सस्ते में सोना और चांदी खरीदने का मौका; कीमतें करीब 4,800 रुपए तक गिरीं
मुंबई, 26 फरवरी (आईएएनएस)। सोने और चांदी खरीदारों के लिए खुशखबरी है, गुरुवार को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसेसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 986 रुपए कम होकर 1,58,022 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,59,008 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
22 कैरेट सोने का दाम 1,45,651 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,44,748 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,18,517 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,19,256 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट हुई है। चांदी का दाम 4,750 रुपए कम होकर 2,60,667 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 2,65,417 रुपए प्रति किलो थी।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम कीमतें जारी की जाती हैं।
हाजिर के साथ वायदा बाजार में तेजी देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 1.25 प्रतिशत कम होकर 1,59,133 रुपए हो गई है। चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 3.45 प्रतिशत कम होकर 2,59,048 रुपए हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,181 डॉलर प्रति औंस और चांदी 4.71 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 86.70 डॉलर प्रति औंस पर थी।
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी की वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और अमेरिका एवं ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत जारी रहना है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत से जोखिम कम हुआ है और इससे सोने में कमजोरी देखी गई है। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच जारी बातचीत में निवेशक जोखिम से दूर रहना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सोने के लिए सपोर्ट 1,58,000 रुपए और रुकावट का स्तर 1,64,000 रुपए के आसपास है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मिजोरम : सीएम लालदुहोमा ने 2026-27 के लिए 17,469.91 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, कृषि और कनेक्टिविटी पर फोकस
आइजोल, 26 फरवरी (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 17,469.91 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जिसमें सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और एग्रीकल्चर सेक्टर पर खास जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री, जिनके पास वित्त विभाग भी है, ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए 3,724.25 करोड़ रुपए की ग्रांट की सप्लीमेंट्री डिमांड भी पेश की।
उन्होंने कहा कि सत्ताधारी जोरम पीपल्स मूवमेंट (जेपीएम) किसानों की रोजी-रोटी को बेहतर बनाने के मकसद से अपनी खास बाना काइह (हैंड-होल्डिंग) स्कीम को लागू करना जारी रखेगी। इस स्कीम के लिए 350 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिनमें से 150 करोड़ रुपए खास जरूरी फसलों की खरीद के लिए रखे गए हैं।
जेपीएम सरकार दिसंबर 2023 में सत्ता में आई थी, और यह राज्य विधानसभा में लालदुहोमा का तीसरा बजट प्रेजेंटेशन है।
बाद में, मीडिया को जानकारी देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के मुताबिक, हॉरिजॉन्टल डिवोल्यूशन के तहत मिजोरम का हिस्सा 0.564 प्रतिशत तक बढ़ने के बाद, राज्य को 2026-27 के दौरान सेंट्रल टैक्स और ड्यूटी में अपने हिस्से के तौर पर 8,608.08 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है, जो 15वें वित्त आयोग के अवॉर्ड की तुलना में 976.80 करोड़ रुपए ज्यादा है।
2026-27 के बजट अनुमानों में ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीएसडीपी) 43,817.09 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। रेवेन्यू रिसीट 14,994.31 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जबकि कैपिटल रिसीट 2,475.60 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। कुल कंसोलिडेटेड फंड (रसीटों का कुल ग्रांट) 17,469.91 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जिसमें ग्रॉस खर्च 17,076.92 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
लालदुहोमा ने कहा कि कुल कमाई कुल खर्च से 392.99 करोड़ रुपए ज्यादा होने की उम्मीद है, जिसका इस्तेमाल पब्लिक अकाउंट की देनदारियों को कम करने के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि घाटे में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए राज्यों को स्पेशल असिस्टेंस (एसएएससीआई) है, जिसके तहत फंड को लोन माना जाता है। ये इंटरेस्ट-फ्री होते हैं और 50 साल बाद चुकाने होते हैं, और ये खास तौर पर कैपिटल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए होते हैं।
अच्छी शर्तों को देखते हुए, राज्य सरकार का लक्ष्य एसएएससीआई के तहत मदद को ज्यादा से ज्यादा करना है। मौजूदा वित्त वर्ष में, मिजोरम को इस स्कीम के तहत 1,519 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एससीएच
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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