Elon Musk के ड्रोन हमले वाले आरोपों को Ukraine ने नकारा, Starlink नियमों पर दी सफाई
यूक्रेनी अधिकारियों ने ‘स्पेसएक्स’ के सीईओ एलन मस्क के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि यूक्रेन की सेना ने नागरिक उपग्रह इंटरनेट नेटवर्क का इस्तेमाल करके ड्रोन हमलों को अंजाम दिया, जो स्टारलिंक की सेवा शर्तों का उल्लंघन है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के रक्षा प्रौद्योगिकी सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्तनोव ने कहा कि यूक्रेन में नागरिक उपग्रह प्रणालियों पर लंबे समय से लागू प्रतिबंधों के कारण, इस तरह से उनका सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करना असंभव हो गया है। उन्होंने एक ऑनलाइन पोस्ट में लिखा, ‘‘यह बहुत अजीब बात है कि एलन मस्क को यूक्रेन में स्टारलिंक के संचालन पर लगी पाबंदियों के बारे में नहीं पता है।’’ यूक्रेन के लिए युद्ध के समय कनेक्टिविटी बनाए रखने में स्पेसएक्स की स्टारलिंक और सेना के लिए बनाई गई स्टारशील्ड सेवा बहुत महत्वपूर्ण है।
इस महीने की शुरुआत में, स्टारशील्ड से जुड़े यूक्रेनी ड्रोन की कनेक्टिविटी तेज गति पर कट गई थी, जिससे रूस के प्रतिदिन के हवाई हमलों के दौरान यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली में बाधा आई। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को इन स्पीड कैप (गति की सीमा) को हटा दिया गया और सेवा फिर से बहाल हो गई। फिर भी, यह सवाल बना हुआ है कि मॉस्को के हमलों का मुकाबला करने के लिए कीव जिन सैटेलाइट इंटरनेट प्रणालियों पर वर्षों से निर्भर रहा है, उन्हें बाधित करने का आदेश किसने दिया था।
मस्क ने शनिवार को स्वीकार किया कि स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक की गति को सीमित कर दिया था। उन्होंने लिखा, ‘‘स्टारलिंक जैसी आम व्यावसायिक सेवा का इस्तेमाल लोगों की जान लेने के लिए आक्रामक ड्रोन हमलों में करना कभी भी मंजूर नहीं था, और न ही होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन की सेना ने स्टारलिंक की सेवा शर्तों का उल्लंघन किया और लोगों की जान लेने के लिए आक्रामक ड्रोन हमलों में इसका इस्तेमाल किया।
इस खामी को पिछले हफ्ते बंद कर दिया गया।’’ हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्टारशील्ड में जो भी बदलाव हुए, उनपर अमेरिकी सरकार का नियंत्रण था। स्टारशील्ड , स्टारलिंक का ही एक सैन्य-ग्रेड संस्करण है, जो यूक्रेन के ड्रोन अभियान और संचार व्यवस्था की रीढ़ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया था, जबकि उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इस बात का संकेत दिया है कि व्हाइट हाउस और मस्क के बीच तालमेल था।
पिछले सप्ताह स्टारशील्ड पर लगाई गई पाबंदियों से यूक्रेन की सेना और सरकार के अधिकारियों में चिंता पैदा हो गई थी। सैन्य कमांडरों ने कुछ ड्रोन से संपर्क टूटने और सैन्य अभियान बाधित होने की जानकारी दी थी। इन सेवाओं की बहाली ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने युद्ध समाप्त कराने के लिए नए सिरे से कूटनीतिक प्रयास शुरू किए हैं।
रूस ने बुधवार को अगले महीने अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने पर सहमति जताई। इसके अलावा, कीव और मॉस्को ने शुक्रवार को यूक्रेन के दक्षिणी खेरसॉन क्षेत्र में रूस के कब्जे वाले युद्धग्रस्त शहर ओलेश्की के आसपास सीमित क्षेत्र में युद्धविराम पर भी सहमति जताई थी। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से यह समझौता हुआ था।
