CBSE Board Exam 2026: 17 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं,बोर्ड ने जारी किए सख्त निर्देश
CBSE Board Exam 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से आयोजित होने वाली हैं। बोर्ड ने सभी पंजीकृत छात्रों के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। स्कूल अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से छात्रों के हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।
प्राइवेट परीक्षार्थी भी अपना एडमिट कार्ड खुद डाउनलोड कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दिन किसी भी तरह की हड़बड़ी से बचने के लिए छात्र अपने एडमिट कार्ड पर दी गई हर जानकारी को पहले ही अच्छी तरह से जांच लें।
एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी को जरूर जांचें
एडमिट कार्ड केवल एक प्रवेश पत्र नहीं है, बल्कि इसमें छात्र की पहचान से जुड़ी कई अहम जानकारियां होती हैं। छात्रों को अपना रोल नंबर, जन्म तिथि (केवल कक्षा 10 के लिए), अपना नाम, माता और पिता का नाम, परीक्षा केंद्र का नाम और विषयवार परीक्षा की तारीखों का मिलान कर लेना चाहिए।
इसके अलावा छात्र अपनी फोटो और एडमिट कार्ड आईडी को भी सत्यापित कर लें। एडमिट कार्ड पर छात्र और उनके अभिभावक के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है, इसलिए इसे समय रहते पूरा कर लें।
एंट्री टाइम और ड्रेस कोड पर विशेष ध्यान
सीबीएसई ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के समय को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। सुबह 10:00 बजे के बाद किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में बोर्ड ने सलाह दी है कि छात्र परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने सेंटर का दौरा कर लें ताकि रास्ते और समय का सही अंदाजा मिल सके।
इसके अलावा सभी छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य है। परीक्षार्थियों को स्कूल आईडी कार्ड और केवल अनुमति प्राप्त स्टेशनरी के साथ ही एडमिट कार्ड लेकर पहुंचना होगा।
सोशल मीडिया और प्रतिबंधित वस्तुओं से रहें दूर
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सेंटर पर ले जाना पूरी तरह वर्जित है। बोर्ड ने छात्रों को चेतावनी दी है कि वे व्हाट्सएप, टेलीग्राम या यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और न ही परीक्षा से संबंधित फर्जी सामग्री साझा करें। अगर कोई छात्र अनुचित साधनों (Unfair Practices) का उपयोग करते हुए पाया गया, तो बोर्ड उसके खिलाफ संशोधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई करेगा।
Bangladesh Election: रुझानों में तारिक रहमान की बीएनपी को भारी बढ़त! शेख हसीना ने चुनाव को बताया 'तमाशा'
नई दिल्ली : बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब वोटों की गिनती का दौर जारी है। शुरुआती नतीजों और रुझानों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सत्ता पर वापसी के लिए तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी है।
वहीं, कट्टरपंथी झुकाव वाली जमात-ए-इस्लामी ने भी कई सीटों पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है। दूसरी ओर, भारत में शरण लिए हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस चुनाव को पूरी तरह से 'नाटक' करार देते हुए रद्द करने की मांग की है।
अब तक के चुनावी नतीजे: बीएनपी का अर्धशतक, जमात की चुनौती
मतगणना के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 300 सदस्यीय संसद में से अब तक घोषित सीटों पर बीएनपी 50 से अधिक सीटें जीतने में सफल रही है। तारिक रहमान अपनी दोनों ही सीटों पर भारी मतों से आगे चल रहे हैं। वहीं, जमात-ए-इस्लामी अब तक 18 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि अगली सरकार के गठन में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। एनसीपी और अन्य छोटे दलों को भी शुरुआती बढ़त मिली है।
शेख हसीना की तीखी प्रतिक्रिया: 'यह फर्जी चुनाव है'
अवामी लीग पर प्रतिबंध लगने के कारण इस चुनाव से बाहर रहीं पूर्व पीएम शेख हसीना ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए कहा कि उनकी पार्टी के बिना कराए गए ये चुनाव पूरी तरह से 'फर्जी' और 'वोटर-विहीन' हैं।
हसीना ने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और मतदान केंद्रों पर जनता की कोई भागीदारी नहीं थी। उन्होंने इस चुनाव को तुरंत रद्द कर एक न्यूट्रल केयरटेकर सरकार के तहत फिर से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।
तनाव और अपील: राजनीतिक दलों की कार्यकर्ताओं से गुजारिश
चुनाव नतीजों के बीच हिंसा की छिटपुट घटनाओं और बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बीएनपी और जमात दोनों ने ही अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विजय जुलूस में संयम बरतने की अपील की है।
जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव परिणामों को स्वीकार करेगी, बशर्ते मतगणना में कोई बड़ी सरकारी दखलअंदाजी न हो। प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि नतीजों के बाद कोई गृहयुद्ध जैसे हालात न बनें।
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