑक्शन की सबसे महंगी खिलाड़ी कौन थीं? WPL 2026 का मेगा ऑक्शन 27 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में हुआ था। उस नीलामी में 277 खिलाड़ी शामिल थीं, जिनमें 194 भारतीय और 83 विदेशी खिलाड़ी थीं। पांच फ्रेंचाइजी के लिए कुल 67 से 73 स्लॉट भरे जाने थे, जिनमें 23 विदेशी खिलाड़ियों की जगहें शामिल थीं। खिलाड़ियों की बेस प्राइस ₹10 लाख से ₹50 लाख तक थी। दिल्ली चारों सीजन के फाइनल में पहुंची WPL की शुरुआत 2023 में हुई थी। मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अब तक दो-दो बार खिताब जीता है। दिल्ली कैपिटल्स चारों सीजन में फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी। 2026 में RCB ने अपना दूसरा खिताब हासिल किया था। ऑक्शन की प्रक्रिया क्या होगी? पहले कैप्ड खिलाड़ियों का पूरा राउंड होगा। इसमें क्रम से बल्लेबाज, ऑलराउंडर, विकेटकीपर, तेज गेंदबाज और स्पिनर पेश किए जाएंगे। इसके बाद अनकैप्ड खिलाड़ियों का राउंड होगा। शुरुआती राउंड के बाद तेज नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें फ्रेंचाइजी अपनी जरूरत के मुताबिक खिलाड़ियों के नाम देंगी।
जरूरत की खबर- दिवाली का बजट कैसे बनाएं:त्योहार मनाने और बोनस खर्च करने से पहले जरूरी है प्लानिंग, फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह
दिवाली पर सैलरी, बोनस और बचत का बड़ा हिस्सा त्योहार की तैयारियों में खर्च हो जाता है। खरीदारी के दौरान छोटे-छोटे खर्च ज्यादा नहीं लगते, लेकिन त्योहार खत्म होते ही स्कूल फीस, राशन, बिजली बिल और EMI जैसे जरूरी भुगतान सामने आ जाते हैं। ऐसे में कई लोगों को महीने का बाकी खर्च चलाने के लिए क्रेडिट कार्ड या उधार का सहारा लेना पड़ता है। इस परेशानी से बचने के लिए दिवाली का बजट बनाते समय सिर्फ त्योहार के खर्चों पर नहीं, बल्कि अगले महीने की जरूरतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। यानी खरीदारी के बाद इतनी रकम जरूर बची रहनी चाहिए, जिससे नवंबर के जरूरी खर्च बिना किसी आर्थिक दबाव के पूरे हो सकें। इसलिए आज 'जरूरत की खबर' में दिवाली पर बजट बनाने पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- दिवाली का बजट बनाने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन कैसे करें? जवाब- दिवाली का बजट तय करने के लिए पहले अपनी आय में से जरूरी खर्च, EMI और नवंबर के बिलों की रकम घटाएं। इसके बाद इमरजेंसी फंड और बचत के लिए पैसा अलग रखें। बाकी बची रकम में से ही दिवाली का बजट बनाएं। सवाल- सैलरी में से दिवाली पर कितना पैसा खर्च करना सुरक्षित है? जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि जरूरी खर्चों और किस्तों के बाद आपके पास कितनी रकम बचती है। इसलिए पहले अपनी खर्च करने की क्षमता का हिसाब लगाएं। मान लीजिए- लेकिन यह पूरी रकम खर्च करना जरूरी नहीं है। अगर ₹5,000 में त्योहार की जरूरतें पूरी हो जाती हैं, तो बाकी ₹2,000 बचाकर रखें। ध्यान रखें कि दिवाली के लिए बजट तय करते समय अगले महीने की सैलरी आने तक के जरूरी खर्चों से समझौता न करें। सवाल- नवंबर के जरूरी खर्चों के लिए पैसा पहले से कैसे अलग रखें? जवाब- इसके लिए पिछले महीने के बैंक स्टेटमेंट या UPI हिस्ट्री से नियमित खर्चों का हिसाब निकालें। हर बिल की देय तारीख भी लिखें। अगर अलग बैंक खाता नहीं है, तो मोबाइल के नोट्स में जरूरी भुगतानों की रकम दर्ज कर सकते हैं। सवाल- दिवाली के खर्च को अलग-अलग हिस्सों में बांटना क्यों जरूरी है? जवाब- दिवाली पर अक्सर बजट इसलिए बिगड़ता है, क्योंकि लोग खरीदारी करते समय हर चीज का खर्च अलग-अलग देखते हैं, कुल खर्च नहीं। घर की सजावट पर थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करना या कुछ अतिरिक्त गिफ्ट खरीदना उस समय छोटी बात लग सकती है, लेकिन कई छोटे खर्च मिलकर बजट से बाहर ले जाते हैं। इसलिए कुल बजट को इन कैटेगरी में बांटें- इससे पहले से पता रहेगा कि किस मद पर कितना खर्च करना है और कहां कटौती की जा सकती है। उदाहरण के लिए, अगर सजावट पर तय रकम खर्च हो चुकी है, तो नई चीजें खरीदने के बजाय पुराने सामान का दोबारा इस्तेमाल करें। इससे दूसरी जरूरतों के लिए पैसा बचेगा और कुल बजट भी नहीं बिगड़ेगा। सवाल- दिवाली पर मेहमानों, रिश्तेदारों और पारिवारिक आयोजनों का बजट कैसे बनाएं? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- मेहमानों और रिश्तेदारों के लिए पारिवारिक आयोजनों के लिए सवाल- दिवाली के दौरान अचानक होने वाले खर्चों के लिए कितने पैसे बचाकर रखने चाहिए? जवाब- इसकी कोई तय रकम सभी परिवारों के लिए सही नहीं है। इसे अपनी आय, जरूरी खर्चों और उपलब्ध बचत के अनुसार तय करें। इस रकम का इस्तेमाल अतिरिक्त सजावट या ऑफर देखकर खरीदारी करने के लिए न करें। सवाल- अगर दिवाली का खर्च तय बजट से बढ़ने लगे तो क्या करें? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- उदाहरण के लिए, अगर सजावट और मेहमाननवाजी में ₹1,500 ज्यादा खर्च हो गए हैं, तो अगली गैर-जरूरी खरीदारी रोककर बजट संभालें। सवाल- दिवाली पर मिलने वाले बोनस का इस्तेमाल कैसे करें, ताकि बाद में पैसों की कमी न हो? जवाब- पैसे से दिवाली की खरीदारी या दूसरे खर्च पूरे कर सकते हैं। बोनस बांटते समय इन बातों का ध्यान रखें- अगर बोनस अभी नहीं मिला है, तो उसे पहले से तय दिवाली बजट में शामिल न करें। सवाल- दिवाली की खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड या EMI लेना कब जोखिम भरा हो सकता है? जवाब- क्रेडिट कार्ड, EMI और ‘बाय नाउ पे लेटर’ से भुगतान टल सकता है, लेकिन खर्च खत्म नहीं होता। त्योहार के बाद भी बिल और किस्तें चुकानी पड़ती हैं। खरीदारी से पहले ये बातें जांचें- हर खरीदारी को उसी दिन अपने बजट में दर्ज करें, भले ही भुगतान क्रेडिट कार्ड से किया हो। अगर पहले से कार्ड का बकाया है या पूरा बिल चुकाने की क्षमता नहीं है, तो नई गैर-जरूरी खरीदारी रोकना बेहतर है। सवाल- दिवाली के बाद पैसे कम पड़ जाएं तो नवंबर का बजट कैसे संभालें? जवाब- बाहर खाने, मनोरंजन और गैर-जरूरी ऑनलाइन खरीदारी पर अस्थायी रोक लगाएं। ग्राफिक में सभी टिप्स देखिए- दिवाली का बजट इस आधार पर न बनाएं कि आप कितना खर्च करना चाहते हैं। इसे इस आधार पर बनाएं कि नवंबर के सभी जरूरी खर्च और भुगतान सुरक्षित रखने के बाद वास्तव में कितना पैसा खर्च कर सकते हैं। पहले घर चलाने के पैसे अलग रखें, फिर त्योहार का बजट तय करें। इससे दिवाली की खुशियां नवंबर की आर्थिक परेशानी नहीं बनेंगी। ***************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- सोते समय मुंह से निकलती है लार: डॉक्टर से समझें, यह कब नॉर्मल है, कब किसी बीमारी का संकेत, बचाव के 11 उपाय जब हम सो रहे होते हैं, तब भी हमारे शरीर के भीतर कई जरूरी काम लगातार चलते रहते हैं। सलाइवा यानी लार बनना भी इनमें से एक है। यह हमारे शरीर का एक जरूरी फ्लुइड है, जो मुंह को नम रखने, खाना चबाने और निगलने के साथ पाचन की प्रक्रिया में भी मदद करता है। पूरी खबर पढ़िए…
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