पैरों की सूजी नसें दे रही हैं दर्द? अपनाएं ये आसान उपाय, मिलेगी राहत
नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। पैरों की नसों का सूजना गंभीर समस्या है। अक्सर लोग इसे थकान, हल्की सूजन या उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। जब पैरों की नसें कमजोर होने लगती हैं और उनमें खून का बहाव ठीक से नहीं हो पाता, तो नसें फूल जाती हैं और टेढ़ी-मेढ़ी दिखने लगती हैं। इससे दर्द, जलन और भारीपन महसूस होता है। इसे मेडिकल भाषा में वैरिकोज वेन्स कहते हैं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन सही देखभाल और जीवनशैली से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार, पैरों की सूजी नसें मुख्य रूप से वात दोष और रक्त संचार की कमजोरी से जुड़ी होती हैं। जब शरीर में वात असंतुलित हो जाता है, तो नसों में सूखापन और कमजोरी आने लगती है। वहीं, विज्ञान कहता है कि नसों के अंदर मौजूद वाल्व जब कमजोर हो जाते हैं, तो खून नीचे की ओर जमा होने लगता है, जिससे नसों में सूजन आ जाती है। ऐसे में नियमित देखभाल और सही आदतें अपनाकर इस परेशानी से राहत पाई जा सकती है।
इस समस्या में कंप्रेशन स्टॉकिंग्स राहत दिला सकती हैं। विज्ञान के अनुसार, ये खास तरह की जुराबें पैरों के लिए हल्की होती हैं, लेकिन लगातार दबाव बनाती रहती हैं। इससे नसों में जमा खून ऊपर की ओर बहने में मदद मिलती है और सूजन धीरे-धीरे कम होती है। नियमित रूप से कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहनने से पैरों का दर्द और भारीपन कम महसूस होता है।
पैरों को ऊपर उठाकर रखना एक असरदार उपाय है। जब आप लेटते समय पैरों के नीचे तकिया रखते हैं, तो खून का बहाव अपने आप बेहतर हो जाता है। इससे नसों पर पड़ा दबाव कम होता है और सूजन घटने लगती है। आयुर्वेद इसे शरीर को प्राकृतिक विश्राम देने का तरीका मानता है।
खान-पान का सही होना भी बेहद जरूरी है। आयुर्वेद कहता है कि हल्का, पचने में आसान और पोषक भोजन रक्त को शुद्ध रखता है और नसों को मजबूत बनाता है। विज्ञान भी मानता है कि पोटेशियम, विटामिन सी और फाइबर से भरपूर आहार सूजन कम करने में मदद करता है। हरी सब्जियां, फल, दालें और पर्याप्त पानी पीने से शरीर में जमा अतिरिक्त तरल बाहर निकलता है, जिससे पैरों की सूजन कम होती है।
नियमित व्यायाम इस समस्या में रामबाण की तरह काम करता है। रोजाना टहलना, हल्की स्ट्रेचिंग या पैरों से जुड़ी एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं। जब मांसपेशियां चलती हैं, तो वे नसों को दबाकर खून को ऊपर की ओर धकेलती हैं।
--आईएएनएस
पीके/एमएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तानी सेना की बर्बरता, बलूचिस्तान में दो और नागरिकों की हत्या
क्वेटा, 26 फरवरी (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता सामने आई। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना ने दो लोगों को बिना कानूनी कार्रवाई के मार डाला। ये घटना उस समय हुई, जब प्रांत में अघोषित हत्याओं और जबरन गायब कर दिए जाने की घटनाएं लगातार बनी हुई हैं।
मानवाधिकार संगठन बलूच यकजहीटी कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि नसराम बलूच का शव गुरुवार को प्रांत के मक्सीन नदी क्षेत्र में मिला। उनके शरीर पर गंभीर चोट के स्पष्ट निशान थे। उन्हें डेढ़ साल तक जबरन गायब रखा गया था। नसराम कीच जिले के बुलेडा क्षेत्र के निवासी थे।
संगठन के अनुसार, पाकिस्तानियों ने 12 अक्टूबर 2023 को नसराम को गायब कर दिया था। बाद में उनके परिवार के विरोध करने पर 13 जून 2024 को छोड़ दिया गया था। गिरफ्तारी के दौरान उन्हें यातना और अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें हेपेटाइटिस और स्थायी शारीरिक चोटें आईं।
संगठन के अनुसार, कुछ महीने बाद 8 अगस्त 2024 को फिर से नसराम को उनके बुलेडा स्थित घर से गायब कर दिया गया। आरोप है कि उस समय हथियारबंद लोगों ने घर में घुसकर उनकी मां और बहन को पीटा और नसराम को ले गए।
बलूचिस्तान में आम लोगों पर हो रहे अत्याचारों को उजागर करते हुए बीवाईसी ने कहा कि अवैध रूप से गायब किए जाने के एक दिन बाद 24 फरवरी को अवैध रूप से गायब किए गए छात्र अवैस बलूच का शव पांजगुर जिले के सिविल अस्पताल में फेंका गया।
अधिकार संस्था ने कहा कि अवैस, जो एक स्टूडेंट था, उसे 23 फरवरी को पंजगुर में उसके घर से ज़बरदस्ती गायब कर दिया गया था।
बीवाईसी ने कहा, “यह एक अलग घटना नहीं है। यह जबरन गायब करने और अघोषित हत्याओं के दर्दनाक पैटर्न का हिस्सा है। कानून तोड़ने वाले वही लोग होते हैं, जो लोगों की रक्षा करने के लिए होते हैं।
बिना किसी न्याय के हत्याओं की निंदा करते हुए, बीवाईसी ने यूनाइटेड नेशंस, ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील की कि वे पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूचिस्तान में जबरदस्ती गायब किए गए लोगों और बिना किसी न्याय के हत्याओं की तुरंत जांच करें।
--आईएएनएस
एवाई/
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