मुस्लिम समाज ने फरीदाबाद में निकाला कैंडल मार्च : पहलगाम हमले की निंदा कर आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की
मुस्लिम समाज ने फरीदाबाद में निकाला कैंडल मार्च : फरीदाबाद के बड़खल में गुरुवार रात को मुस्लिम समाज के लोगों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों की याद में कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में स्थानीय लोग मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर एकजुट हुए और आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
देश पहले, धर्म बाद में: कैंडल मार्च में भागी मुस्लिम महिलाएं
इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा की गई इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा की और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा। इस मार्च में शामिल महिला सदस्य फरीदाबाद निवासी शाइस्ता ने कहा, “जब हमले के बाद की वीडियो और रोते बिलखते बच्चों और महिलाओं की तस्वीरें सामने आईं, तो दिल दहल गया। हमें इस तरह के आतंकवाद को जड़ से खत्म करना होगा। यह इंसानियत के खिलाफ है।”
मुस्लिम समाज ने की आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और मोमबत्तियां लेकर आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि उनका धर्म बाद में आता है, लेकिन भारत उनकी पहचान है और देश सबसे पहले आता है। मोहसिन खान, जो इस कैंडल मार्च के आयोजकों में से थे, ने कहा, "भारत हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है, और हमने हमेशा देश के लिए अपना योगदान दिया है। जिन लोगों ने धर्म के नाम पर गोली चलाई, वे इंसान नहीं, बल्कि हैवान हैं।"
आतंकवादियों को मिले सख्त सजा की मांग
मुस्लिम समाज ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवादियों को सख्त सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को ढूंढकर उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए। मोहसिन ने आगे कहा कि जब देश की सुरक्षा की बात आती है, तो हर भारतीय मुसलमान अपने खून से इसका रक्षा करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम हमले के दौरान एक स्थानीय मुस्लिम युवक ने आतंकियों से लड़ने की कोशिश की थी, लेकिन आतंकियों ने उसे भी गोली मार दी। यह उदाहरण दर्शाता है कि देश के लिए हर कोई अपने प्राणों की आहुति देने को तैयार है।
कैंडल मार्च ने दिखाई एकता की ताकत
कैंडल मार्च के आयोजक और स्थानीय निवासी मोहसिन खान ने कहा- हमारे लिए देश सबसे पहले है और धर्म बाद में। आज की यह कैंडल मार्च इस बात का प्रतीक है कि हम आतंकवादियों के खिलाफ एकजुट हैं। हमारी आवाज को सरकार तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि सरकार इस हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों को ढूंढे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दे। मार्च के दौरान लोगों ने न केवल आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, बल्कि देश की एकता और अखंडता को भी मजबूत करने का संकल्प लिया। लोगों ने इस कायराना हमले के दोषियों को तुरंत सजा दिलाने की मांग की और कहा कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
AI Saved Women Life: गर्भवती महिला की Chat Gpt की वजह से बच गई जान, पूरा मामला जानकर हो जाएंगे हैरान
AI Saved Women Life: एआई की मदद से दुनियाभर की जानकारी लेने में हम पीछे नहीं हैं। लेकिन आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि एआई से किया गया कोई सवाल आपकी जान भी बचा सकता है। या यूं कहें कि कभी-कभी एक छोटा सा सवाल ज़िंदगी बदल सकता है – या उसे बचा सकता है। हाल ही में अमेरिका की एक महिला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ जब उन्होंने ChatGPT से एक मामूली सवाल सिर्फ़ मज़े में पूछ लिया और AI ने जो जवाब दिया उसे सुनकर तुरंत अस्पताल पहुंच गईं।
बता दें कि नतालिया टैरियन जो कि एक पेशेवर फ़ोटोग्राफ़र हैं और चार्लोट, नॉर्थ कैरोलिना में रहती हैं, वे उस समय आठ महीने की गर्भवती थीं। एक दिन उन्होंने ChatGPT से पूछा – “Why does my jaw feel tight?” यानी “मेरे जबड़े में जकड़न क्यों महसूस हो रही है?” नतालिया को ये लक्षण कोई गंभीर बात नहीं लगे, लेकिन ChatGPT ने तुरंत उन्हें सतर्क किया और कहा कि वे अपना ब्लड प्रेशर चेक करें।
Chat Gpt की सलाह के बाद बुलाई एंबुलेंस
ब्लड प्रेशर चेक करने पर चौंकाने वाला सच सामने आया। जैसा कि नतालिया ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया, उनका ब्लड प्रेशर काफी ज्यादा था। उन्हें लगा कि थोड़ी देर में कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ChatGPT ने बार-बार कहा – “Call an ambulance. Now.”
शुरुआत में नतालिया सोच रही थीं कि वो AI की बात को नजरअंदाज कर दें, क्योंकि उन्हें चक्कर नहीं आ रहे थे और कोई भारी तकलीफ नहीं हो रही थी। लेकिन आखिरकार उन्होंने एम्बुलेंस बुला ली – और यही फैसला उनकी ज़िंदगी का सबसे अहम मोड़ बन गया।
अस्पताल पहुंचते ही बच्चा डिलीवर करना पड़ा
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बताया कि स्थिति बहुत गंभीर है और तुरंत डिलीवरी करनी पड़ेगी। उनका ब्लड प्रेशर 200/146 तक पहुंच चुका था – जो बेहद खतरनाक माना जाता है।
बच्चे का जन्म सुरक्षित हुआ, लेकिन डॉक्टर ने एक ऐसी बात कही जिसने नतालिया को झकझोर दिया। डॉक्टर ने कहा – “अगर आप उस रात सो गई होतीं, तो शायद सुबह नहीं उठतीं।”
डिलीवरी के बाद भी नतालिया का ब्लड प्रेशर लगातार पांच दिन तक बढ़ता रहा। उन्होंने बताया कि एक बार तो उनकी नज़र भी कुछ समय के लिए चली गई थी। “आज भी जब सोचती हूं, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं,” उन्होंने कहा।
इंटरनेट पर वायरल हुआ पोस्ट
नतालिया का ये अनुभव उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया और अब तक उनके पोस्ट को 34 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं। उन्होंने ChatGPT को धन्यवाद देते हुए लिखा – “Thank you, ChatGPT. You saved two lives.” AI तकनीक को जहां अक्सर आलोचना झेलनी पड़ती है, वहीं ये घटना दिखाती है कि सही समय पर सही सलाह कितनी ज़रूरी हो सकती है – चाहे वो इंसान दे या मशीन।
(प्रस्तुति: कीर्ति)
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