अफगानिस्तान से खुली जंग का ऐलान कर 'दमादम मस्त कलंदर' क्यों कह रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने इस दौरान 'दमादम मस्त कलंदर' का जिक्र किया है। एक कट्टरपंथी सुन्नी मुसलमान देश होते हुए भी पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर सूफी कव्वाली का जिक्र किया है। दमादम मस्त कलंदर का अर्थ होता है, हर सांस में मस्ती।
Mark Carney India Visit: आज मुंबई पहुंचेंगे कनाडाई पीएम मार्क कार्नी; दो दिनों तक आर्थिक राजधानी में करेंगे मंथन, जानें पूरा शेड्यूल
Canada PM Mark Carney India Visit: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार दोपहर 3:15 बजे मुंबई पहुंचेंगे। पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है।
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मार्क कार्नी बुधवार को ही भारत के लिए रवाना हो गए थे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। वह शुक्रवार को मुंबई में लैंड करेंगे और दो दिनों तक भारत की वित्तीय राजधानी में विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकें करेंगे।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि यह दौरा मौजूदा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ नए क्षेत्रों में भागीदारी की संभावनाओं को तलाशने का एक बड़ा मौका है।
आर्थिक और निवेश पर रहेगा विशेष जोर
मुंबई प्रवास के दौरान मार्क कार्नी का एजेंडा पूरी तरह से आर्थिक विकास पर केंद्रित है। वह भारत और कनाडा के प्रमुख सीईओ (CEOs), बैंकिंग और वित्त जगत के दिग्गजों, तकनीकी नवाचार करने वालों और शिक्षाविदों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, भारत में सक्रिय कनाडाई पेंशन फंड के अधिकारियों के साथ भी उनकी विशेष चर्चा होनी है। इस शुरुआत से साफ संकेत मिलता है कि कार्नी की प्राथमिकता व्यापार और निवेश को भारत-कनाडा संबंधों का मुख्य आधार बनाना है।
1 मार्च को दिल्ली रवानगी और पीएम मोदी से वार्ता
मुंबई के कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद मार्क कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण राजनयिक हिस्सा 2 मार्च को होगा, जब हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। यह बैठक दोनों नेताओं के बीच जून 2025 (कनानास्कििस) और नवंबर 2025 (जोहान्सबर्ग) में हुई पिछली बातचीत की प्रगति की समीक्षा करेगी।
इन खास क्षेत्रों पर होगी चर्चा
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच होने वाली वार्ता का एजेंडा काफी व्यापक है। इसमें मुख्य रूप से व्यापार और निवेश, ऊर्जा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), कृषि, शिक्षा और रिसर्च पार्टनरशिप पर चर्चा की जाएगी। द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा, दोनों नेता वैश्विक और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही, दोनों प्रधानमंत्री 'भारत-कनाडा सीईओ फोरम' में भी शिरकत करेंगे, जो निजी क्षेत्र की पहल को सरकारी नीतियों के साथ जोड़ने का काम करेगा।
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