Rahul Gandhi से मिले Kiren Rijiju; संसद गतिरोध खत्म करने में मांगा सहयोग
नयी दिल्ली, पांच अगस्त संसद के दोनों सदनों में जारी गतिरोध खत्म करने के प्रयास के तहत सरकार ने बुधवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से संपर्क साधा और मानसून सत्र के शेष दिनों में कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सहयोग मांगा। मानसून सत्र की 20 जुलाई को शुरूआत होने के दिन से ही विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण संसद की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान आया है। कुछ राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद, संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर पिछले सत्र में पारित नहीं हो सके परिसीमन विधेयक और नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक को दोबारा पेश किया जा सकता है।
हालांकि, सरकार के सूत्रों ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कदम उठाने की योजना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 13 अगस्त को मानसून सत्र संपन्न होने से पहले इसी सत्र में परिसीमन विधेयक लाया जाएगा या नहीं। हालांकि, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए पेश किये जाने के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बोलने की संभावना है।
विपक्ष सदन की कार्यवाही के दौरान शाह की अनुपस्थिति को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि संसद भवन परिसर में दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के दौरान संसद की कार्यवाही में बने गतिरोध को समाप्त करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब संसद के मानसून सत्र में अयोध्या स्थित राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी और छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दों को लेकर लगातार गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। मानसून सत्र शुरू होने के बाद से लोकसभा में अब तक एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं हो सका है। हंगामे के बीच पांच विधेयक बिना चर्चा के पारित किए जा चुके हैं।
विपक्षी दलों ने शुरुआत में नीट प्रश्नपत्र लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में, उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा की मांग की। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी तथा उनके बयान की भी मांग की।
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान रीजीजू ने संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने के लिए राहुल गांधी से सहयोग मांगा। बुधवार को भी लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही आज पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने जब प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। वे अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग दोहरा रहे थे। बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘प्रश्नकाल महत्वपूर्ण होता है और इसमें सदस्यों को अवसर मिलना चाहिए।
मेरा आग्रह है कि प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। प्रश्नकाल के बाद सभी मुद्दों पर आपसे चर्चा करुंगा।’’ उन्होंने आसन के पास आकर नारे लगा रहे और पोस्टर लहरा रहे सदस्यों से कहा, ‘‘सदन के अंदर या बाहर नारेबाजी लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। आप नियोजित तरीके से पोस्टरबाजी करके और प्रदर्शन करके सदन की गरिमा को गिराना चाहते हैं।
Sunetra Pawar पर टिप्पणी को NCP नेता तटकरे ने Congress का वैचारिक दिवालियापन बताया
मुंबई, पांच अगस्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल ने उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख सुनेत्रा पवार को ‘‘गूंगी गुड़िया’’ कहकर अपना ‘‘वैचारिक दिवालियापन’’ प्रदर्शित किया है। तटकरे ने संवाददाताओं से कहा कि केवल खेद जताना पर्याप्त नहीं है और राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते समय संयम बरतना चाहिए। यह विवाद मंगलवार को शुरू हुआ, जब कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया।
वीडियो में राकांपा नेता धनंजय मुंडे, बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर एक पत्रकार द्वारा सुनेत्रा पवार से पूछे गए सवाल का जवाब देने से उन्हें कथित तौर पर रोकते नजर आए। सुनेत्रा पवार बीड जिले की प्रभारी मंत्री हैं। बीड में ही मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड पर मस्साजोग के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख सुनेत्रा पवार को ‘‘गूंगी गुड़िया’’ कहा, जिसके बाद राकांपा की कड़ी प्रतिक्रिया आई। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पवार के खिलाफ की गई टिप्पणी खेदजनक है और यह गलतफहमी के कारण हुई। तटकरे ने कहा, ‘‘इस तरह की टिप्पणी करके कांग्रेस ने अपना वैचारिक दिवालियापन उजागर किया है।
केवल खेद व्यक्त कर देने से मामला खत्म नहीं हो जाता। नेताओं को यह समझ होनी चाहिए कि क्या कहना है और क्या नहीं।’’ लोकसभा सदस्य तटकरे ने यह भी कहा कि संवाददाता सम्मेलन में केवल मुख्य वक्ता को ही बोलना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी अपने ही दल के नेता धनंजय मुंडे की ओर इशारा करते हुए की और कहा कि पार्टी नेताओं से भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में अधिक जिम्मेदाराना व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह नहीं होना चाहिए था। केवल मुख्य वक्ता को ही बोलना चाहिए, उनके बगल में बैठे लोगों को नहीं। हमारे सहयोगी निश्चित रूप से भविष्य में जिम्मेदाराना व्यवहार करेंगे।’’ तटकरे ने कहा कि वह पहले यह जानने की कोशिश करेंगे कि वरिष्ठ नेता (धनंजय मुंडे) ने किस संदर्भ में बयान दिया था, हालांकि उन्होंने दोहराया कि संवाददाता सम्मेलन मुख्य वक्ता का होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानना चाहूंगा कि धनंजय मुंडे ने किस संदर्भ और किस वजह से बात की। आखिरकार संवाददाता सम्मेलन मुख्य वक्ता का होता है। बगल में बैठना ठीक है, लेकिन बगल में बैठकर प्रेस वार्ता में हिस्सा लेना मेरे विचार से उचित नहीं है।’’ तटकरे ने कहा कि संवाददाता सम्मेलन मुख्य वक्ता के नाम से आयोजित किया जाता है और मीडिया से बातचीत भी वही व्यक्ति करता है।
उन्होंने कहा कि यही ऐसी बातचीत का मूल नियम है। उन्होंने बताया कि उनकी अपनी प्रेस वार्ता के दौरान भी जब पत्रकार उनके बगल में बैठे लोगों से सवाल करते हैं, तो वह उन्हें उनसे ही सवाल पूछने के लिए कहते हैं। तटकरे ने कहा, ‘‘यह दोनों पक्षों के लिए एक परंपरा है और हमारे सहयोगी भविष्य में ऐसे अवसरों पर निश्चित रूप से अधिक जिम्मेदाराना व्यवहार करेंगे।
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