कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप के 'स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण' को 'झूठ से भरा' बताया
वाशिंगटन, 26 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण की कड़ी आलोचना करते हुए झूठा बताया। साथ ही ट्रंप पर अर्थव्यवस्था, मतदान के अधिकार और ईरान के मुद्दों पर अमेरिकियों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
ट्रंप के भाषण के एक दिन बाद हैरिस ने बुधवार को द परनास पर्सपेक्टिव के होस्ट एरॉन परनास के सबस्टैक शो में कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का भाषण देखा, जो आम परिवारों की वास्तविकताओं से बिल्कुल अलग था।
हैरिस ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया कि देश की स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा, बहुत से लोग बढ़ती कीमतों, महंगी स्वास्थ्य सेवाओं और महंगे आवास के बोझ तले दबे हुए हैं।
दक्षिणी राज्यों की अपनी हालिया यात्राओं का जिक्र करते हुए, उन्होंने मिसिसिपी में एक ऐसी मां से मिलने का किस्सा सुनाया, जिसका चार लोगों के लिए साप्ताहिक राशन बजट सिर्फ 150 डॉलर था। हैरिस ने बताया, कार्ट में जो कुछ भी था, वह उसके बच्चों के लिए था। मां ने उनसे कहा कि वह जो कुछ भी उनके बच्चे नहीं खाएंगे, वह खा लेंगी। वह बोतलबंद पानी लेने के लिए पैदल चलकर गई। वह नल का पानी नहीं पी सकती, क्योंकि पानी भूरा और जहरीला है।”
हैरिस ने प्रस्तावित खर्च प्राथमिकताओं की भी आलोचना की। उन्होंने पूछा, जब आप मेडिकेड में 1 ट्रिलियन डॉलर की कटौती करते हैं, तो कौन शोर मचा रहा है?
मतदान अधिकारों पर हैरिस ने सेव अधिनियम का कड़ा विरोध किया, जिसे ट्रंप ने कांग्रेस से पारित करने का आग्रह किया था। उन्होंने तर्क दिया कि इस विधेयक के तहत लोगों को मतदान पंजीकरण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा, जबकि लगभग 40 प्रतिशत अमेरिकियों के पास ये दस्तावेज नहीं हैं।
हैरिस ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अब वह इस क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों को भेज रहे हैं, जिससे यह पूरी तरह से संभव है कि अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं को युद्ध में तैनात किया जाएगा।
हैरिस ने आगे कहा, अमेरिकी जनता युद्ध नहीं चाहती और न ही चाहती है कि हमारे बेटे-बेटियों को ऐसी कार्रवाई शुरू करने के लिए भेजा जाए, जिसे टाला जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सहयोगी राष्ट्रपति के कदम से सहमत नहीं हैं। इस तरह गठबंधनों का कमजोर होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-इजरायल संबंधों में नई तेजी, उन्नत और संवेदनशील तकनीकों पर बढ़ेगा सहयोग : रूवेन अजार
यरूशलम, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा और भारत-इजरायल संबंधों पर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और प्रधानमंत्री के भाषण ने सभी को गहराई से प्रभावित किया।
अजार ने आईएएनएस से कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त लड़ाई की बात कही और स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के लिए किसी भी प्रकार का बहाना स्वीकार्य नहीं है। राजदूत अजार ने दोनों देशों के रिश्तों के भविष्य पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि भारत और इजरायल अब अपने सहयोग को अधिक व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, खासकर संवेदनशील और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में।
उन्होंने कहा कि हाल में हुए समझौतों ने दोनों देशों को इस दिशा में काम करने का ठोस तंत्र प्रदान किया है। अब इन समझौतों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों देश उनके क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि इजरायल भारत को उन्नत सैन्य तकनीक देने के लिए तैयार है या नहीं, तो अजार ने साफ शब्दों में कहा कि यही दोनों देशों का उद्देश्य है और इसी कारण संबंधित समझौते किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत और इजरायल दोनों अपनी रक्षा क्षमताओं को स्वयं विकसित करते हैं और रक्षा एवं आक्रामक, दोनों तरह के समाधान तैयार करते हैं, तो इससे दोनों देश अधिक सुरक्षित और मजबूत बनेंगे। अजार ने बताया कि आत्मनिर्भर सुरक्षा क्षमता भविष्य की स्थिरता और सामरिक मजबूती की कुंजी है।
बता दें कि बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इजरायल के दो दिवसीय दौरे के दौरान संसद नेसेट को संबोधित किया। इसके साथ ही पीएम मोदी पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन गए, जिन्होंने इजरायली संसद को संबोधित किया।
इजरायल की संसद नेसेट में अध्यक्ष महामहिम अमीर ओहाना ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। ओहाना ने पीएम मोदी को औपचारिक सम्मान प्रदान किया। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, विपक्ष के नेता यायर लापिड और अध्यक्ष ओहाना ने संसद को संबोधित किया। अपने संबोधन में सदस्यों ने भारत-इजरायल संबंधों के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त किया।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
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