बांग्लादेश चुनाव 2026: तारिक रहमान की 'प्रचंड विजय', BNP को 208 सीटें; अल्पसंख्यकों का साथ और सत्ता परिवर्तन की पूरी कहानी
नई दिल्ली: 17 साल के लंबे अंतराल के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक नया युग शुरू हो गया है। 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 208 सीटों के साथ दो-तिहाई बहुमत की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।
तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना अब तय माना जा रहा है। अवामी लीग की अनुपस्थिति में हुए इस चुनाव में न केवल सत्ता बदली है, बल्कि देश की संवैधानिक दिशा भी बदलती नजर आ रही है।
अल्पसंख्यकों का रुझान: किधर गया हिंदू और अन्य समुदायों का वोट?
बांग्लादेश के चुनाव में अल्पसंख्यक समुदाय विशेषकर हिंदू, बौद्ध और ईसाई हमेशा निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। पारंपरिक रूप से ये समुदाय शेख हसीना की अवामी लीग के समर्थक माने जाते थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में इस बार रुझान इस प्रकार रहा:-
सुरक्षा की गारंटी पर वोट: अल्पसंख्यकों का एक बड़ा हिस्सा इस बार BNP की ओर झुका दिखा। तारिक रहमान द्वारा चुनाव पूर्व दिए गए "समावेशी बांग्लादेश" के वादे और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिखित आश्वासन ने उन्हें प्रभावित किया।
तटस्थता और दुविधा: कुछ क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों ने मतदान से दूरी बनाई या निर्दलीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी, क्योंकि उन्हें जमात-ए-इस्लामी के बढ़ते प्रभाव से असुरक्षा का डर था।
जमात का प्रयास: जमात-ए-इस्लामी ने भी अपनी छवि सुधारने के लिए कुछ अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में संपर्क साधा था, लेकिन उन्हें वहां से बहुत कम समर्थन मिला।
मतदान का प्रतिशत और जन भागीदारी
वोटर टर्नआउट: इस बार कुल मतदान लगभग 48% से 60% के बीच रहने का अनुमान है, जो 2024 के विवादित चुनाव (41.8%) से काफी बेहतर है।
युवा शक्ति : देश के 44% मतदाता युवा (18-37 वर्ष) हैं। रुझानों से स्पष्ट है कि पहली बार वोट देने वाले युवाओं ने बड़े पैमाने पर बीएनपी और एनसीपी को वोट दिया।
संवैधानिक जनमत संग्रह और 'जुलाई चार्टर'
चुनाव के साथ ही देश में एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह भी कराया गया, जिसे 'जुलाई चार्टर' का नाम दिया गया है। इसे 72.9% जनता का भारी समर्थन मिला। इस चार्टर के लागू होने से अब बांग्लादेश में कोई भी व्यक्ति दो कार्यकाल से अधिक प्रधानमंत्री पद पर नहीं रह सकेगा। यह संवैधानिक बदलाव भविष्य में किसी भी प्रकार की तानाशाही को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।
तारिक रहमान की वापसी: लंदन में निर्वासन के बाद तारिक रहमान की यह पहली बड़ी राजनैतिक जीत है। उन्होंने अपनी दोनों सीटों बोगुरा-6 और ढाका-17 से बड़ी जीत दर्ज की है।
डिजिटल वोटिंग और पारदर्शिता: पहली बार डाक मतपत्रों का व्यापक उपयोग हुआ और गणना प्रक्रिया को लाइव स्ट्रीम किया गया ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
शेख हसीना की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक
भारत में शरण लिए हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इन नतीजों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'फर्जी चुनाव' और 'लोकतंत्र का मजाक' बताया है। उनका कहना है कि अवामी लीग के बिना यह चुनाव अवैध है। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ, कॉमनवेल्थ और अन्य करीब 500 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनावी प्रक्रिया को मोटे तौर पर शांतिपूर्ण और सफल करार दिया है।
आगामी सरकार के सामने प्रमुख चुनौतियां
नई सरकार के गठन के बाद तारिक रहमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को खत्म करना होगा। साथ ही, भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को संतुलित करना और देश में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनके कार्यकाल की प्राथमिकता होगी। जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन की संभावनाओं के बीच वैश्विक स्तर पर अपनी स्वीकार्यता बनाए रखना भी बीएनपी के लिए अहम होगा।
CBSE Board Exam 2026: 17 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं,बोर्ड ने जारी किए सख्त निर्देश
CBSE Board Exam 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से आयोजित होने वाली हैं। बोर्ड ने सभी पंजीकृत छात्रों के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। स्कूल अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से छात्रों के हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।
प्राइवेट परीक्षार्थी भी अपना एडमिट कार्ड खुद डाउनलोड कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दिन किसी भी तरह की हड़बड़ी से बचने के लिए छात्र अपने एडमिट कार्ड पर दी गई हर जानकारी को पहले ही अच्छी तरह से जांच लें।
एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी को जरूर जांचें
एडमिट कार्ड केवल एक प्रवेश पत्र नहीं है, बल्कि इसमें छात्र की पहचान से जुड़ी कई अहम जानकारियां होती हैं। छात्रों को अपना रोल नंबर, जन्म तिथि (केवल कक्षा 10 के लिए), अपना नाम, माता और पिता का नाम, परीक्षा केंद्र का नाम और विषयवार परीक्षा की तारीखों का मिलान कर लेना चाहिए।
इसके अलावा छात्र अपनी फोटो और एडमिट कार्ड आईडी को भी सत्यापित कर लें। एडमिट कार्ड पर छात्र और उनके अभिभावक के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है, इसलिए इसे समय रहते पूरा कर लें।
एंट्री टाइम और ड्रेस कोड पर विशेष ध्यान
सीबीएसई ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के समय को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। सुबह 10:00 बजे के बाद किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में बोर्ड ने सलाह दी है कि छात्र परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने सेंटर का दौरा कर लें ताकि रास्ते और समय का सही अंदाजा मिल सके।
इसके अलावा सभी छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य है। परीक्षार्थियों को स्कूल आईडी कार्ड और केवल अनुमति प्राप्त स्टेशनरी के साथ ही एडमिट कार्ड लेकर पहुंचना होगा।
सोशल मीडिया और प्रतिबंधित वस्तुओं से रहें दूर
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सेंटर पर ले जाना पूरी तरह वर्जित है। बोर्ड ने छात्रों को चेतावनी दी है कि वे व्हाट्सएप, टेलीग्राम या यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और न ही परीक्षा से संबंधित फर्जी सामग्री साझा करें। अगर कोई छात्र अनुचित साधनों (Unfair Practices) का उपयोग करते हुए पाया गया, तो बोर्ड उसके खिलाफ संशोधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई करेगा।
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