स्टारलिंक एवं स्टारशील्ड सेवाओं की गति पर प्रतिबंध से यूक्रेन और अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। रूस से डीजल आयात को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मॉस्को के बीच कथित समझौते के कारण दोनों देशों के संबंध पहले ही तनावपूर्ण हो गए हैं। यूक्रेन ने इस समझौते को विश्वासघात माना था।
खंडवा में 1500 बोरी DAP खाद जब्त, ट्रांसपोर्ट परमिट में महाराष्ट्र का पता, 5 आरोपियों पर केस दर्ज
खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने DAP खाद से भरे तीन ट्रक जब्त किए हैं। दरअसल तीनों ट्रकों में कुल 1500 बोरी खाद मिली है जिसकी ट्रकों समेत कीमत 50.25 लाख रुपए बताई गई है। ट्रांसपोर्ट परमिट में खाद महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से धारणी स्थित दादाजी कृषि सेवा केंद्र के पते पर भेजी जा रही थी लेकिन ट्रक खंडवा के रिछड़ीखेड़ा गांव में मिले। कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दरअसल मामला खालवा थाना क्षेत्र के ग्राम रिछड़ीखेड़ा का है। रविवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और उर्वरक निरीक्षक गोरेलाल वास्कले ने पुलिस टीम के साथ मिलकर महाराष्ट्र नंबर के तीन ट्रकों की जांच की। तलाशी के दौरान तीनों ट्रकों में DAP खाद की बोरियां भरी मिलीं। हर ट्रक में 500 बोरी खाद रखी गई थी। जांच में हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड की 1000 बोरी और कोरोमंडल उर्वरक की 500 बोरी खाद मिली। टीम ने खाद से जुड़े ट्रांसपोर्ट परमिट और दूसरे दस्तावेजों की भी जांच की। दस्तावेजों में दर्ज पते और खाद मिलने की जगह में अंतर सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
परमिट में दर्ज था महाराष्ट्र का पता
वहीं कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आया कि तीनों ट्रकों में भरी खाद के परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्ट परमिट में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से धारणी स्थित दादाजी कृषि सेवा केंद्र तक खाद भेजने की जानकारी दर्ज थी। इसके बावजूद खाद खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र के रिछड़ीखेड़ा गांव में मिली। निर्धारित पते से अलग जगह पर खाद मिलने के बाद अधिकारियों ने परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और मामले की जानकारी पुलिस को दी। जब्त की गई खाद में दो कंपनियों के उत्पाद शामिल हैं। हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड की 1000 बोरी और कोरोमंडल उर्वरक की 500 बोरी खाद मिली। इस तरह तीनों ट्रकों में कुल 1500 बोरी DAP खाद रखी हुई थी। खाद और ट्रकों की कुल कीमत 50.25 लाख रुपए बताई गई है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खाद को परमिट में दर्ज पते से अलग रिछड़ीखेड़ा तक क्यों लाया गया था और इस परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी।
महाराष्ट्र के तीन लोगों समेत 5 आरोपी नामजद
दरअसल उर्वरक निरीक्षक गोरेलाल वास्कले की शिकायत पर खालवा पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के तीन निवासी, एक लॉजिस्टिक फर्म और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में इरफान शेख (35), निवासी पाण्डरी प्लॉट, पारपेठ, मलकापुर; शेख सिराज (31), निवासी कुरैशी नगर, पारपेठ, मलकापुर; और शेख सत्तार (36), निवासी पाण्डरी प्लॉट, पारपेठ, मलकापुर शामिल हैं। इनके अलावा सागर लॉजिस्टिक, निम्भारी, मलकापुर और इंदरचंद हुकुमचंद जैन, निवासी देऊलगांव माही, जिला बुलढाणा, महाराष्ट्र को भी मामले में नामजद किया गया है। पुलिस ने उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। खाद के परिवहन और दस्तावेजों में सामने आए अंतर को लेकर जांच की जा रही है। फिलहाल मामला दर्ज होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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