Responsive Scrollable Menu

Jharkhand News: पैतृक गांव में मनाई गई शिबू सोरेन की पुण्यतिथि, देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Jharkhand News: झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर रामगढ़ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री संजय प्रसाद यादव, योगेंद्र महतो, दीपिका पांडे सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे. रामगढ़ विधायक ममता देवी ने शिबू सोरेन को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने इसी क्षेत्र से महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की थी. आज उनकी कमी महसूस हो रही है, लेकिन उनके विचार और संघर्ष हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे.

शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प

मंत्री संजय प्रसाद यादव और वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी. राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि गुरुजी ने समानता और न्याय पर आधारित समाज बनाने के लिए संघर्ष किया. झारखंड राज्य का गठन उनके लंबे आंदोलन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं और झारखंड के अधिकारों की आवाज मजबूती से उठा रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रामगढ़ से करीब 102.5 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. नेताओं ने शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लिया.

यह भी पढ़ें- Jharkhand News: स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को मिली रफ्तार, झारखंड के 50 शहरी निकायों के लिए 4.23 करोड़ रुपये जारी

Continue reading on the app

FSSAI के नोटिस पर डाबर का जवाब, कहा- उत्पादों के दावे नियमों के अनुरूप; ‘100 प्रतिशत’ शब्द हटाने की प्रक्रिया शुरू

डाबर इंडिया लिमिटेड ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से जारी नोटिस और उत्पादों पर किए गए कुछ दावों को लेकर उठे सवालों पर अपना पक्ष रखा है.  कंपनी ने कहा है कि उसके उत्पादों के लेबल पर दर्ज दावे मौजूदा कानूनी और नियामक प्रावधानों के अनुरूप हैं. डाबर के मुताबिक, इन दावों को लंबे समय से उद्योग में अपनाई जा रही प्रथाओं को ध्यान में रखते हुए इस्तेमाल किया जाता रहा है.

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने अपने उत्पादों को लेकर कभी किसी उपभोक्ता को भ्रमित करने वाला दावा नहीं किया. हालांकि, नियामक संस्था के पत्र में उठाई गई आपत्तियों के बाद कंपनी ने संबंधित उत्पादों के लेबल और विज्ञापनों में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है. 

'100 प्रतिशत' वाले दावों में किया जा रहा बदलाव

डाबर ने बताया कि FSSAI के पत्र में जिन उत्पादों और प्रचार सामग्री का उल्लेख किया गया था, उनमें '100 प्रतिशत' से जुड़े दावों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कंपनी के अनुसार, नए लेबल और संशोधित विज्ञापन तैयार किए जा रहे हैं, ताकि नियामक निर्देशों के अनुरूप आवश्यक बदलाव लागू किए जा सकें. 

कंपनी ने कहा कि आदेश में शामिल अधिकांश उत्पादों के लेबल, विज्ञापनों और वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी में पहले ही संशोधन किया जा चुका है. जिन सामग्री या दावों में बदलाव अभी बाकी है, उन पर कंपनी स्तर पर समीक्षा और पुनर्विचार किया जा रहा है.

डाबर का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य नियामक संस्था की चिंताओं का समाधान करना और उपभोक्ताओं तक स्पष्ट जानकारी पहुंचाना है.

FSSAI के साथ रचनात्मक बातचीत जारी

कंपनी ने बताया कि वह इस मामले में FSSAI को उचित जवाब दे रही है और समाधान तक पहुंचने के लिए नियामक निकाय के साथ लगातार संवाद कर रही है. डाबर के अनुसार, वह मामले के सभी पहलुओं पर विचार कर रही है और नियामक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी.

कंपनी ने कहा कि संबंधित आदेश और उसके प्रभावों को लेकर आंतरिक स्तर पर भी समीक्षा की जा रही है. जरूरत पड़ने पर कंपनी उचित कानूनी मंच पर अपना पक्ष रखने का विकल्प भी अपना सकती है. डाबर ने बताया कि आगे की कार्रवाई और उपलब्ध कानूनी विकल्पों को लेकर विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है.

गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई

डाबर ने अपने बयान में उत्पादों की गुणवत्ता, शुद्धता और खाद्य सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. कंपनी के अनुसार, उत्पादों के निर्माण से लेकर उनकी बिक्री तक गुणवत्ता नियंत्रण और नियामक अनुपालन के तय मानकों का पालन किया जाता है.

कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं का भरोसा उसके लिए महत्वपूर्ण है और वह अपने उत्पादों के संबंध में उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए लगातार काम करती है. डाबर के मुताबिक, लेबल और विज्ञापन में किए जा रहे बदलावों का उद्देश्य नियामक निर्देशों के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है.

कानूनी सलाह लेने की भी तैयारी

डाबर ने यह भी कहा कि वह मामले में आगे की संभावित कार्रवाई को लेकर कानूनी सलाह ले रही है. कंपनी का कहना है कि वह नियामक प्रक्रिया का सम्मान करती है और संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग जारी रखेगी.

कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह उचित मंच पर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार है और मामले का समाधान नियमों के दायरे में रहकर करने का प्रयास करेगी. डाबर के अनुसार, उत्पादों की गुणवत्ता और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है.

लेबलिंग और विज्ञापन दावों पर बढ़ी चर्चा

FSSAI की कार्रवाई और उसके बाद डाबर के स्पष्टीकरण ने खाद्य उत्पादों की लेबलिंग तथा विज्ञापनों में किए जाने वाले दावों को लेकर चर्चा तेज कर दी है. इस मामले में आगे नियामक संस्था और कंपनी के बीच होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

फिलहाल डाबर ने ‘100 प्रतिशत’ से जुड़े दावों में बदलाव शुरू करने, अधिकांश सामग्री को संशोधित करने और शेष मामलों की समीक्षा जारी रखने की बात कही है. आने वाले समय में इस मामले पर नियामक प्रक्रिया और कंपनी की कानूनी रणनीति से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है.  

यह भी पढ़ें - FSSAI का बड़ा एक्शन: भ्रामक 100 फीसदी दावों वाले उत्पादों की बिक्री पर रोक, डाबर को जारी हुआ आदेश

Continue reading on the app

  Sports

WI vs PAK: वेस्टइंडीज 26 साल बाद भी नाकाम, पाकिस्तान ने टेस्ट सीरीज की बराबर, बाबर आजम ने ऐसे जिताया मैच

पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला गया ये दूसरा टेस्ट मैच सिर्फ 4 दिन के अंदर खत्म हो गया और पाकिस्तान ने सीरीज 1-1 से बराबर कर ली. विंडीज गेंदबाज दोनों पारियों में अब्दुल्ला शफीक को आउट नहीं कर सके. Thu, 06 Aug 2026 00:06:00 +0530

  Videos
See all

Pakistan News : 'डबल गेम' का हिसाब हो गया.. मुनीर मजाक बनकर रह गया ! | Asim Munir | Shehbaz Sharif #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T19:52:22+00:00

Why did Russia strike a Ukrainian vegetable seller with a drone? | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T20:00:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers