Responsive Scrollable Menu

खंडवा में 1500 बोरी DAP खाद जब्त, ट्रांसपोर्ट परमिट में महाराष्ट्र का पता, 5 आरोपियों पर केस दर्ज

खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने DAP खाद से भरे तीन ट्रक जब्त किए हैं। दरअसल तीनों ट्रकों में कुल 1500 बोरी खाद मिली है जिसकी ट्रकों समेत कीमत 50.25 लाख रुपए बताई गई है। ट्रांसपोर्ट परमिट में खाद महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से धारणी स्थित दादाजी कृषि सेवा केंद्र के पते पर भेजी जा रही थी लेकिन ट्रक खंडवा के रिछड़ीखेड़ा गांव में मिले। कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

दरअसल मामला खालवा थाना क्षेत्र के ग्राम रिछड़ीखेड़ा का है। रविवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और उर्वरक निरीक्षक गोरेलाल वास्कले ने पुलिस टीम के साथ मिलकर महाराष्ट्र नंबर के तीन ट्रकों की जांच की। तलाशी के दौरान तीनों ट्रकों में DAP खाद की बोरियां भरी मिलीं। हर ट्रक में 500 बोरी खाद रखी गई थी। जांच में हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड की 1000 बोरी और कोरोमंडल उर्वरक की 500 बोरी खाद मिली। टीम ने खाद से जुड़े ट्रांसपोर्ट परमिट और दूसरे दस्तावेजों की भी जांच की। दस्तावेजों में दर्ज पते और खाद मिलने की जगह में अंतर सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।

परमिट में दर्ज था महाराष्ट्र का पता

वहीं कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आया कि तीनों ट्रकों में भरी खाद के परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्ट परमिट में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से धारणी स्थित दादाजी कृषि सेवा केंद्र तक खाद भेजने की जानकारी दर्ज थी। इसके बावजूद खाद खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र के रिछड़ीखेड़ा गांव में मिली। निर्धारित पते से अलग जगह पर खाद मिलने के बाद अधिकारियों ने परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और मामले की जानकारी पुलिस को दी। जब्त की गई खाद में दो कंपनियों के उत्पाद शामिल हैं। हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड की 1000 बोरी और कोरोमंडल उर्वरक की 500 बोरी खाद मिली। इस तरह तीनों ट्रकों में कुल 1500 बोरी DAP खाद रखी हुई थी। खाद और ट्रकों की कुल कीमत 50.25 लाख रुपए बताई गई है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खाद को परमिट में दर्ज पते से अलग रिछड़ीखेड़ा तक क्यों लाया गया था और इस परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी।

महाराष्ट्र के तीन लोगों समेत 5 आरोपी नामजद

दरअसल उर्वरक निरीक्षक गोरेलाल वास्कले की शिकायत पर खालवा पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के तीन निवासी, एक लॉजिस्टिक फर्म और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में इरफान शेख (35), निवासी पाण्डरी प्लॉट, पारपेठ, मलकापुर; शेख सिराज (31), निवासी कुरैशी नगर, पारपेठ, मलकापुर; और शेख सत्तार (36), निवासी पाण्डरी प्लॉट, पारपेठ, मलकापुर शामिल हैं। इनके अलावा सागर लॉजिस्टिक, निम्भारी, मलकापुर और इंदरचंद हुकुमचंद जैन, निवासी देऊलगांव माही, जिला बुलढाणा, महाराष्ट्र को भी मामले में नामजद किया गया है। पुलिस ने उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। खाद के परिवहन और दस्तावेजों में सामने आए अंतर को लेकर जांच की जा रही है। फिलहाल मामला दर्ज होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Continue reading on the app

बांग्लादेश में डेंगू का कहर, 24 घंटे में 2249 नए मामले और सात मौतें

ढाका, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रविवार सुबह तक बीते 24 घंटों में 2,249 नए डेंगू मामलों की पुष्टि हुई, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे अधिक एक दिन में सामने आए आंकड़ा है।

इसी दौरान डेंगू से सात लोगों की मौत भी हुई। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, ताजा आंकड़ों के बाद इस वर्ष बांग्लादेश में डेंगू के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,23,948 हो गई है, जबकि मृतकों की संख्या 384 तक पहुंच गई है।

यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, नई मौतों में ढाका नॉर्थ सिटी कॉरपोरेशन (डीएनसीसी) और मायमनसिंह डिवीजन में दो-दो लोगों की मौत हुई। वहीं, ढाका साउथ सिटी कॉरपोरेशन (डीएससीसी), खुलना और राजशाही डिवीजन में एक-एक मौत दर्ज की गई।

बांग्लादेश में डेंगू से हुई कुल मौतों में 52.8 प्रतिशत महिलाएं और 47.2 प्रतिशत पुरुष शामिल हैं।

डीजीएचएस के अनुसार, अब तक 1,17,400 डेंगू मरीज इलाज के बाद ठीक होकर अस्पतालों से घर लौट चुके हैं।

पिछले महीने बांग्लादेश के मत्स्य एवं पशुधन राज्य मंत्री सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू ने चेतावनी दी थी कि आने वाले महीनों में ढाका और अन्य जिलों में डेंगू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने लोगों से अभी से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की थी।

टुकू ने कहा था, आने वाले महीनों में डेंगू का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए सभी लोगों को अभी से जागरूक होने की जरूरत है।

इस बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू से बढ़ती मौतों के पीछे अस्पताल पहुंचने में देरी, उचित इलाज की कमी और जोखिम वाले मरीजों की अधिक संवेदनशीलता प्रमुख कारण हैं। कई मरीज तब चिकित्सा सहायता लेते हैं, जब उनकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है।

ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एच.एम. नजरुल अहसान ने कहा कि हाल के दिनों में डेंगू से मौतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण पूरे देश में संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि है।

अहसान के अनुसार, डेंगू से होने वाली मौतों के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं: वायरस से जुड़े कारक, मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी कमजोरियां और उपचार से जुड़ी जटिलताएं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने डेंगू मरीजों के बेहतर उपचार के लिए प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं पर आधारित तीन-स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Ranji Trophy: गौतम गंभीर के चेले का रणजी ट्रॉफी में धमाका, दोहरे शतक के बाद अब शतक ठोका

रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी का जलवा जारी है. उन्होंने झारखंड के खिलाफ सैकड़ा लगाया. Mon, 26 Oct 2026 23:42:34 +0530

  Videos
See all

असम आगे बढ़ रहा है, विपक्ष अब भी लोडिंग में! | #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-26T20:36:06+00:00

बठिंडा में पराली जलाने का सिलसिला जारी, VIDEO Viral | #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-26T20:36:54+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers