किसानों ने किया एथेनॉल का समर्थन, कहा- कृषि क्षेत्र के लिए यह एक बड़ा अवसर है
अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (एआईकेसीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की. किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि एथेनॉल कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर है, बशर्ते इसकी नीति किसान-केंद्रित हो और फसलों का लाभकारी मूल्य सीधे किसानों को मिले.
केंद्रीय मंत्री ने किसान नेताओं को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार का स्पष्ट मानना है कि एथेनॉल कार्यक्रम का लाभ खेत से लेकर ईंधन टैंक तक पूरी श्रृंखला में पहुंचे और इसका सबसे बड़ा हिस्सा किसानों के हित में जाए. उन्होंने कहा कि एथेनॉल देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगा. प्रतिनिधिमंडल में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और देश के अन्य हिस्सों के किसान नेता शामिल थे.
एथेनॉल के पक्ष में हैं किसान
आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में एथेनॉल, किसानों की आय, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), कृषि बाजार और राष्ट्रीय कृषि नीति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. किसानों ने साफ कहा कि वे एथेनॉल के पक्ष में हैं, लेकिन चाहते हैं कि इसका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे, न कि केवल कंपनियों या बिचौलियों तक सीमित रहे.
बैठक के दौरान किसान नेताओं ने कहा, ''एथेनॉल उत्पादन से खेत की उपज केवल मंडी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेट्रोल पंपों और ऊर्जा बाजार तक पहुंचेगी. इससे किसानों के लिए एक नया और मजबूत बाजार तैयार होगा. जब गन्ना, मक्का, चावल और अन्य फसलों से एथेनॉल बनाया जाएगा, तो किसानों को अधिक खरीदार मिलेंगे और फसल खराब होने या भंडारण की समस्या भी कम होगी.''
एथेनॉल नीति खेती के लिए नए अवसर पैदा करे- किसान
किसानों ने कहा कि वे एथेनॉल उत्पादन का पूरा समर्थन करते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि मक्का हो या गन्ना, किसी भी फसल के लिए किसानों को लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है. किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि एथेनॉल नीति खेती के लिए नए अवसर पैदा करे, न कि किसानों के लिए नई चिंता बने. बैठक में कई किसान नेताओं ने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ अन्य मंचों पर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि एथेनॉल वाहनों को नुकसान पहुंचाता है या इससे किसानों के हित प्रभावित होंगे.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया कि मक्का, चावल, गन्ना और अन्य कच्चे माल की कीमतों तथा मांग के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए नीति की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा, ''सभी फैसले किसानों के हित को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे, विशेष रूप से मक्का किसानों के लाभ को प्राथमिकता दी जाएगी. एथेनॉल पर उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर गलत धारणाओं का जवाब दिया जाएगा और किसानों के साथ तथ्य आधारित संवाद आगे बढ़ाया जाएगा.'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि भवन के दरवाजे किसानों के लिए हमेशा खुले हैं, क्योंकि किसान सरकार के विरोधी नहीं बल्कि नीतियों के साझेदार हैं.
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.
Jharkhand News: पैतृक गांव में मनाई गई शिबू सोरेन की पुण्यतिथि, देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
Jharkhand News: झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर रामगढ़ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री संजय प्रसाद यादव, योगेंद्र महतो, दीपिका पांडे सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे. रामगढ़ विधायक ममता देवी ने शिबू सोरेन को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने इसी क्षेत्र से महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की थी. आज उनकी कमी महसूस हो रही है, लेकिन उनके विचार और संघर्ष हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे.
शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प
मंत्री संजय प्रसाद यादव और वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी. राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि गुरुजी ने समानता और न्याय पर आधारित समाज बनाने के लिए संघर्ष किया. झारखंड राज्य का गठन उनके लंबे आंदोलन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं और झारखंड के अधिकारों की आवाज मजबूती से उठा रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रामगढ़ से करीब 102.5 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. नेताओं ने शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लिया.
यह भी पढ़ें- Jharkhand News: स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को मिली रफ्तार, झारखंड के 50 शहरी निकायों के लिए 4.23 करोड़ रुपये जारी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










