स्टॉप डैम पार कर स्कूल जाते छात्रों का वीडियो:तेज बहाव के बीच छलांग लगाने से जान का जोखिम, SDM ने की साइकिल देने की घोषणा
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के पलोह गांव में स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। तेज बहाव वाली नदी पर बने स्टॉप डैम को पार करते हुए इन बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि बच्चे किस परेशानी के साथ स्कूल बैग हाथ में लिए स्टॉप डेम पार कर रहे हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के संकरे पिलरों पर चलते और बीच के गैप को छलांग लगाकर पार करते दिखाई दे रहे हैं। पिछले 5 साल से इसी रास्ते से जा रहे हैं स्कूल यह वीडियो विदिशा जिले के पालोह गांव का है। वीडियो में दिख रहे बच्चे करुआ गांव के रहने वाले हैं और पालोह के हाई स्कूल में पढ़ते हैं। अगर ये बच्चे सड़क वाले रास्ते से स्कूल जाएं, तो उन्हें रोज करीब 8 से 10 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। इसी वजह से वे रोज स्टॉप डैम पार कर स्कूल पहुंचते हैं। वे पिछले 5 साल से इसी रास्ते से स्कूल जा रहे हैं। VIDEO वायरल होने के बाद जागा प्रशासन वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की जानकारी ली। विदिशा के एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित रास्ते से स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नदी पर अस्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही प्रभावित गांवों के पास नया स्कूल खोलने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करना पड़े। देश भर के लोगों ने जताई चिंता वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं। देशभर के लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कई यूजर्स ने कहा कि अगर बच्चे इतने सालों से इसी तरह स्कूल जा रहे थे, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई? बेरखेड़ी कलां के बच्चे उफनती नदी पार करने को मजबूर मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेरखेड़ी कलां (बरखेड़ा कला) से वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यहां स्कूली छात्र-छात्राएं उफनती हुई कोपरा नदी को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कोपरा नदी पर बनी पुलिया पूरी तरह टूट चुकी है। बच्चे बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के एक-दूसरे का हाथ पकड़कर और ग्रामीणों के सहारे इस खतरनाक उफनती नदी को पार कर रहे हैं। कई बार भीगने की वजह से बीमार हो जाते हैं बच्चे मरम्मत नहीं होने से अब थोड़ी बारिश में ही नदी उफान पर आ जाती है। सुबह स्कूल जाने के समय छात्राओं को यूनिफॉर्म संभालते हुए घुटनो तक पानी में उतरना पड़ता है। जहां मिट्टी, कीचड़ और फिसलन मे स्कूली ड्रेस खराब हो जाती है। यहां फिसलन और तेज बहाव के कारण हादसे का डर बना रहता है। कई बार बच्चे देर से स्कूल पहुंचते हैं और भीगने की वजह से बीमार हो जाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हर साल मानसून के मौसम में बच्चों को इसी तरह जान दांव पर लगाकर पढ़ाई करने जाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से लंबे समय से पुल या सुरक्षित मार्ग की मांग की है। यहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटना का भी जोखिम बना रहता है। ------------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें IBPS क्लर्क के 11,403 पदों पर भर्ती निकली:किसी भी स्ट्रीम के ग्रेजुएट्स करें अप्लाई, 10-11 अक्टूबर को होगा प्रीलिम्स इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) राष्ट्रीय बैंकों में 11,403 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 21 अगस्त 2026 तय की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें
जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के साथ राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस:लड़की ने कहा- भारत माता की जय बोलने पर देशद्रोही कहा, शांति से चलने पर भी मारा
राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली में 10 जनपथ पर जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने कहा कि 20 जुलाई को हुए कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट पर लाठी-पैलेट गन से हमला किया गया। राहुल अपने साथ चार प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राओं को मीडिया के सामने लाए। एक छात्रा ने कहा- भारत माता की जय बोलने पर हमें देशद्रोही कहा गया। हम शांति से चल रहे थे तो एक पुलिस अफसर ने शरीर के ऊपरी हिस्से पर मारा। राहुल गांधी ने कहा- प्रदर्शनकारियों ने कुछ भी गलत नहीं किया। इनका लगातार शोषण हो रहा है। ये बच्चे देश के भविष्य के लिए लड़े। इन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं। लोकतंत्र के लिए ये बच्चे लड़े, इसके लिए इनका धन्यवाद। राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 2 बातें; कहा- देशभर के युवाओं पर गर्व 5 प्रदर्शनकारी सामने आए, बोले- पैलेट गन झेली, अब ट्रोलिंग का शिकार रिया अहीर बोलीं- मैंने पुलिस वैन रोकी, अब ट्रोल किया जा रहा शिवाजी पार्क प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ी के सामने खड़ी हुईं रिया अहीर ने कहा, मैं वो लड़की हूं, जिसने मुंबई पुलिस को रोका था। मैं कहना चाहूंगी कि मैं वो लड़की हूं, जिसने 20 बच्चों को गैर-कानूनी हिरासत में जाने से रोका था। मेरी अपील है कि कृपया नैरेटिव को बदलें। जो भी मैंने किया, उसकी वजह से मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है। ये ट्रोलिंग नहीं हैं, ये क्राइम है। जनता ही नहीं, पार्टी वर्कर्स भी सोशल मीडिया पर मेरे बारे में पोस्ट कर रहे हैं। मुझसे कहा जा रहा है कि 140 रुपए में अपनी बॉडी बेच रही हूं। उनके दिमाग में कितनी गंदगी भरी होगी। मैंने 27 जुलाई को शिकायत की थी। आज तक मुझे एफआईआर नहीं मिली है। नूतन टपो बोलीं- जैसे ही मुड़ी, पीछे से गन फायर हुआ झारखंड की नूतन टपो ने बताया कि पैलेट गन को मैंने अपनी आंखों से देखा था। हमारी तरफ गन पॉइंट किया हुआ था। जैसे ही मैं मुड़ी, पीछे से मुझे गन फायर किया गया। मुझे कान में चोट लगी।
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