भारत पिछले कुछ वर्षों से ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में जारी संपर्क परियोजना पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। चाबहार बंदरगाह के विकास में भारत एक प्रमुख साझेदार है।
प्रतिनिधि सभा की इस बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही, आगामी वर्ष के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब असली मोड़ पर आ गया। हर मैच तस्वीर बदल रहा। इंग्लैंड पहले ही टॉप-4 में जगह बना चुका। उधर ग्रुप-2 में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को हराकर बड़ा झटका दिया। सह-मेजबान श्रीलंका की लगातार दूसरी हार ने उसका सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना खत्म कर दिया। अब नॉकआउट की रेस में छह टीमें बची हैं- और आज एक और टीम बाहर हो जाएगी।
गुरुवार को सुपर-8 के दो बड़े मुकाबले ग्रुप-1 में खेले जाएंगे। यानी 4 टीमें एक्शन में होंगी। दोपहर 3 बजे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। शाम को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की टक्कर होगी। चारों टीमों के लिए जीत जरूरी है, क्योंकि हार का मतलब सीधा दबाव और लगभग बाहर होने की कगार।
अगर ग्रुप-1 के पॉइंट्स टेबल को देखें तो मामला बेहद दिलचस्प है। वेस्टइंडीज 2 अंकों और शानदार +5.350 रनरेट के साथ टॉप पर है। उसने जिम्बाब्वे को 107 रन से हराया था। दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका है, जिसके खाते में भी 2 पॉइंट्स हैं और रनरेट +3.800 है। साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रन से हराकर बढ़त बनाई। भारत और जिम्बाब्वे दोनों अपना पहला सुपर-8 मैच हार चुके। दोनों के खाते में फिलहाल कोई अंक नहीं हैं। भारत का रनरेट -3.800 और जिम्बाब्वे का -5.350 है, जो आगे की राह मुश्किल बनाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल है कि श्रीलंका के बाद कौन बाहर होगा? जवाब साफ है कि शाम के मैच में हारने वाली टीम। भारत और जिम्बाब्वे में जो हारेगा, उसकी यह सुपर-8 में लगातार दूसरी हार होगी। ऐसे में आखिरी मैच जीतकर भी वह अधिकतम 2 अंक तक ही पहुंच पाएगा, जो सेमीफाइनल के लिए काफी नहीं होंगे। यानी यह मुकाबला सीधा करो या मरो का है।
टीम इंडिया और उसके फैंस की नजर दिन के मैच पर भी रहेगी। अगर साउथ अफ्रीका जीतता है तो भारत के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने की राह थोड़ी आसान होगी। लेकिन अगर वेस्टइंडीज जीत गया तो गणित और उलझ जाएगा, और भारत पर दबाव दोगुना हो जाएगा।
दूसरी तरफ, वेस्टइंडीज बनाम साउथ अफ्रीका मुकाबले का विजेता लगभग सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लेगा। दोनों टीमों का रनरेट मजबूत है। आज जीतने वाली टीम के पास आखिरी मैच जीतकर टॉप-4 में जगह सील करने का सुनहरा मौका होगा।
साफ है, सुपर-8 अब असली परीक्षा बन चुका है। एक तरफ उम्मीद, दूसरी तरफ बाहर होने का डर। आज के दो मुकाबले तय करेंगे कि सेमीफाइनल की दौड़ में कौन टिकेगा और किसका सपना यहीं टूट जाएगा।