टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 चरण में साउथ अफ्रीका से 76 रन की हार के बाद टीम इंडिया पर दबाव साफ नजर आ रहा है। ऐसे में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को सीधी सलाह दी है कि अब ज्यादा रणनीतिक प्रयोग छोड़कर अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन के साथ मैदान में उतरना चाहिए।
पोंटिंग ने ‘द आईसीसी रिव्यू’ में बातचीत के दौरान कहा कि मैच-अप को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने की बजाय कप्तान को खिलाड़ियों का सही समय पर उपयोग करना चाहिए। बता दें कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई थी। टीम प्रबंधन का तर्क था कि विपक्षी टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, लेकिन पोंटिंग का मानना है कि ऐसे फैसले टीम संतुलन पर भारी पड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि भारतीय पिचों पर स्पिन गेंदबाजी अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में अक्षर जैसे ऑलराउंडर को बाहर रखना कई विशेषज्ञों को चौंकाने वाला लगा। पोंटिंग ने कहा कि चेन्नई की परिस्थितियों को देखते हुए टीम को यह देखना चाहिए कि वहां के लिए सर्वश्रेष्ठ संयोजन क्या हो सकता है।
उन्होंने कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव की वापसी की भी वकालत की। पोंटिंग के अनुसार कुलदीप ऐसे गेंदबाज हैं जो दाएं और बाएं हाथ दोनों तरह के बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं और उनके पास वैरिएशन भी भरपूर है।
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की। उनका कहना है कि इस दौर में अनुभव और गेंदबाजी विकल्पों की गहराई बेहद जरूरी है। शास्त्री ने साफ कहा कि अतिरिक्त गेंदबाज का विकल्प टीम को संतुलन देता है और ऐसे बड़े मुकाबलों में यही अंतर पैदा करता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारत को अब जिम्बाब्वे के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। सेमीफाइनल की उम्मीदें अभी जिंदा हैं, लेकिन इसके लिए चयन और प्रदर्शन दोनों में स्पष्टता लानी होगी।
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मेजबान और डिफेंडिंग चैंपियन भारत के लिए टूर्नामेंट का समीकरण अचानक बदल गया है। अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की करारी हार ने टीम इंडिया को वर्चुअल नॉकआउट की स्थिति में ला खड़ा किया है।
गौरतलब है कि इसी ग्रुप में वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे पर 107 रन की बड़ी जीत दर्ज की, जिससे अंकतालिका और भी जटिल हो गई। इस नतीजे ने भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल बना दी है।
सबसे बड़ी चिंता नेट रन रेट को लेकर है। मौजूद जानकारी के अनुसार भारत का नेट रन रेट गिरकर -3.800 पर पहुंच गया है, जो ग्रुप 1 में वेस्टइंडीज (+5.350) और साउथ अफ्रीका (+3.800) से काफी पीछे है। ऐसे में सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
बता दें कि अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर 8 का मुकाबला हर हाल में जीतना होगा। इसके बाद वेस्टइंडीज से भी जीत जरूरी होगी। कागज पर समीकरण सीधा दिखता है, लेकिन वास्तविकता में स्थिति काफी उलझी हुई है।
अगर साउथ अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच जीत लेती है तो भारत और साउथ अफ्रीका दोनों सेमीफाइनल में पहुंच सकते हैं। हालांकि अगर साउथ अफ्रीका एक मुकाबला हारती है और तीन टीमें चार-चार अंकों पर बराबर रहती हैं, तो फैसला नेट रन रेट से होगा। यही वह पहलू है जहां भारत फिलहाल काफी पीछे है।
मौजूदा हालात में टीम इंडिया के लिए हर गेंद और हर रन की अहमियत बढ़ गई है। बल्लेबाजों को आक्रामक रुख अपनाना होगा और गेंदबाजों को विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोकना होगा, तभी सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रह पाएगी।
कुल मिलाकर भारत अब ऐसी स्थिति में पहुंच चुका है जहां किस्मत से ज्यादा प्रदर्शन मायने रखेगा और बाकी टीमों के नतीजों पर भी नजर बनाए रखनी पड़ेगी क्योंकि सेमीफाइनल की दौड़ पूरी तरह खुली हुई हैं।
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