Responsive Scrollable Menu

Sunetra Pawar पर टिप्पणी को NCP नेता तटकरे ने Congress का वैचारिक दिवालियापन बताया

मुंबई, पांच अगस्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल ने उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख सुनेत्रा पवार को ‘‘गूंगी गुड़िया’’ कहकर अपना ‘‘वैचारिक दिवालियापन’’ प्रदर्शित किया है। तटकरे ने संवाददाताओं से कहा कि केवल खेद जताना पर्याप्त नहीं है और राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते समय संयम बरतना चाहिए। यह विवाद मंगलवार को शुरू हुआ, जब कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया।

वीडियो में राकांपा नेता धनंजय मुंडे, बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर एक पत्रकार द्वारा सुनेत्रा पवार से पूछे गए सवाल का जवाब देने से उन्हें कथित तौर पर रोकते नजर आए। सुनेत्रा पवार बीड जिले की प्रभारी मंत्री हैं। बीड में ही मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड पर मस्साजोग के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख सुनेत्रा पवार को ‘‘गूंगी गुड़िया’’ कहा, जिसके बाद राकांपा की कड़ी प्रतिक्रिया आई। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पवार के खिलाफ की गई टिप्पणी खेदजनक है और यह गलतफहमी के कारण हुई। तटकरे ने कहा, ‘‘इस तरह की टिप्पणी करके कांग्रेस ने अपना वैचारिक दिवालियापन उजागर किया है।

केवल खेद व्यक्त कर देने से मामला खत्म नहीं हो जाता। नेताओं को यह समझ होनी चाहिए कि क्या कहना है और क्या नहीं।’’ लोकसभा सदस्य तटकरे ने यह भी कहा कि संवाददाता सम्मेलन में केवल मुख्य वक्ता को ही बोलना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी अपने ही दल के नेता धनंजय मुंडे की ओर इशारा करते हुए की और कहा कि पार्टी नेताओं से भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में अधिक जिम्मेदाराना व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह नहीं होना चाहिए था। केवल मुख्य वक्ता को ही बोलना चाहिए, उनके बगल में बैठे लोगों को नहीं। हमारे सहयोगी निश्चित रूप से भविष्य में जिम्मेदाराना व्यवहार करेंगे।’’ तटकरे ने कहा कि वह पहले यह जानने की कोशिश करेंगे कि वरिष्ठ नेता (धनंजय मुंडे) ने किस संदर्भ में बयान दिया था, हालांकि उन्होंने दोहराया कि संवाददाता सम्मेलन मुख्य वक्ता का होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानना चाहूंगा कि धनंजय मुंडे ने किस संदर्भ और किस वजह से बात की। आखिरकार संवाददाता सम्मेलन मुख्य वक्ता का होता है। बगल में बैठना ठीक है, लेकिन बगल में बैठकर प्रेस वार्ता में हिस्सा लेना मेरे विचार से उचित नहीं है।’’ तटकरे ने कहा कि संवाददाता सम्मेलन मुख्य वक्ता के नाम से आयोजित किया जाता है और मीडिया से बातचीत भी वही व्यक्ति करता है।

उन्होंने कहा कि यही ऐसी बातचीत का मूल नियम है। उन्होंने बताया कि उनकी अपनी प्रेस वार्ता के दौरान भी जब पत्रकार उनके बगल में बैठे लोगों से सवाल करते हैं, तो वह उन्हें उनसे ही सवाल पूछने के लिए कहते हैं। तटकरे ने कहा, ‘‘यह दोनों पक्षों के लिए एक परंपरा है और हमारे सहयोगी भविष्य में ऐसे अवसरों पर निश्चित रूप से अधिक जिम्मेदाराना व्यवहार करेंगे।

Continue reading on the app

Chandipura Virus रोकेगा केंद्रीय एक्सपर्ट दल, गुजरात और राजस्थान में तैनाती

नयी दिल्ली, पांच अगस्त केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुजरात और राजस्थान में जारी चांदीपुरा वायरस रोग (सीएचपीवी) के प्रकोप से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजॉर्ट) तैनात किया है। मंत्रालय ने कहा कि यह तैनाती शोध संस्थानों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क द्वारा की जा रही निरंतर और गहन वैज्ञानिक जांच के साथ-साथ राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा राज्य निगरानी इकाइयों के सहयोग से चलाए जा रहे एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के तहत बीमारी की लगातार की जा रही निगरानी के बीच की गई है। इन समन्वित प्रयासों का उद्देश्य वायरस के फैलने के तरीके, इसके नैदानिक दायरे, महामारी विज्ञान और संभावित उपचार दृष्टिकोणों की समझ को आगे बढ़ाना है, ताकि साक्ष्यों पर आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य कदमों को सही दिशा दी जा सके।

मंत्रालय ने बताया कि एनजॉर्ट टीम की सहायता के लिए एनसीडीसी जन स्वास्थ्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (पीएचईओसी) को भी सक्रिय कर दिया गया है। बहुविषयक विशेषज्ञों वाली इस एनजॉर्ट टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनडीसी), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम प्रकोप की जांच करने, महामारी के आकलन, नैदानिक प्रबंधन (मरीजों के इलाज), प्रयोगशाला समन्वय, रोगवाहक विषाणुओं की निगरानी और जनस्वास्थ्य उपायों को लागू करने में दोनों राज्य सरकारों के प्रयासों को सहयोग प्रदान करेगी।

यह टीम जमीनी प्रतिक्रिया की समीक्षा करने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभागों के साथ मिलकर काम करेगी और अपना जमीनी मूल्यांकन पूरा करने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय को अपनी सिफारिशें सौंपेगी। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह तैनाती हाल के वर्षों में चांदीपुरा वायरस के लिए की जा रही सबसे व्यापक वैज्ञानिक जांचों के बीच हुई है। इस प्रकोप की जांच के लिए आईसीएमआर-राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (चेन्नई), आईसीएमआर-राष्ट्रीय वेक्टर नियंत्रण अनुसंधान संस्थान (पुडुचेरी), आईसीएमआर-राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (पुणे), आईसीएमआर-राष्ट्रीय पूर्व-नैदानिक अनुसंधान संस्थान (हैदराबाद) और आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु रोग महामारी विज्ञान एवं सूचना विज्ञान संस्थान (बेंगलुरु) के विशेषज्ञ गुजरात राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

बयान में कहा गया है कि इसके तहत महामारी विज्ञान, विषाणु विज्ञान, एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान), पशु चिकित्सा विज्ञान और प्रयोगशाला निदान के विशेषज्ञों को एक साथ लाया गया है, ताकि चांदीपुरा वायरस संक्रमण के हल्के बुखार से लेकर एक्यूट एंसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी एईएस (मस्तिष्क की गंभीर सूजन या दिमागी बुखार) तक के सभी लक्षणों को समझा जा सके और जनस्वास्थ्य उपायों को मजबूत करने के लिए साक्ष्य जुटाए जा सकें। जांच के तहत, प्रभावित जिलों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस यानी एएफआई (अचानक आने वाला तेज बुखार) और एईएस (दिमागी बुखार) के लक्षणों वाले मरीजों में सक्रिय निगरानी तेज कर दी गई है। इसके साथ ही, बिना लक्षण वाले संक्रमणों का अनुमान लगाने और वायरस के प्रसार की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए समुदाय आधारित सीरोसर्वे (रक्त नमूनों की जांच) कराये जा रहे हैं।

प्रयोगशाला की टीमें बीमारी के विकास और उसके कारणों को बेहतर ढंग से समझने के लिए नैदानिक परीक्षणों को मजबूत करने और बेहतर पशु मॉडल विकसित करने पर एक साथ काम कर रही हैं। जांच के जरिये मुख्यतया वायरस के फैलने के तरीके का पता लगाया जा रहा है। यद्यपि रेत मक्खी चांदीपुरा वायरस की स्थापित वाहक है, लेकिन वैज्ञानिक इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या मच्छर, चिचड़ी (टिक्स) और घुन (माइट्स) जैसे अन्य कीटों की भी इसके प्रसार में कोई भूमिका हो सकती है।

प्रभावित क्षेत्रों से बड़ी संख्या में एकत्र किए गए कीट-पतंगों के नमूनों का वर्तमान में प्रयोगशाला में विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि जब तक वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान प्रकोप के लिए जिम्मेदार वाहक (कीट) की पहचान करना जल्दबाजी होगी।

Continue reading on the app

  Sports

950 रन का सीजन, फिर भी झोली खाली, डोमेस्टिक क्रिकेट में सुपरस्टार हैं स्मरण, दलीप ट्रॉफी में दिखाएंगे दम

domestic cricket star: स्मरण ने पीटीआई से कहा, “मैं उम्मीदों की चिंता नहीं करता या खुद पर उम्मीदों का बोझ नहीं डालता क्योंकि यह सब ज्यादा से ज्यादा रन बनाने के बारे में है. उन्होंने कहा, यह सब एक सीजन से पहले अच्छी तरह से अभ्यास और प्रशिक्षण करने के बारे में है ताकि सही मानसिकता में रहा जा सके लेकिन स्मरण नए सीजन की शुरुआत सही नोट पर करना चाहते हैं Wed, 5 Aug 2026 20:53:38 +0530

  Videos
See all

Aaj ki Taaja Khabar: यूपी की बड़ी खबरें | Shamali Encounter | UP Vidhnsabha | CM Yogi | Akhilesh #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T15:45:06+00:00

Kishore Ajwani: गाड़ियों में V2V Communication System को ज़रूरी करेगी सरकार | Trending News| ADAS #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T15:43:26+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers